हादसों का कारण बन रहे पुराने वाहन घटेंगे तो सुरक्षित होंगी बागपत की सड़कें
10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने पेट्रोल और बीएस-III व उससे नीचे के वाहनों पर हो रही कार्रवाई
बागपत, 22 सितंबर 2026 — सड़क पर हर जान कीमती है। इसी सोच के साथ बागपत में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण की चुनौती बढ़ाने वाले पुराने और निर्धारित उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी के एनसीआर संबंधी निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी के निर्देशन में एआरटीओ विपिन कुमार के नेतृत्व में विभाग ऐसे वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई कर रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से खड़े पुराने वाहनों को भी अभियान में शामिल किया गया है।
यह अभियान केवल पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ा है। बागपत में बाजारों और मुख्य मार्गों पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। ऐसे में निर्धारित आयु पूरी कर चुके या जर्जर स्थिति में पहुंच चुके वाहनों के सड़क पर दौड़ने से वाहन में तकनीकी खराबी आने, बीच सड़क बंद होने अथवा नियंत्रण प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। पुराने मॉडल के वाहनों में हेडलाइट, ब्रेक, टायर, इंडिकेटर, स्टीयरिंग और सस्पेंशन जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं कमजोर या खराब होने से सड़क पर जोखिम बढ़ सकता है। इससे वाहन में सवार लोगों के साथ आसपास चल रहे दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और अन्य वाहन सवारों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि परिवहन विभाग की कार्रवाई को केवल चालान या जब्ती की कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि सड़क पर जोखिम कम करने की पहल है। वाहन मालिक भी अपने वाहनों की स्थिति को लेकर सतर्क रहें और निर्धारित आयु, फिटनेस तथा उत्सर्जन मानकों की जानकारी समय रहते कर लें, ताकि सड़क पर किसी दूसरे की सुरक्षा भी खतरे में न पड़े।
दूसरी ओर, इसका सीधा संबंध बागपत की हवा से भी है। एनसीआर में पुराने वाहनों के संचालन पर निर्धारित प्रतिबंध का एक महत्वपूर्ण पक्ष प्रदूषण नियंत्रण भी है। लंबे समय से चल रहे पुराने वाहनों से उत्सर्जन की समस्या बढ़ सकती है और इसका असर उन लोगों पर पड़ता है जो रोज बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन करते हैं। इसलिए अभियान के तहत ऐसे वाहनों की पहचान, कार्रवाई और अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा तक पहुंचाने की प्रक्रिया को सड़क सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया है। वाहन स्वामियों के लिए संदेश यही है कि कार्रवाई की नौबत आने का इंतजार करने के बजाय अपने वाहन की पहली पंजीकरण तिथि, ईंधन और उत्सर्जन श्रेणी की जांच कर लें। नियमों का समय पर पालन करने से एक तरफ वाहन मालिक अनावश्यक परेशानी से बच सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा और बागपत के पर्यावरण को बेहतर रखने में भी योगदान दे सकते हैं।
एनसीआर में पुराने वाहनों के प्रवर्तन को लेकर परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने 5 सितंबर 2026 को विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी की है। इसमें वाहन की पहचान और जब्ती से लेकर सुरक्षित अभिरक्षा, अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी तक पहुंचाने, वाहन मालिक को सूचना देने, दावा निस्तारण और स्क्रैपिंग तक की प्रक्रिया तय की गई है। एसओपी में मोटर व्हीकल्स (रजिस्ट्रेशन एंड फंक्शन्स ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी) रूल्स, 2021, सुप्रीम कोर्ट के 17 दिसंबर 2025 के आदेश और सीएक्यूएम की कार्यवाही का भी संदर्भ दिया गया है।
कार्रवाई की सीधी श्रेणी भी तय है। दस साल की आयु पूरी कर चुके डीजल वाहन, 15 साल पूरे कर चुके पेट्रोल वाहन तथा बीएस-III और उससे नीचे के उत्सर्जन मानक वाले वाहन प्रवर्तन कार्रवाई के दायरे में आएंगे। वहीं बीएस-IV और उससे ऊपर के वाहनों पर इस एसओपी के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी। 13 मार्च 2026 को सीएक्यूएम की 24वीं बैठक में पुराने वाहनों के प्रवर्तन की समीक्षा एवं एनसीआर के अन्य जनपदों को भी बीएस-III और उससे नीचे के वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा स्थिति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे।
वाहन पकड़ने में भी रिकॉर्ड की जांच होगी। प्रवर्तन अधिकारी वाहन का पंजीकरण नंबर, ईंधन का प्रकार, प्रथम पंजीकरण की तारीख और उपलब्ध उत्सर्जन मानक वाहन पोर्टल के अभिलेखों से सत्यापित करेंगे। निर्धारित आयु या उत्सर्जन श्रेणी में आने पर एसओपी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।कार्रवाई के बाद वाहन को मनमाने ढंग से कहीं नहीं रखा जाएगा बल्कि संबंधित पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के प्रतिनिधि से समन्वय कर वाहन को केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। प्रवर्तन अधिकारी सीजर मेमो तैयार करेंगे और इसकी प्रति वाहन मालिक को उपलब्ध कराई जाएगी। वाहन चलने की स्थिति में उपयुक्त व्यवस्था से और चलने योग्य न होने पर टोइंग या क्रेन आदि के माध्यम से उसे पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा तक पहुंचाने का प्रावधान है।
पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में पहुंचते ही वाहन का रिकॉर्ड भी तैयार होगा। वाहन प्राप्त करते समय उसके चारों ओर से फोटो और वीडियो लिए जाएंगे। वाहन की हालत, उसमें मौजूद सामान और अन्य जरूरी विवरण दर्ज किए जाएंगे। वाहन की सुरक्षित अभिरक्षा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा संचालक की जिम्मेदारी होगी और परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू रखने का प्रावधान किया गया है। वाहन को निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में रखने तथा चोरी, क्षति या किसी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
वाहन मालिक को सूचना दिए बिना प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में वाहन पहुंचने के बाद उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर या अन्य उचित माध्यम से मालिक को सूचना दी जाएगी। जब्ती की तारीख से 30 दिन के भीतर वाहन मालिक संबंधित प्रवर्तन अधिकारी अथवा जनपद के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रारूप में दावा प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त दावे की उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जांच की जाएगी। अभिलेखों की जांच में वाहन इस एसओपी के तहत कार्रवाई के योग्य नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार उसे अवमुक्त किया जा सकता है। वहीं यदि अभिलेखों में बीएस-III या उससे नीचे का मानक दर्ज है, लेकिन वाहन मालिक बीएस-IV अथवा उससे ऊपर का दावा करता है, तो उसके प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
दावा खारिज होने पर भी रास्ता बंद नहीं होगा। वाहन मालिक संबंधित अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध 15 दिन के भीतर संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)/अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष शिकायत या अपील प्रस्तुत कर सकता है। एसओपी में इसके निस्तारण की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। यदि 30 दिन की निर्धारित अवधि में वाहन मालिक की ओर से कोई दावा नहीं आता है तो संबंधित प्रवर्तन अधिकारी की अनुमति के बाद वाहन को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा संचालक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए रखा जाएगा। जिन वाहनों के संबंध में निर्धारित समय में कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया गया है, उनके स्क्रैपिंग की प्रक्रिया भी एसओपी के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि ऐसे वाहन जो अपनी आयु सीमा पूर्ण कर चुके हैं एवं एनसीआर क्षेत्र से बाहर के जनपद के वाहन एनसीआर क्षेत्र में संचालित पाए जाते हैं तो एक बार उनका चालान करके और ग्रीन टैक्स वसूलकर उन्हें छोड़ दिया जाएगा जबकि अगर दोबारा पुनः इस अवस्था में वाहन पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी गाइडलाइन के अनुरूप स्क्रेपिंग की कार्यवाही की जाएगी। टोइंग का शुल्क भी पहले से तय है। एसओपी के अनुसार दोपहिया/तीन पहिया वाहन के लिए ₹200, हल्के यात्री वाहन के लिए ₹400, हल्के माल वाहन के लिए ₹1,000, मध्यम यात्री वाहन, भारी यात्री वाहन, मध्यम माल वाहन और भारी माल वाहन के लिए ₹1,500 तथा मल्टी-एक्सल ट्रेलर के लिए ₹2,000 टोइंग शुल्क निर्धारित किया गया है। वाहन को टो किए जाने के 48 घंटे बाद प्रतिदिन या दिन के किसी हिस्से के लिए संबंधित श्रेणी के अनुसार पार्किंग/अभिरक्षा शुल्क देय होगा। 48 घंटे के बाद लागू पार्किंग/अभिरक्षा शुल्क में दोपहिया/तीन पहिया वाहन के लिए ₹200 प्रतिदिन, हल्के यात्री वाहन के लिए ₹500, हल्के माल वाहन के लिए ₹1,000, मध्यम और भारी यात्री/माल वाहनों के लिए ₹1,500 तथा मल्टी-एक्सल ट्रेलर के लिए ₹2,000 प्रतिदिन निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित दर से अधिक टोइंग या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा और शुल्क की रसीद वाहन मालिक को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
स्क्रैपिंग की प्रक्रिया भी अधिकृत केंद्र से ही होगी। वाहन मालिक की ओर से स्वेच्छा से स्क्रैपिंग कराने की स्थिति में भी अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से निर्धारित स्क्रैपिंग नीति और समय-समय पर जारी मूल्य निर्धारण संबंधी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। स्क्रैप मूल्य के संबंध में निर्धारित दर के अनुसार भुगतान की व्यवस्था है। एसओपी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वाहन की जब्ती, अभिरक्षा, टोइंग, दावे और स्क्रैपिंग की प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखा जाएगा। उप परिवहन आयुक्त, मेरठ परिक्षेत्र कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
कार्रवाई के साथ देनदारी का भी निस्तारण होगा। निर्धारित प्रक्रिया के बाद वाहन अवमुक्त नहीं होने की स्थिति में एसओपी के अनुसार ₹5,000 पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तथा फिटनेस, बीमा, परमिट, लंबित चालान और अन्य वैधानिक देयताओं/अभियोगों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।परिवहन विभाग के अनुसार अभियान का मकसद केवल पुराने वाहनों को सड़क से हटाना नहीं, बल्कि एनसीआर में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। सड़क पर पुराने और निर्धारित मानकों से नीचे के वाहनों पर नियंत्रण से सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण, दोनों को लेकर व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास है।
एआरटीओ विपिन कुमार ने जनपद के वाहन मालिकों से अपील है कि वे अपने वाहन की प्रथम पंजीकरण तिथि, ईंधन श्रेणी और उत्सर्जन मानक की जानकारी रखें। यदि वाहन निर्धारित श्रेणी में आता है तो अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा और परिवहन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें। प्रशासन की कार्रवाई के साथ नागरिकों की जागरूकता और सहयोग से सुरक्षित सड़क और स्वच्छ हवा वाले बागपत की दिशा में अभियान को मजबूती मिलेगी।
सूचना विभाग बागपत