नेपाल के सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक दंगे से मैं भी चिंतित हूँ। मैं उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर का रहने वाला हूँ जिसकी उत्तरी सीमा नेपाल से लगती है। उत्तरप्रदेश के 7 जिलों,सिद्धार्तनगर, महराजगंज, बलरामपुर,बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत की सीमाएँ नेपाल से लगती है। नेपाल के मधेश प्रांत में भारतीय मूल के लोग सैकड़ों वर्षों से रहते है जिन्हें वहाँ मधेशी कहा जाता है। उत्तरप्रदेश के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल,सिक्किम और उत्तराखंड की सीमाएँ भी नेपाल से लगती है। भारत का नेपाल से “रोटी-बेटी” का संवन्ध है। वहाँ भी वही धर्म, जाति के लोग रहते है जैसा भारत में रहते है। नेपाल एक हिंदू राष्ट्र रहा है लेकिन राजशाही के बाद आई कई सरकारें ,तुष्टिकरण की नीति पर चलकर हिंदू राष्ट्र के नाम को हटा दिया।
पहले वहाँ सांप्रदायिक घटनाएं नहीं होती थी। अब भी शुरुआती दौर से बसे हिंदू-मुसलमान प्रेम से रहते है।नेपाल की अस्थिरता का लाभ उठाकर आतंकवादियों और कट्टरपंथी तत्वों ने नेपाल में अपने अड्डे बना लिए। सीमा पर मस्जिद-मदरसे “डीप-स्टेट” की मदद से भारी मात्रा में बन गए।वहाँ भारत विरोधी आतंकी संगठनों और कट्टरपंथियों के स्थाई अड्डे बन गये। पाकिस्तानी आतंकी संगठन का सरगना हाफिज सयीद तो वहाँ अपने तंज़ीम का “इंडिया कमांडर” नियुक्त करने लगा जिसका एक ही काम था, भारत में आतंकी घटनाएं करवाना और भारत को इस्लामिक इंडिया( ग़ज़वा-ए- हिन्द” में परिवर्तित करना। हाफ़िज़ का गुर्गा अबू सैफुल्ला ख़ालिद ने वर्ष 2000 में विनोद कुमार बनकर अपना अड्डा काठमांडू में बनाया और भारत के मुस्लिमों को जोड़कर वर्ष 2005 दिसंबर में बंगलौर में इंडियन साइंस कांग्रेस पर हमला करवाया जिसमें दिल्ली आईआईटी के प्रोफ़ेसर पूरी मारे गए। वर्ष 2006 में आरएसएस मुख्यालय नागपुर और 31-12-2007 की रात में रामपुर सीआरपीएफ ग्रुपसेंटर पर हमला करवाया जिसमें सीआरपीएफ के सात जवान मारे गये।
मैंने ही इन मामलो की विवेचना कराई और पाकिस्तानी सैफुल्ला खालिद के बाद शबाउद्दीन निवासी मोतिहारी बिहार के इंडिया कमांडर को गिरफ्तार करवाया जो उन घटनावों में शामिल था और सैफुल्ला के बाद लश्कर का “इंडिया कमांडर” बना।पाकिस्तानी मोहम्मद फारूख और इमरान शहज़ाद तथा रामपुर और मुरादाबाद के कई आतंकी पकड़े गए।
पाकिस्तानी आईएसआई और हाफिज सईद ने मिलकर “इंडियन मुजाहिदीन” बनाया जिसने आज़मगढ़ के 23 पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकी शामिल थे जिन्होंने उत्तरप्रदेश, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, बंगलुर, पुणे, हैदरवाद, बोधगया, गुवाहाटी आदि में ब्लास्ट करवाये जिसमे क़रीब 1000 लोग मारे गए।
2014 में जब देश में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनी तब इन आतंकियों पर प्रभावी कार्यवाही हो सकी।
नेपाल में हुई सांप्रदायिक दंगे हम भारतीयों के लिए भी चिंताजनक हैं। हमें नेपाल सरकार से तालमेल बनाकर नेपाल में रह रहे पाकिस्तानी, बांगलादेशी, रोहंगिया घुसपैठियों पर समन्वित कार्यवाही करनी होगी जो दोनों देशों के हित में होगा। भारत नेपाल में आतंकियों के अड्डे बर्दास्त नहीं कर सकता जिनके निशाने पर भारत है। वंदे मातरम्।
Brij Lal IPS Retd
Ex-DGP UP
Member of Parliament(Rajya Sabha)
Dated New Delhi August 5,2026.