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पुलिस प्रशासन भी उन्हीं पर रोब झाड़ता है जो पुलिस प्रशासन को दिल से सम्मान देता है सच्चे मन से सम्मान देता है। राखी कश्यप ने किसका मर्डर किया यहां पर यह बात में नहीं कहना चाहूंगा लेकिन एक बात जरूर कहूंगा जो महिला अपने मां-बाप के कंट्रोल में नहीं है अपने सास ससुर के पति के खाने में नहीं है जिसे अपने परिवार की महिला पुरुषों की कोई परवाह नहीं है जो अपने हुकुम चलाना चाहती है जो अपने आप को सक्षम समझने लगे और अपनी नौकरी अपने व्यापार अपने रंग रूप आदि का घमंड करने लगे उसको कोई सुधार नहीं सकता एक दिन कहते हैं समय बड़ा बलवान होता है किसी न किसी दिन समय उसको समझा देता है यही बात पुरुषों पर भी लागू होती है जो पुरुष अपने बड़े बुजुर्गों का मान सम्मान नहीं करता और न जाने किस घमंड में जीना चाहता है एक दूसरे की बात नहीं मानता एक न एक दिन उसका भी हर्ष बुरा होता है। उसे भी अगर कोई समझ सकता है तो वह समय है समय एक न एक दिन उसे पुरुष को भी समझा देता है। विक्रांत–राखी केस: मोबाइल से खुल सकते हैं कई ‘बड़े चेहरों’ के राज ऐसी जानकारी में आया है। फिल्मी नहीं फिल्मी कहानी जैसे मर्डरकुछ दिन पहले प्रेमिका ने डूडा कर्मी को मौत के घाट उतारा, इसके बाद साथियों ने युवती को भी मौत के घाट उतारा लोग कह रहे हैं यह सच्चा खुलासा नहीं है Hellspin Casino Australia: Fair Dinkum Pokies and Ripper Bonuses

तीन दिन की जंग के बाद टूटा प्रशासन का घमंड, शिक्षक अपमान कांड में दर्ज हुआ मुकदमा

श्यामलाल निषाद की रणनीति ने तोड़ी पुलिस की चुप्पी, FIR दर्ज, वीडियो से होगी पहचान Viral सुलतानपुर। जिले के धनपतगंज थानाक्षेत्र के समरथपुर के बेसिक शिक्षक ओम प्रकाश का अपमान…

AI के युग में खतरे में पड़े कौशल और भविष्य में कैसे बनाएं अपनी जगह

AI की वजह से कौन-कौन से कौशल खतरे में हैं और हमें क्या करना चाहिए? हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हमारी दुनिया में क्रांति ला दी है।…

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राखी कश्यप ने किसका मर्डर किया यहां पर यह बात में नहीं कहना चाहूंगा लेकिन एक बात जरूर कहूंगा जो महिला अपने मां-बाप के कंट्रोल में नहीं है अपने सास ससुर के पति के खाने में नहीं है जिसे अपने परिवार की महिला पुरुषों की कोई परवाह नहीं है जो अपने हुकुम चलाना चाहती है जो अपने आप को सक्षम समझने लगे और अपनी नौकरी अपने व्यापार अपने रंग रूप आदि का घमंड करने लगे उसको कोई सुधार नहीं सकता एक दिन कहते हैं समय बड़ा बलवान होता है किसी न किसी दिन समय उसको समझा देता है यही बात पुरुषों पर भी लागू होती है जो पुरुष अपने बड़े बुजुर्गों का मान सम्मान नहीं करता और न जाने किस घमंड में जीना चाहता है एक दूसरे की बात नहीं मानता एक न एक दिन उसका भी हर्ष बुरा होता है। उसे भी अगर कोई समझ सकता है तो वह समय है समय एक न एक दिन उसे पुरुष को भी समझा देता है।

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