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सुरजीत सिंह, 4/9/25, संभल/ चंदौसी। शनिवार को डॉ. प्रवीण कुमार, प्रोफेसर एस.एम. कॉलेज, चंदौसी ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को अपने प्रकरण में वर्तमान स्थिति की सूचना देते हुए न्याय दिलाने के लिए एक बार फिर पत्र भेजा। डॉ. प्रवीण कुमार ने पत्र के माध्यम से बताया कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद द्वारा उत्तर प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के आदेश-निर्देश के अनुपालन में की गई जांच सुनवाई कार्यवाही के अंतर्गत महाविद्यालय प्रबंधतंत्र के द्वारा किए गए आयोग चयनित नियमित प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. दानवीर सिंह यादव, स्ववित्त पोषित योजना में कार्यरत डॉ. गीता शर्मा एवं डा. प्रवीण कुमार के निलंबन बर्खास्तगी सम्बन्धी आदेश को निरस्त किरते हुए 30 अप्रैल को निर्गत आदेश के द्वारा बहाल कर दिया है। मुरादाबाद मण्डल के समस्त महाविद्यालय, जिसमें एस.एम. कॉलेज, चंदौसी भी शामिल है, गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा जाँच सुनवाई सम्बन्धी कार्यवाही 17.04.25, 24.04.25 एवं 30.04.25 की तिथियों में की गई थी। विश्वविद्यालय द्वारा की गई बहाली सम्बन्धी आदेश 6 मई को प्राप्त हुआ, जिसे लेकर महाविद्यालय पहुंचा, किन्तु महाविद्यालय में उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं कराये गए। बल्कि विश्वविद्यालय के आदेशों की अवहेलना कर, एस.एम. कॉलेज, चंदौसी प्रबंधक द्वारा, एक बार फिर बिना वजह मनघढ़ंत कहानी बना, मनमानी करते हुए निलंबित कर महाविद्यालय में प्रवेश करने पर भी प्रतिबंधित कर दिया। कॉलेज प्रबंधतंत्र की मनमानी, नियमानुसार वेतन भत्तों का भी भुगतान अप्रैल से नहीं किया जा रहा है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली द्वारा पत्र 14.08.25 एवं 19.08.25 के पत्रों द्वारा सचिव-प्रबंध समिति, एस. एम. कॉलेज, चंदौसी को नियमानुसार वेतन भत्तों का भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए आदेशित किया है। आदेश में महाविद्यालय में प्रवेश में किसी प्रकार का प्रतिबन्ध न लगाने के लिए कहा है। महाविद्यालय प्रबंध समिति के पास तीनों की बर्खास्तगी को किसी भी सक्षम प्राधिकारी का न तो अनुमोदन प्राप्त है न ही सक्षम न्यायालय से कोई स्थगन आदेश मिला, ऐसी स्थिति में नियमानुसार बर्खास्तगी आदेश लागू ही नहीं है। डॉ प्रवीण कुमार ने बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग लखनऊ हर तारीख पर मेरे पक्ष में आदेश देने की बात तो करता है। परन्तु पता नहीं किस दबाव में अब तक भी कोई आदेश, सम्पूर्ण जाँच आदि के बाद भी नहीं दे पा रहा है? गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय व अन्य संबंधित आयोग, विभाग, पुलिस प्रशासन जांच आदेश निर्देश मेरे पक्ष में है। फिर भी पता नहीं किस कारण से सरकारी आदेशों को एस.एम. कॉलेज चंदौसी प्रबंध तंत्र नहीं मान रहा न हीं अधिकारी सरकारी आदेशों को लागु करा पा रहे है? जो चिंता का विषय है। डॉ. प्रवीण कुमार ने पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश से प्रार्थना कर मांग की है कि महाविद्यालय में कर्तव्य निर्वहन हेतु सुरक्षित एवं निर्बाध प्रवेश हेतु समुचित एवं ठोस कार्यवाही, महाविद्यालय द्वारा शिक्षकों के लिए निर्धारित उपस्थिति पंजिका में उपस्थिति संबंधी हस्ताक्षर कराने, सक्षम प्राधिकारी को प्रभावी आदेश निर्देश निर्गत कराने, नियमित रूप से अपनी उपस्थिति महाविद्यालय में दर्ज करने, नियमानुसार पूर्ण वेतन, भत्ते तथा अवशेष नियमित रुप से भुगतान कराने की प्रार्थना की। उन्होंने वेतन भत्ते न मिलने के कारण घोर आर्थिक संकट से गुजरने की भी बात लिखी है।

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