भाजपा का सूर्य अस्त होगा? मेरा भारतीय जनता पार्टी के संगठन से सवाल की पार्टी मैं कार्यकर्ता के बलिदान क्या कीमत????????
स्वo Gulfam Singh Yadav नेताओं जी का सफर……
1-पार्टी मैं लगभग 40 साल का सफर
2- पार्टी के लिए लेखपाल की नौकरी छोड़ी
3-भाजपा के आलावा किसी पार्टी मै नहीं गए
4-जब कोई गुन्नौर विधानसभा 111 मैं भाजपा का झंडा पकड़ने से डरते थे और तब मुख्यमंत्री स्वo मुलायम सिंह जी के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा
5- चुनाव के बाद और पार्टी के नेताओं ने झूठे मुकादमे लगाए
6-मुक्कादामों मैं ज़मीन भी बेकनी पड़ी
7-आज कल के नेताओं के बच्चे जो पढ़ाई कर रहे है खुद के बच्चों का भी भविष्य ना देख पाए
8-अपने घर का काम नहीं देखा पार्टी का काम सबसे पहले देखा
9-बूथ अध्यक्ष से लेकर सभी छोटे बड़े कार्यकर्ता को पूरा सम्मान दिया ये बात हर कार्यकर्ता जनता होगा
10-घर से दूर रहना पड़ा
11- सभी कार्यकर्ताओ को ऊर्जा दी
12-आरएसएस के लिए काम किया
आज कल कार्यकर्ता अपने ऊपर किसी पार्टी के पदादिकारी को कॉल करें तो आज के नेताओं एक बार मैं फ़ोन नहीं उठाते और बह रात को एक बजे भी उनके कान मैं घंटी सुनाई दी तो कॉल उठती थी
और मैं उनके बारे मैं क्या कहु बहुत कुछ है मैंने उनके जैसा साफ छवि ईमानदार नेताओं ना मुझे कभी मिलेगा और ना मैंने देखा आज हमारे बीच नहीं है पर उनका बनाया हुआ कार्यकर्ता कभी उन्हें ना भूल सकता और ना अपने दिल. से निकल सकता
**** भाजपा पार्टी ने उन्हें क्या दिया ये भी सुन लो ज़ब उत्तर प्रदेश मैं पार्टी मैं इतना दम नहीं था तब उन्होंने पार्टी मैं संघर्ष करने को पद दिए
उनके बड़े बेटे Divya Prakash Yadav जी को 2.5 वर्ष के लिए ब्लॉक प्रमुख बनाया और नेता जी को पार्टी मैं उपाध्यक्ष के ही पद दिए
जो फिर उनके बड़े बेटे को. ही 2021 मैं ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ाया नेता जी ईमानदार और भरोसेमंद थे और अपनी पार्टी मैं कुछ बाहरी आये हुए लोगो पर भरोसा कर बैठे और उनके उस भरोसे को उन नेताओं ने तोड़ते हुए उनके बेटे को. दो वोट से हरवा दिया मैंने उस दिन देखा की भाजपा की सरकार मैं ही प्रशासन भी बिक गया पार्टी के लोग बिक गए!और फिर एक दिन ऐसा आया नेता जी उस राजनीती के कारण अपने प्राण भी गवाने पड़े विपक्ष के ब्लॉक प्रमुख के लोगो ने सड़यंत्र रचकर उनकी हत्या कर दी य
ये मिला नेता जी को अपनी ईमानदारी का तोहफा
पार्टी उनके परिवार के बारे.मैं कुछ नहीं सोच रही उनके. दो बेटे है उनके एक बेटे को गुन्नौर विधान सभा 111 से भारतीय जनता पार्टी से टिकट देना चाहिए जो की हर कार्यकर्ता को लगे की जितना हम पार्टी को समझते है उतना पार्टी हमारे बारे मैं भी सोचती है और उन वोट बाले नेताओं से बोला जाये की आप पार्टी के लिए काम करते है तो अब भाई दिव्यप्रकाश जी को वोट डलवाये जो हमारी गुन्नौर विधानसभा मैं बोलते है की हम पर 1 लाख खुद का वोट है और इससे ये भी पता चलेगा की बो पार्टी के लिए कितने ईमानदार है
बस मेरा संघठन के और पार्टी के उच्च पदाधिकारियों से यही विनती है उस परिवार के बारे मैं पार्टी सोचे जिसने अपनी पार्टी को माँ समझकर उस पार्टी के लिए अपने प्राण भी गवा दिए!!!