Spread the love

बताना चाहूंगा कि बागपत जनपद में हमने कई बार अपने सांस्कृतिक सामाजिक राजनीतिक कार्यक्रम करने के लिए अनुमति मांगी लेकिन हमें अल्लै बल्ले टल्ले दे कर और न जाने कौन कौन से बहाने बन बनकर हमारा उल्लू बना बनकर हमें अनुमति नहीं देते जबकि हम कानून का सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं सबसे ज्यादा पुलिस फोर्स प्रशासन का सच्चे मन से सम्मान करते हैं और हमें ही अनुमति नहीं देते।

एक बार की बात बताता हूं बाजितपुर गांव में शायद 2021 की बात हो हमने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम अपने गांव बाजितपुर में करना था बड़ी मुश्किल से हमें यानी यूं कहिए खूब लड़ाई झगड़ा हाथ जोड़ निवेदन कर बहस कर तब अनुमति मिली थी और वह भी रात्रि के समय कमाल की बात तो देखिए सुबह लगभग 4 बजे इंस्पेक्टर कोतवाली बड़ौत साहब का फोन आता है। कि
तुम्हारे कार्यक्रम की अनुमति रद्द हो गई है और अब आप सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं कर सकते, सारी तैयारी धरी की धरी रह गई और खास बात यह थी कि अब जाए तो जाए कहां जाए किसके पास जाए क्या कहे क्या करे पुलिस की तो एक बात लगी अनुमति रद्द कर दी।
टेंट का सामान टेंट का किराया कुर्सी का सामान कुर्सी का किराया स्टेज और जो लोग आने वाले थे मना कैसे और किस मुंह से करे, जो पहुंच गए उनको कैसे संभाले ऐसी हालत हम लोगों की पुलिस प्रशासन ने करके छोड़ा था कहीं का नहीं छोड़ा था पूरा खर्च हो गया लेकिन छोटा सा भी कार्यक्रम नहीं हुआ इससे अच्छा तो हम अनुमति न मांगते और अपने कार्यक्रम जैसे करते आ रहे हैं वैसे ही कर लेते हमने सोचा था कि पुलिस प्रशासन को भी सम्मान देना चाहिए लेकिन नहीं, हमें तो उल्टा ही पड़ गया, ये अनुमति वाला कार्यक्रम, पुलिस प्रशासन को सूचना दी हुई अनुमति मांगी कार्यक्रम गले पड़ गया,
एक और उदाहरण
पिछले वर्ष 5 अप्रैल को भी कस्बा खेकड़ा में भंडारा महर्षि कश्यप जयंती के लिए हमने अनुमति मांगी वह भी नहीं दी,

5 अप्रैल 2026 को भी गांव बाजितपुर में भगवान महर्षि कश्यप प्रतिमा स्थापित और जयंती मनाने के लिए अनुमति मांगी वह भी इसलिए क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा प्रतिमा की भगवान महर्षि कश्यप जी की प्रतिमा की स्थापना करनी थी लेकिन पुलिस प्रशासन ने अनुमत नहीं दी आज भी भगवान महर्षि कश्यप की प्रतिमा हमने स्थापित नहीं की, क्योंकि गांव में परिक्रमा भी करनी है बिना परिक्रमा के मूर्ति स्थापना होगी नहीं जो पहले मूर्ति स्थापना थी कश्यप धर्मशाला को पूर्व केंद्रीय मंत्री पूर्व सांसद बागपत लोकसभा आदरणीय सतपाल सिंह जी के कोटे से री कंस्ट्रक्शन करने के लिए वह वहां से हटाई गई थी अब वही मूर्ति वहीं पर लगानी थी लेकिन इसके लिए भी अनुमति पुलिस फोर्स ने नहीं दी क्योंकि हम लोग पुलिस प्रशासन कानून का शब्द स पालन करते हैं सम्मान करते हैं

और एक खास बात और बताता हूं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा शाहमल जी की प्रतिमा सार्वजनिक जगह बड़ौत थाने में स्थापित की गई शायद उनके जो 32 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद हुए उनकी प्रतिमा नहीं लगाई गई क्या वे वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं थे जिन्हें बिज़रोल गांव में बरगद के पेड़ पर फांसी देकर शहीद कर दिया था अंग्रेजों ने बड़ौत थाने में जो प्रतिमा लगी है क्या वह सही जगह है क्या बाबा शाहमल जी का सही सम्मान हो रहा है, क्या उनकी प्रतिमा लगाने के लिए किसी से अनुमति ली गई किसी की हिम्मत ही नहीं है जो मुंह खोल दे जबकि क्षेत्र में यह भी दबी जबान चर्चा है कि दबंगई की भी हद होती है जिसकी दबंगई चल रही है बस चल रही है। और नियम कानून को ठेंगा खादी और खाकी की आड़ में दिखा जा रहा है।
जबकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा शाहमल जी की शहादत बागपत जनपद के थाना बड़ौत के बड़का गांव के क्षेत्र में हुई थी। बड़का गांव में जहां पर उनकी शहादत हुई थी वहां पर एक सुंदर स्मारक बनाकर परम पूजनीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा शाहमल जी की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए थी जहां उनका सही सम्मान होता।
और जो दबी जुबान विरोध कर रहे हैं उनका भी मुंह बंद हो जाता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

अपने अखबार या पत्रिका (Print Media) को केंद्रीय संचार ब्यूरो (Central Bureau of Communication – CBC) से जोड़ने यानी एम्पैनलमेंट (Empanelment) कराने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होता है।इसके माध्यम से आपके अखबार को सरकारी विज्ञापन मिलने की प्रक्रिया शुरू होती है।जरूरी शर्तें और प्रक्रिया RNI / PRGI रजिस्ट्रेशन: आपके समाचार पत्र के पास प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI / RNI) का वैध पंजीकरण होना चाहिए।नए नियमों के तहत प्रेस सेवा पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाती है।आधिकारिक वेबसाइट: सीबीसी से जुड़ने या आवेदन करने के लिए आपको केंद्रीय संचार ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट https://cbcindia.gov.in पर जाना होगा।ऑनलाइन आवेदन विंडो: सीबीसी समय-समय पर नए प्रकाशनों (Publications) के एम्पैनलमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करता है। जब पोर्टल पर आवेदन विंडो खुली हो, तब आप वेंडर या पब्लिशर पोर्टल पर जाकर अपने अखबार के कागजात और डिटेल्स के साथ अप्लाई कर सकते हैं। बिना किसी एजेंट के सतर्क रहें:सीबीसी स्पष्ट करता है कि एम्पैनलमेंट पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर होता है। इसके लिए किसी भी एजेंट या बिचौलये को रिश्वत या कमीशन न दें।लेटेस्ट अपडेट्स और आवेदन फॉर्म भरने के लिए सीधा CBC Vendor Login / Website पर विजिट करें।

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×