खाने का तात्पर्य यह है कि चाहे महिला हो चाहे पुरुष हो जो परिवार पारिवारिक बंधन में बंद के चलता है पारिवारिक प्रोटोकॉल को मानता समझता है और उनका सम्मान करता है उनका पालन करता है या करती है उसे पर हमेशा भगवान की समय की सामान्य दृष्टि बनी रहती है।
यहां पर रखी कश्यप का उदाहरण नहीं है बहुत सारी महिलाओं का उदाहरण है अभी भी समय है सामाजिक ताने-बाने को नहीं तोड़ना चाहिए नहीं टूटने देना चाहिए कई बार कानून भी गलत होते हैं और कानून भी गलत बन जाते हैं 18 साल का बच्चा बच्ची और 21 साल का लड़का एकदम से मालिक नहीं हो जाता उसको सामान्य बुद्धि नहीं आ जाती लेकिन कानून उसे एकदम से सामान्य बुद्धि वाला हस्त पोस्ट तंदुरुस्त सामान्य विवेक वाला पुरुष महिला समझ लेता है जबकि उसे सामान्य ज्ञान की जानकारी नहीं होती सामान्य परिवार की जानकारी नहीं होती और वह कानून के घमंड में सामाजिकता ने अपने को तोड़ बैठता है बागपत जनपद के सरूरपुर गांव का मैं उदाहरण देता हूं हमारे समाज में ही शायद तू का लड़का हो और चाचा की लड़की हो कोर्ट मैरिज करके सरूरपुर में रह रहे हैं यह लगभग 6 या 7 वर्ष पूर्व की बात हो सकती है मैं भी उन्हें समझाने के लिए गया था लेकिन पुलिस ने कहा कि उनकी तरफ आंख उठाकर भी किसी ने देखा तो या तो डंडा होगा पुलिस का या फिर वह होगा सब चुपचाप बैठ के सामाजिक लोग डर के मारे कानून के पीछे हट गए नतीजा सामाजिक ताना-बाना टूट गया अभी भी समय है सरकार को सामाजिक ताने-दाने को भी ध्यान में रखते हुए कानून में बदलाव या बनाना चाहिए लाइव इन रिलेशन रखैल जिसको हम देसी भाषा में बोल सकते हैं लोग बोलते भी है यह राजाओं महाराजाओं में हुआ करते थे लेकिन सरकार ने अब इसकी भी इजाजत देती है क्या आजकल पुरुष महिला लाइव इन रिलेशन के प्रमाण पत्र बनाकर भले चंगे घरों को बर्बाद कर रही है तोड़ रही है ना जाने किस घमंड में महिला पुरुष जी रहे हैं सामाजिक ताना-बाना भी जरूरी है कानून भी जरूरी है।
अगर सामाजिक ताना-बने होता और महिला को पुरुष को कानून का घमंड लाइव इन रिलेशन रखैल का सहारा ना होता तो आज यह दोनों युवक विक्रांत और राखी कश्यप जीवित होते और ऐसे ही न जाने हजारों लाखों महिला पुरुष जीवित होते और भविष्य में भी अगर इन कानून पर लाइव इन रिलेशन और सामाजिक मर्यादा वाले कानून जो बहन भाई चाचा ताऊ की बहन बेटी मां फूफा की बहन बेटी बेटे की शादी से बचाव हेतु कोई कानून बनाया जाए तो भविष्य में लाखों महिला पुरुष के कारण मौत के घाट नहीं उतरेंगे उनकी जान बचाई जा सकती है फिर भी हम तो यही कहेंगे कि भारत का कानून बहुत अच्छा है और हम सबको भारत के कानून को मनाना चाहिए हम भी भारत के कानून को मानते हैं हमारा कानून है हमने ही बनाया है और हमारे लिए ही बना है इसलिए हम सबको अपने कानून को मनाना चाहिए जय हिंद जय भारत जय कश्यप समाज भारत माता की जय
