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बागपत ने बढ़ाया हिंदी का मान, गृह मंत्रालय से मिला ‘प्रशंसनीय’ श्रेणी का सम्मान

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बागपत को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, हिंदी के प्रचार में हिंदी सेतु एप की हुई सराहना हिंदी के उत्थान में अग्रणी बागपत, गृह मंत्रालय ने दी राष्ट्रीय…

ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं की जिलाधिकारी ने की कड़ी समीक्षा। सचिवों को किया सचेत

वित्त आयोग के कार्यों पर सख्ती, 11 पंचायतों से शेष आवेदन शीघ्र भेजने के निर्देश बागपत की पंचायतों को मिला PAI में स्थान, बाकी को आगे बढ़ने का आह्वान ग्राम…

बागपत कलेक्ट्रेट में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया है

बताना चाहूंगा कि आज 15 सितंबर 2025 को बागपत कलेक्ट्रेट में बागपत जनपद की समस्याओं को लेकर खास तौर से 709b नेशनल हाईवे से लेकर जिला अस्पताल कोर्ट पुलिस लाइन…

उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के तत्वावधान में आज 15 सितम्बर 2025 दिन सोमवार को अभियन्ता दिवस के उपलक्ष में निरीक्षण भवन, लोक निर्माण विभाग, बागपत परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किया और जनपद बागपत के अभियन्ताओं को रक्तदान किया और एक दूसरे को अभियंता दिवस की बधाई दी।

उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के तत्वावधान में आज 15 सितम्बर 2025 दिन सोमवार को अभियन्ता दिवस के उपलक्ष में निरीक्षण भवन, लोक निर्माण विभाग, बागपत परिसर में रक्तदान शिविर…

Uncategorized sapna panth अकमल शामली अंकित चौहान अजय सक्सेना अंजू कश्यप अनवर बैग अनुज कश्यप अनुज बिनौली अनुष्का कश्यप अन्य पार्टी अमन जैन अमित पवार अमित शर्मा अमित सैनी अशोक गोस्वामी आकाश कश्यप आकाश गुप्ता आशीष त्यागी आशु पंड़ित जिला सचिव बागपत कांग्रेस ओमपाल कश्यप कपिल कपिल बालियान कांग्रेस किरणपाल कश्यप कुलदीप निषाद कुलदीप पंडित कोमल जैन खेल गौरव खेकड़ा गौरव चौधरी चन्द्रमल तोमर चाँद मिया ज़हीर खान जानी मानी पत्रकार हस्ती डॉ प्रवीण कश्यप तकनीक दीपक खेकड़ा दुर्गेश वाराणसी देवेंदर कश्यप देवेंद्र चौहान धर्मपाल गिरी नरेंद्र कश्यप नरेश तोमर नवीन चिकारा नितिन कुमार सिंह निशांत भरद्वाज पंकज तोमर पवन कश्यप पारस जैन पुण्य प्रसून वाजपेयी प्रदीप राघव प्रमोद पवार प्रवीण बबली कश्यप भाजपा मनुदेव उपाध्या मनोज कलीना मनोरंजन मुकेश पवार मुशीर खान मेहँदी हसन मेहरबान खान मोनू शर्मा मोहम्मद इशरार यशवीर सिंह योगेश कौशिक रवि रविंदर चौहान राजीव पंडित रामकुमार कश्यप राशिफल राष्ट्रीय रूबी कश्यप जिला उपाध्यक्ष बागपत कांग्रेस रोजुद्दीन त्यागी रोशन प्रजापति ललित गोस्वामी ललिता कश्यप लव कश्यप लव कश्यप जिलाध्यक्ष बागपत कांग्रेस वाजिद अली वाहिद अली विकास दीप त्यागी विनय शर्मा विवेक कौशिक विशाल कश्यप विश्वजीत विश्वबंधु शास्त्री वीरेंद्र कश्यप वीरेंद्र तोमर व्यापार शशि धामा शिक्षा शिव कुमार श्याम कश्यप सचिन त्यागी संजीव कश्यप संदीप समाजवादी पार्टी सुनील अग्रवाल सुनील शर्मा सुभाष कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा सुरेंद्र मलानिया सुशील कश्यप गुड़गांव सुशील कश्यप बुढ़ाना हिम्मत जैन हैदर मलिक होम

15 To 21 Sep 2025 केशरी दर्पण, समाचार पत्र, बागपत संस्करण, Keshari Darpan, News Paper Baghpat Edition

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डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी ना होते तो डा अंबेडकर का आता पता नहीं होता?लेकिन ब्राह्मणबादी व्यवस्था ने डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी का त्याग और देश के लिए किया गया संघर्ष को भूला दिया हैडा जोगेंद्र नाथ मंडल जी जिसके लिए त्याग कर के अपनी जीता हुआ संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से इस्तीफा दे कर डा अंबेडकर को पुनः जितवा कर संविधान लिखने के लिए संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र खुलना जैसोर से सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरदचंद्र बोस को हरा कर डा अंबेडकर को जितवा कर संविधान लिखने के लिए दिल्ली भेजे थे वहीं डा अंबेडकर ने भी डा जोगेंद्र नाथ मंडल को अपने द्वारा लिखा गया किसी भी किताब या तत्कालीन दैनिक पत्रिका मूक नायक या अश्व घोष में भी एक शब्द नहीं लिखे थे या हैं इतने महान कार्य को धन्यवाद भी नहीं दिए थे डा जोगेंद्र नाथ मंडल के त्याग तपस्या और संघर्ष से डा अंबेडकर जी अंबेडकर हो गएडा अंबेडकर का यहशानफरामोशी स्पष्ट दिख रहा हैडा जोगेंद्र नाथ मंडल जी चाहते तो भारत का संविधान लिख सकते थे क्योंकि वांछित योग्यता उन्होंने गांधी जी के कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ कर हासिल किए थेसंविधान लिखने के लिए वांछित योग्यता1 सविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित होना चाहिएजो डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी ने हासिल किए थेडा अंबेडकर जी संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम मुम्बई से 22 अप्रैल 1946 को कांग्रेस प्रत्याशी काचोलकर से हार गए थे इसलिए संविधान लिखने की योग्यता नहीं थाइतना महान कार्य का सराहना करना तो दूर की बात है डा अंबेडकर ने अपने किसी भी किताब में एक शब्द चर्चा भी नहीं कीजब डा अंबेडकर संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से हार गए थे तो नेहरू जी ने व्यंग्यात्मक बयान दिए थे की डा अंबेडकर के लिए संविधान सभा में आने के लिए रोशनदान तक बंद हो गया है अब संविधान कैसे लिखेंगे?डा अंबेडकर जब संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र मुम्बई से हार गए थे तो दुखी मन से तत्कालीन गवर्नर जेनरल लार्ड वेवेल से मिल कर अपनी व्यथा से बोले थे अब संविधान कैसे लिखा जाएगा उस वक्त लार्ड वेवेल ने डा अंबेडकर को को सलाह दिया था की देश बंटवारा का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है अब देश की सीमाओं का परिसीमन हो रहा है डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी का संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र खुलना जैसोर पूर्वी पाकिस्तान में चला गया है यह बात सुन कर डा अंबेडकर को उम्मीद की किरण जग गयाडा अंबेडकर जी डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी के यहां खुलना जैसोर गए उनसे मिले और रो कर अपनी दुखड़ा सुनाए थे की गांधी जी ने साजिश के तहत मुझे संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से अपना कांग्रेस प्रत्याशी खड़ा कर के मुझे हरा दिया हैअब मैं संविधान कैसे लिखूंगा?डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी ने धैर्य से बाते सुने अगर चाहते तो डा अंबेडकर के प्रस्ताव को ठुकड़ा सकते थेक्योंकि डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी का ननिहाल बंगाल के नदिया जिला में थाडा अंबेडकर जी डा जोगेंद्र नाथ मंडल जी के यहां एक माह तक रहे डा जोगेंद्र नाथ मंडल ने डा अंबेडकर को बोले थे की अगर तुम 24 सितम्बर 32 को कम्युनल अवॉर्ड दोहरे मताधिकार अधिनियम कानून को अकेले पूना पेक्ट के द्वारा खत्म नहीं किए होते तो आज गांधी तुम्हे संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार खड़ा करने की हिमाकत नहीं करतापूना पेक्ट सविता मालवीय व गांधी के दवाब में करके 90 प्रतिशत भारतीयों को आजादी से पहले गुलाम बना दिए होसाइमन कमिशन ने 90 प्रतिशत भारतीयों को राजनैतिक आरक्षण लागू कर के भारतीयों तकदीर बदलने के लिए कानून दे दिया था जिसे तुम पूना पेक्ट करके 90 प्रतिशत लोगों से विश्वासघात किए थे जिसे अब प्रायश्चित करने का एक मौका दे रहा हूंडा जोगेंद्र नाथ मंडल (निषाद) जी ने 24 जून 46 को खुलना जैसोर संविधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से इस्तीफा दे कर पुनः उसी सीट से डा अंबेडकर को दुबारा चुनाव लड़वा कर कांग्रेस प्रत्याशी शरतचंद्र बोस को हरवा कर संविधान लिखने दिल्ली भेज दिया थाडा जोगेंद्र नाथ मंडल (निषाद) जी ने डा अंबेडकर से शर्त रखे थे की जब आप जीत कर संविधान लिखने के लिए दिल्ली जाओगे और संविधान लिखो तो उसमें दोहरे मत का अधिकार लिख देना हम 90 प्रतिशत लोग मनुवाद से आजाद हो जाएंगेतुम्हारे द्वारा लिखे गए संविधान जब देश के नाम समर्पित करोगे तो मुझे दिखावा देनाजब डा अंबेडकर जी देश का संविधान 2वर्ष 11 महीना 18 दिन में लिख दिए तो संविधान को देश के नाम समर्पित करने के लिए 26 जनवरी 50 का दिन तय हुआ था तो डा जोगेंद्र नाथ मंडल (निषाद) जी ने लाहौर से डा अंबेडकर को खत लिखे थे की मै 15 जनवरी 50 को दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास आ रहा हूं लिखे हुए संविधान देखने व पढ़ने के लिए क्योंकि डा जोगेंद्र नाथ मंडल ने पाकिस्तान का संविधान लिखे थे वे लाहौर से दिल्ली 15 जनवरी 50 को भारत आए देश के संविधान पढ़ने के लिए पाकिस्तान दूतावास में 15 जनवरी से 23 जनवरी 50 तक रहे लेकिन डा अंबेडकर उनके आने से पहले 14 जनवरी 50 को ही अहमदाबाद के सावारमती आश्रम में चुपके से चले गए थेडा जोगेंद्र नाथ मंडल जी डा अंबेडकर जी का इंतजार दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास में करते रहे लेकिन जब उनसे मुलाकात नहीं हुआ तो डा अंबेडकर के निजी सहायक नानक चंद रातु को एक “”धोखा”” नाम से शीर्षक से पत्र लिख कर डा अंबेडकर को देने के लिए बोल कर 23 जनवरी 50 को वापस लाहौर पाकिस्तान चले गएडा जोगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान का संविधान लिखे पहली कानून मंत्री रहे उन्होंने ने पाकिस्तान में सामाजिक परिवर्तन का काम किया था 8 अक्टूबर 1951 को जिन्ना से अनबन होने के बाद अपना इस्तीफा देकर देकर भारत कलकत्ता चले आए थे, डा जोगेंद्र नाथ मंडल (निषाद) जी ने अपने पत्र धोखा के नाम से लिखे हैं की पूना पेक्ट गांधी अंबेडकर और सविता मालवीय के बीच त्रिकोण के विच 90 प्रतिशत भारतीयों को गुलाम बनाने का सौदेबाज़ी का समझौता था

डा अंबेडकर ने पूना पेक्ट करके संविधान लिखने के पहले ही संविधान की आत्मा निकलने का समझौता किया था जो जघन्य अपराध था जय निषाद राज जय सम्राट अशोक जय…

वरिष्ठ नागरिकों को इस बेहतरीन सुविधा का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। कृपया इस जानकारी को व्यापक रूप से साझा करने पर विचार करें. 65 वर्ष से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के लिए एम्स (AIIMS), नई दिल्ली में निशुल्क उपचार की विशेष सुविधा

दिनांक 16-06-25 एम्स, नई दिल्ली, में अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग विभाग है, जिसे *नेशनल सेंटर फॉर एजिंग, एम्स, (National Centre for Ageing, AIIMS) कहा जाता है, जो…

दिल्ली- एनसीआर सहित उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मानसून की वर्षा कम हो गई हो, लेकिन अभी खत्म नहीं हुई है। हालांकि आज दिल्ली एनसीआर में गर्मी पड़ेगी। लेकिन मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार 16 से 17 सितंबर के बीच पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। एक बार और कई दिन के लिए तेज वर्षा का दौर चलेगा।…

सुबह 8 बजे की बड़ी खबरें

➡ लखनऊ- राजधानी में हजरतगंज पुलिस मुस्तैद, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी पुलिस, राजभवन रोड पर मिल रही थी जाम की शिकायत, हजरतगंज पुलिस ने खड़ी गाड़ियों का किया…

सुबह देश राज्यों से बड़ी खबरें

============================== 1 आज पीएम असम में, करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ होगा; मेडिकल कॉलेज-अस्पताल की सौगात 2 चुनाव आयोग बोला- वोटर लिस्ट बनाना, बदलना सिर्फ हमारा काम, SIR कराना…

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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