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परंतु वोट बैंक बहुत कम था ,, क्योंकि लगभग देश के हर नागरिक को जमीन का अधिकार मिला था,,,
इसलिए इस मौके को कोई खोना नहीं चाहता था,,,
और हर बार पार्टी परस्त हुई,,,लोगों ने वोट नहीं दिया विरोध किया गांव में नहीं घुसने दिया फिर पार्टी का नाम बदलकर भाजपा रखा ,,
परंतु अब दूसरी बार फिर अपनी पूरी विचारधारा बदली
क्योंकि भाजपा के गठन के बाद केवल हिंदू वाद का नारा आगे किया आरएसएस जैसे संगठन को आगे किया पुरानी बातें , पुराने मुद्दे भूल गए,,
जो मंच पर चढ़कर बोलते थे कि अगर हमारी सरकार बनी तो यह जमीन वापस हम हमारे कब्जे में लेंगे,,, यह सब छोड़कर केवल हिंदुवाद के नारे पर चली,,,

एक बार फिर भाजपा को अपनी विचारधाराए बदलनी पड़ी,,
एससी एसटी ओबीसी के प्रति हमदर्दी दिखानी शुरू करी,,,यूजीसी जैसा कानून लाएं,,
व नरेंद्र मोदी से लगाकर तमाम बड़े नेताओं ने छोटी-छोटी पर्सनल नकद सहायता को रेवड़ी कहा,,,
और यह सहायता देने वाली पार्टीयों का विरोध किया,,
परंतु पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल को हराने के लिए भाजपा ने वही वादे किये,, जो केजरीवाल करते थे,,,,
यानी केजरीवाल हर महिला के अकाउंट में प्रति महीने हजार रुपए डालता थे ,,
भाजपा ने 2500डालने का वादा किया,,, अभी तक डाले नहीं है,, परंतु वादा किया था,,, पश्चिम बंगाल में भी यह हालत है ममता बनर्जी हजार रुपए डालती थी भाजपा ने 3000 डालने का वादा किया,,,,
दूसरा
उत्तर भारत में हमेशा भाजपा मास की दुकानों मांस खाने वालों का विरोध करती थी,,, परंतु इस बार असम और पश्चिम बंगाल में खुलकर भाजपा नेताओं ने मांस मटन का प्रसार किया,,, खाया ,, वीडियो बनाकर वायरल किया और का गाय मांस खाने की सूट दी ,,,
परंतु गाय मांस घर में खाओ यह अपील भी की,,,
राम माधव ने तो गाय मांस खाने की एक पद्धति बताई और इसको धर्म से जोड़कर नहीं देखने की बात कही
यानी वो भाजपा गाय को राष्ट्रीय माता बनाने का वादा करती थी ,,
उस समय की सरकारों के खिलाफ आंदोलन करती थी उसी भाजपा ने गाय मांस खाने के लिए सूट दी और घर में खाने की अपील की,,,,
जिन मुसलमानों का हमेशा भाजपा विरोध करती थी मुसलमानों के खिलाफ रहती थी,,,
उसी भाजपा ने पहली बार हर बजट में अलग से बजट देने की प्रक्रिया शुरू की पिछली बार मुस्लिम सशक्तिकरण के लिए1300 करोड़ अलग से फंड दिया ,,,

तीन तलाक कानून लाकर मुस्लिम बेटियों को न्याय की गारंटी दी,,,ईद पर राशन का पूरा सामान फ्री दिया,,
जो आज दिन तक ऐसा किसी भी सरकार नहीं दिया,,,

अब सबसे बड़ा सवाल क्या अब भाजपा उत्तर भारत में धर्म के नाम पर मुस्लमान टारगेट करके मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ पाएगी,,

दूसरा सबसे बड़ा सवाल क्या भाजपा उत्तर भारत में मांसाहारियों का विरोध करके चुनाव लड़ पाएगी,,,

तीसरा सवाल क्या अब भाजपा पर्सनल देने वाली राशि को रेवड़ी कहकर विरोध करेगी,,,
क्या भाजपा अब भी गाय के नाम पर वोट मांगेगी,,,
क्या भाजपा अब भी धर्म के नाम पर वोट मांगेगी ,,,
कलम वागाराम पांगा जालोरी

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