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बेटियों के हक में बागपत: नवाचारों से पुरानी सोच पर प्रहार, फूलों-गुब्बारों से सजी गाड़ियों में घर रवाना हुईं नवजात कन्याएं

बदल रही है सोच: बेटी की किलकारियों पर बजा खुशियों का ‘हूटर’, “बेटी हुई है” लिखी सजी गाड़ी के साथ निकला जश्न

राष्ट्रीय महिला आयोग की माo अध्यक्षा विजया किशोर रहाटकर ने सराहा—बोलीं, यही है सशक्त समाज की असली तस्वीर

जश्न भी, जवाबदेही भी: बागपत में बेटियों का सम्मान और पीड़ित महिलाओं को त्वरित समाधान

बागपत प्रशासन के फोकस में शामिल है बेटियों का सशक्तिकरण: योजनाओं एवं नवाचारों से बदल रही सोच

बागपत 23 अप्रैल 2026—कभी ऐसा समय था जब बेटी के जन्म पर घरों में सन्नाटा छा जाता था। खुशी को दबाकर रखा जाता था, दरवाजे आधे बंद रहते थे। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है—और इस बदलाव की सबसे मजबूत झलक जनपद बागपत में देखने को मिली, जहां नवजात बेटियों के जन्म पर खुशियों का ‘हूटर’ बज उठा। यहां बागपत प्रशासन ने बेटियों के लिए शासन की योजनाओं को मिशन मोड में लागू करने के साथ ही नवाचारों को अपनाकर बेटियों के लिए जो नई सोच को समाज में बढ़ावा दिया है उसे देखकर माo अध्यक्षा ने बेहद प्रशंसा की।

जिला महिला अस्पताल में आयोजित कन्या जन्मोत्सव समाज की बदलती सोच का जीवंत उत्सव बन गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की माo अध्यक्षा विजया किशोर रहाटकर की मौजूदगी ने इस आयोजन को और खास बना दिया। यहां 15 नवजात बेटियों का स्वागत केक काटकर, सम्मान पत्र देकर, स्लिपिंग बैग और बेबी किट भेंट कर किया गया। साथ ही हर परिवार को एक पौधा देकर “बेटी और प्रकृति” के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

अस्पताल परिसर का माहौल भावनाओं से भरा था। माताओं के चेहरे पर संतोष और गर्व झलक रहा था, तो परिवारजन भी उत्साहित नजर आए। हर ओर एक ही संदेश गूंज रहा था—“अब बेटी का जन्म छुपाने की नहीं, गर्व से मनाने की बात है।”

कार्यक्रम का सबसे यादगार और भावुक क्षण तब आया, जब नवजात बेटियां अपने घरों के लिए रवाना हुईं। अस्पताल के बाहर फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां खड़ी थीं, जिन पर बड़े अक्षरों में लिखा था—“बेटी हुई है”। जैसे ही परिवार अपनी बच्चियों को गोद में लेकर इन गाड़ियों तक पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

गाड़ियों के आगे-पीछे उत्साहित परिजन, बच्चों की किलकारियां और माहौल में गूंजती खुशी—पूरा दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था। ऐसा लगा मानो समाज खुद इस बदलाव का जश्न मना रहा हो। यह केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे बागपत की सोच में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बन गया।

इस मौके पर माo अध्यक्षा विजया किशोर रहाटकर ने कहा कि बागपत में बेटियों के जन्म को जिस तरह सार्वजनिक रूप से उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक मॉडल है। उन्होंने कहा कि “जब समाज बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में स्वीकार करता है, तभी वास्तविक सशक्तिकरण संभव होता है।” उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलाव जमीनी स्तर पर दिख रहा है और इसे अन्य जिलों में भी अपनाया जाना चाहिए।

इस आयोजन में सरकार की योजनाओं का प्रभाव भी साफ दिखाई दिया। कन्या सुमंगला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बेटियों को आर्थिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान का आधार मिल रहा है। माo अध्यक्षा ने माताओं से अपील की कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी बेटियों का भविष्य सुरक्षित बनाएं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस अवसर पर माताओं को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध बच्चे के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच है और पहले छह महीने तक केवल स्तनपान ही सर्वोत्तम पोषण है। साथ ही समय पर टीकाकरण को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में शामिल कई माता-पिता ने अपने अनुभव साझा किए। जिन परिवारों में पहली संतान बेटी हुई, उन्होंने कहा कि पहले समाज के डर से मन में संकोच रहता था, लेकिन आज जिस तरह सम्मान मिला, उससे गर्व महसूस हो रहा है। एक अभिभावक ने कहा, “आज ऐसा लगा जैसे हमारी बेटी का जन्म किसी त्योहार से कम नहीं है।”

इन भावनाओं को सुनकर माo अध्यक्षा ने कहा कि यही आत्मविश्वास और गर्व आने वाले भारत की पहचान बनेगा। जिला प्रशासन की इस पहल को उन्होंने “ग्राउंड लेवल पर दिखता सशक्तिकरण” बताया। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन, समाज और परिवार मिलकर प्रयास करते हैं, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।

बागपत की यह पहल अब एक नई दिशा बनकर उभर रही है—जहां बेटियों को छिपाया नहीं जाता, बल्कि सम्मान और गर्व के साथ अपनाया जाता है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में बागपत ने यह साबित कर दिया है कि बदलाव बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सच्चे प्रयासों से आता है। जब बेटी की किलकारी पूरे माहौल को खुशियों से भर देती है और उसकी विदाई एक उत्सव बन जाती है, तब समझ आता है कि समाज सच में आगे बढ़ रहा है।

इसी क्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की माo अध्यक्षा विजया किशोर रहाटकर के बागपत प्रवास के दौरान अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और योजनाओं की प्रभावी समीक्षा पर विशेष जोर दिया गया। विकास भवन में आयोजित महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 19 शिकायतें प्रस्तुत की गईं। माo अध्यक्षा ने मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष ने, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना समेत कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की और कन्याओं को लाभान्वित करने के संबंध को निर्देशित किया कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंच सके।

इसी क्रम में विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों के साथ संवाद भी किया गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर माo अध्यक्षा ने संतोष व्यक्त किया और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की।

इसके अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण भी किया गया, जहां माo अध्यक्षा ने केंद्र की कार्यप्रणाली को समझा और महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और संरक्षण के अधिकारों की रक्षा करना है। साथ ही महिलाओं के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करना भी आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई, बाल विवाह, दहेज और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर रोक तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तीरथ लाल ,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अनुराग ,एसडीएम बागपत अमरचंद वर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ विभास राजपूत, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा सहित आदि उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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