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श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम में नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व आठमान भंडारा कार्यक्रम में शामिल हुए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी

माननीय मुख्यमंत्री जी ने लाल चंदन का पौधा रोपित कर पौधारोपण का दिया संदेश

आज ही के दिन अटल जी ने पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण कर दुनिया को दिखाई थी भारत की शक्ति: माननीय मुख्यमंत्री जी

बागपत, 11 मई2026—
जनपद बागपत के तहसील बड़ौत अंतर्गत ग्राम मोजीजाबाद नांगल स्थित श्री शिव गोरखनाथ आश्रम खोखरा में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम में नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व आठमान भंडारा कार्यक्रम में शामिल हुए।

नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने नवनाथ स्वरूप दर्शन एवं नवनाथ मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित आठवां भंडारा कार्यक्रम में सहभाग किया। उन्होंने श्री नवनाथ स्वरूप दर्शन में श्री अचलअचम्बेनाथ जी, श्री गंजकन्थडनाथ जी, श्री चौरंगी नाथ जी, श्रीमत्स्येन्द्रनाथ जी, श्री गुरु गोरक्षनाथ जी, श्री आदिनाथ जी, श्री उदयनाथ जी, श्री सत्यनाथ जी एवं श्री संतोषनाथ जी की मूर्तियों में विधिवत प्राण प्रतिष्ठा कर उनका अनावरण किया। इसके उपरांत उन्होंने संत छोटे लाल एवं लछीनाथ जी की समाधि स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री जी ने यज्ञशाला में पहुंचकर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य यज्ञ में पूर्णाहुति दी तथा मंदिर परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2023 में लगाए गए रुद्राक्ष के पौधे का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी सत्संग भवन पहुंचे और संत-महात्माओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा, संत संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन की ताकत का अहसास कराने बागपत आया हूं। इतिहास गवाह है कि सनातन धर्म ने कभी किसी पर जबरन आधिपत्य स्थापित नहीं किया। किसी को गुलाम नहीं बनाया। जब हम किसी पर जबरन शासन या भूमि पर कब्जा नहीं करते तो हमारा देश इसे कैसे स्वीकार कर सकता था। भारत लगातार विदेशी आक्रांताओं से जूझता रहा, सम-विषम परिस्थितियों में लड़ता रहा। जिन आक्रांताओं ने भारत के सनातन की आस्था के प्रतीक मठ-मंदिरों, तीर्थस्थलों को विखंडित करने का प्रयास किया, वे तीर्थस्थल पुनर्प्रतिष्ठा को प्राप्त कर गए, लेकिन आक्रांताओं का नामो-निशान नहीं बचा। वे सब मिट्टी में मिल गए। उनके खानदान तक का भी अता-पता नहीं है।

देश व धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए
सीएम योगी ने कहा कि धर्मो रक्षति रक्षितः, यानी आप धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी रक्षा करेगा। स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करेंगे तो उससे नष्ट हुआ धर्म हमें भी नष्ट कर डालेगा। हमें जाने-अनजाने देश व धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए। व्यक्तिगत क्षति की भरपाई हो सकती है, लेकिन धर्म की क्षति की भरपाई नहीं हो सकती। उसका खामियाजा वर्तमान और भावी पीढ़ी भी भुगतेगी।

शक्ति हमारे सामर्थ्य की प्रतीक, यह विश्व कल्याण के लिए महत्वपूर्ण
सीएम योगी ने कहा कि आज 1000 वर्ष की दासता से मुक्ति के लिए सोमनाथ महादेव मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा का अमृत पर्व भी है। 1026 में विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था। 1951 में आज ही के दिन प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के करकमलों से पुनर्प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर आज सोमनाथ मंदिर में उपस्थित रहे। मुझे भी काशी विश्वनाथ महादेव के चरणों में इस आयोजन से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। आज ही के दिन अटल जी ने ऑपरेशन शक्ति के अंतर्गत पोखरण में तीन परमाणु विस्फोट किए थे। यह बताता है कि हमारी शक्ति हमारे सामर्थ्य की प्रतीक तो है ही, विश्व कल्याण के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

महाभारत कालीन है बागपत का इतिहास
सीएम योगी ने कहा कि बागपत का इतिहास महाभारत कालीन है। भगवान कृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से जो पांच गांव मांगे थे, उनमें एक बागपत भी था। चार वर्ष पहले आया था तो यह बहुत छोटा सा स्थान था, लेकिन अर्जुन नाथ जी व उनके सहयोगी ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने इसे तीर्थ बना दिया है। विरासत की रक्षा ऐसे ही होती है। बागपत की इसी धरा ने किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को जन्म दिया था। यहां के डॉ. सत्यपाल सिंह ने मुंबई पुलिस के मुखिया के रूप में कानून का शासन स्थापित किया। चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकदल केंद्र व राज्य सरकार के साथ मिलकर बागपत समेत प्रदेश व देश के विकास के लिए नित नए कीर्तिमान स्थापित करने में सहायक हो रहा है।

आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक केंद्रों की पुनर्प्रतिष्ठा
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक केंद्रों की पुनर्प्रतिष्ठा हो रही है। हम अतीत से जुड़कर ही उज्ज्वल भविष्य की कामना कर सकते हैं। हम काशी विश्वनाथ मंदिर का अपमान विस्मृत नहीं कर सकते। हम अयोध्या के लिए निरंतर लड़ते रहे और डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर का निर्माण हुआ। पूर्वजों ने हमें राम-राम का संबोधन दिया, क्योंकि जब भी अभिवादन करेंगे तो प्रभु का स्मरण करेंगे। राम मंदिर का निर्माण उन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता है। सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में रामजन्मभूमि, महाकाल में महालोक, केदारपुरी, विंध्यवासिनी धाम का पुनरुद्धार कार्य हुआ। प्रयास यही रहे कि हमारे घर ही नहीं, बल्कि तीर्थस्थल, देवी-देवताओं के स्थल भी सुरक्षित हों।

धर्म की अलख जगाई महायोगी गुरु गोरखनाथ ने
सीएम ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ भगवान शिव के योगी रूप हैं। योगी रूप में उन्होंने धर्म की अलख जगाने के लिए जनजागरण के विशाल कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उनके सिद्धों, योगियों ने गुलामी कालखंड में भी जन-जागरण के अभियान को निरंतरता प्रदान की। वे योगी गांव-गांव जाकर सारंगीवादन व भजन के माध्यम से समाज को एकजुट कर विदेशी आक्रांताओं का मुकाबला करने के लिए तैयार करते थे, यही उनकी राष्ट्रभक्ति थी। उनके भजनों में संदेश भी होता था कि आक्रांता आ रहा है, तैयार हो जाओ। इससे पहले कि वह आपके गांव व घर तक पहुंचे, उसका काम तमाम कर डालो। योगी सिर्फ गुफाओं, धूनी, मंदिरों तक सीमित नहीं रहे। धर्म व संस्कृति पर हमला होगा तो योगी बैठेगा नहीं, बल्कि मुकाबला कर मुंहतोड़ जवाब देगा। जो संकट के समय निडरता से खड़ा हो, वही संत है। संकट में पलायन करने वाला संत नहीं हो सकता।

इस दौरान प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री जनपद प्रभारी मंत्री जसवंत सिंह सैनी, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री केपी मलिक, सांसद राजकुमार सांगवान, तिजारा राजस्थान के विधायक बाबा बालकनाथ, विधायक अजय कुमार, योगेश धामा, महंत अर्जुननाथ, महंत चेताईनाथ, पीर लहरनाथ, पीर महंत हरिनाथ, समुद्रनाथ, शेरनाथ, जिताई नाथ, पीर राजनाथ जी महाराज, हरिनाथ जी महाराज, श्रीकृष्ण नाथ, महंत मिथिलेश नाथ, पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह ,भाजपा जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा मेरठ मंडल मेरठ आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी अस्मिता लाल, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय आदि मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में यूपी की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। दाखिल किए गए हलफनामे में बताया गया है कि मौजूदा शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सरकार ने साफ किया है कि 2020 में भर्ती हो चुके 67 हजार 867 शिक्षकों की नियुक्तियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार तैयार की गई रिवाइज्ड मेरिट लिस्ट में नए उम्मीदवार योग्य पाए जाते हैं तो उन्हें उपलब्ध खाली पदों पर नियुक्त किया जाएगा। साथ ही 8270 अभ्यर्थियों की संशोधित सूची कोर्ट में दी है। ये वह अभ्यर्थी हैं, जो अभी नौकरी में नहीं हैं। सरकार ने कोर्ट में साफ किया कि पिछली सूची में 4926 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। ऐसे में इन्हें भी संशोधित मेरिट सूची में शामिल किया जाए।

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