जिले के 21 उद्यमियों ने पांच दिन में बनाए बड़े कारोबारी रिश्ते
गुड़ की ओमान से मांग और नन्ही कली गुड़िया को बरेली से मिला 500 पीस का आर्डर
बागपत। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो बागपत के उद्यमियों के लिए महज प्रदर्शनी नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के कारोबार और नए बाजारों के दरवाजे खोलने वाला मंच साबित हुआ। ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में पांच दिन तक जिले के 21 उद्यमियों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। देश-विदेश के खरीदारों से मिले आर्डर, मौके पर हुई बिक्री और नए कारोबारी संपर्कों ने बागपत के कारोबार को नई रफ्तार दी। बागपत का गुड़ ओमान के बाजार तक पहुंचने की तैयारी में है, जबकि महिलाओं के उत्पादों ने भी खरीदारों का ध्यान खींचकर आर्थिक सशक्तिकरण की नई तस्वीर पेश की।
ओमान तक पहुंचेगी गुड़ की मिठास
ग्रेटर नोएडा में सम्पन्न हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में जिले के पारंपरिक गुड़ और उससे जुड़े उत्पादों को देश के साथ विदेशी बाजार से भी प्रतिक्रिया मिली। चारवेदा ऑर्गेनिक के उत्पादों में ओमान के कारोबारियों ने रुचि दिखाई और गुड़ के लिए 15 लाख रुपये से अधिक के व्यापारिक समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ी। पांच दिनों में करीब चार क्विंटल से अधिक गुड़ के पैकेट की बिक्री हुई। मोटे अनाज से बने बिस्कुट की भी मांग रही। इससे बागपत के पारंपरिक उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलने की संभावना मजबूत हुई है।
कपड़ा क्षेत्र में भी बागपत के उद्यमियों को बड़े खरीदार मिले। खेकड़ा की नसरीन टेक्सटाइल को दिल्ली और सूरत के व्यापारियों से 15 लाख रुपये से अधिक के आर्डर मिले, जबकि बेडशीट की बिक्री से उनकी सभी फर्म को करीब 8.5 लाख रुपये का कारोबार हुआ। अमीनगर सराय के अग्रवाल मिष्ठान भंडार से जुड़े दीपक अग्रवाल ने भी पांच दिनों में लगभग 2 लाख का व्यापार होने की बात कही है। सिंधानम इंटरनेशनल टेक्सटाइल समेत अन्य इकाइयों को भी नए व्यापारिक संपर्क और आर्डर मिले। इस दौरान दा राइजिंग सन, बंसल टेक्सटाइल, त्रिसव टेक्सटाइल, वीवर्स प्वाइंट बड़ागांव, शाहिद टेक्स इंडिया, वाया होम्स खेकड़ा, विनय एक्सपोर्ट बागपत, नौशाद अली हैंडलूम बड़ागांव और मास्टर वीवर्स कोआपरेटिव सोसाइटी खेकड़ा ने भी उत्पाद प्रदर्शित किए।
महिलाओं के हुनर को बाजार, नन्ही कली गुड़िया अब बरेली जाएगी
ट्रेड शो में बागपत की नन्ही कली गुड़िया ने महिला सशक्तिकरण को कारोबार से जोड़ने की मिसाल पेश की। गुड़िया बनाने से जुड़ी महिलाओं के लिए यह उत्पाद केवल हस्तशिल्प नहीं, बल्कि आय का जरिया और बाजार से सीधे जुड़ने का माध्यम बन रहा है। ट्रेड शो में उत्पाद पसंद आने के बाद बरेली के एक एनजीओ ने करीब 500 नन्ही कली गुड़िया बनाने का आर्डर दिया है। इस आर्डर के साथ बागपत की नन्ही कली गुड़िया अब दूसरे जिलों में भी अपनी पहचान बनाएगी। स्थानीय स्तर पर तैयार यह उत्पाद जब नए जिलों के बाजार तक पहुंचेगा तो इससे जुड़ी महिलाओं के काम को भी विस्तार मिलेगा। ट्रेड शो ने महिलाओं के उत्पादों को खरीदारों से सीधे जोड़कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण को नया आधार दिया।
उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह ने कहा कि पांच दिन के आयोजन में बागपत के उद्यमियों ने बिक्री के साथ नए खरीदार, कारोबारी संपर्क और भविष्य के बाजार हासिल किए। करोड़ों रुपये का सामूहिक कारोबार, ओमान से गुड़ की मांग और बरेली तक नन्ही कली गुड़िया का पहुंचना बताता है कि बागपत के स्थानीय उत्पाद अब जिले की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहे हैं।
सूचना विभाग बागपत