रामलीला मैदान कटरा में आयोजित सृष्टि के रचयिता महर्षि कश्यप जन्मोत्सव के पावन पर्व पर आयोजित दिव्य सम्मेलन में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, जिला प्रभारी मंत्री, हम सबके मार्गदर्शक आदरणीय नरेंद्र कश्यप जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ !!

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाजपा श्री के सी मिश्र जी, सांसद श्री अरुण सागर जी, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सपना कश्यप जी…

घड़ियालों आँसू बहाने के बजाय भाजपा पहले अपने संगठन मे पचास प्रतिशत पद दे और चुनाव मे पचास प्रतिशत टिकट महिलाओं को दे ।पचास प्रतिशत महिला आबादी को तैतीस प्रतिशत आरक्षण का फ़ार्मूला पता नहीं कहाँ से आया वास्तव मे ये पचास प्रतिशत होना चाहिए ।।इसके लिए भाजपा को टींएमसी से सीख लेनी चाहिए ममता बनर्जी की पार्टी में लगभग चालीस प्रतिशत सांसद महिला है बिना किसी आरक्षण के ।इसे कहा जाता है सही और साफ नीयत ।महिलाओं की भागीदारी नीयत से बढ़ेगी आरक्षण लागू हो भी गया और नीयत साफ न हुई तो यह आरक्षण केवल झुनझुना रह जाएगा ठीक वैसे ही जैसे दलितों के लिए और पिछड़ों के लिए आरक्षण है लेकिन उनके लिए आरक्षित सीट कोई न कोई बहाना मिलाकर खाली रखा जाता है इसलिए नीयत ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।

घड़ियालों आँसू बहाने के बजाय भाजपा पहले अपने संगठन मे पचास प्रतिशत पद दे और चुनाव मे पचास प्रतिशत टिकट…

You missed

घड़ियालों आँसू बहाने के बजाय भाजपा पहले अपने संगठन मे पचास प्रतिशत पद दे और चुनाव मे पचास प्रतिशत टिकट महिलाओं को दे ।पचास प्रतिशत महिला आबादी को तैतीस प्रतिशत आरक्षण का फ़ार्मूला पता नहीं कहाँ से आया वास्तव मे ये पचास प्रतिशत होना चाहिए ।।इसके लिए भाजपा को टींएमसी से सीख लेनी चाहिए ममता बनर्जी की पार्टी में लगभग चालीस प्रतिशत सांसद महिला है बिना किसी आरक्षण के ।इसे कहा जाता है सही और साफ नीयत ।महिलाओं की भागीदारी नीयत से बढ़ेगी आरक्षण लागू हो भी गया और नीयत साफ न हुई तो यह आरक्षण केवल झुनझुना रह जाएगा ठीक वैसे ही जैसे दलितों के लिए और पिछड़ों के लिए आरक्षण है लेकिन उनके लिए आरक्षित सीट कोई न कोई बहाना मिलाकर खाली रखा जाता है इसलिए नीयत ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।

कोई कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाने के बाद ये समझने की भूल ना कर बैठना की जो रुतबा, पैसा, पद, गरिमा, शोहरत सम्मान तुम्हें मिल रहा है वो सब तुम्हारी मेहनत, योग्यता, काबिलियत, व संघर्षों से मिला है??? नहीं ये हजारों वर्षों का तुम्हारे पूर्वजों के बलिदानियों के संघर्षों का नतीजा है! जिसे तथागत महामानव गौतम बुद्ध से लेकर उन्हें ज्ञान व जीवन दान देने वाली सुजाता भीलनी की सेवा, विश्व सम्राट अशोक का शौर्य व त्याग, तिलका मांझी के खून का तिलक, चक्रवर्ती महाराजा निषादराज जी के पराकर्म, डा जोगेंद्र नाथ मंडल निषाद जी के त्याग तपस्या समर्पण संघर्ष जो डा अंबेडकर को अंबेडकर बनाए व पाकिस्तान का अमिट संविधान लिख दिए जुब्बा साहनी का हंसता हुआ बलिदान झलकारी बाईं कोली अपने पति पूरण मल्लाह पुत्र प्रारब्ध मल्लाह के साथ फिरंगियों से 27 दिनों तक लोहा झांसी के मैदानों में मर्दानी दिखाती हुई गोलियों से छलनी होकर 1857 की गदर की इतिहास लिखीं, एकलव्य का दान, महात्मा फुले सावित्री का शिक्षा की यज्ञ की आहूति साहू जी का आरक्षण का आगाजिया एलान अंबेडकर का संघर्ष राय साहब रामचरण निषाद जी का इंकलाब भगत सिंह का हंसता हुआ फंसी में मौत, उद्यम सिंह का लन्दन में बदला लेकर मौत कबूलनामा, कोलकाता की गौरव लोकमता रानीराशमणि निषाद की फिरंगियों को सबक सिखाना उनकी त्याग, मुंबा देवी कोली की ललकार बिलासा देवी निषाद की आजादी की हुंकार, अवंती बाई लोधी की नारी शक्ति की मौत को गले लगा कर प्रहार, मंडल जी का मंडल कमीशन का आगाज,विश्व वीरांगना फूलन देवी जी की अस्मिता की बदला दृष्टदलन से सांसद तक का सफ़र समाज को संदेश दिया है झुकना नहीं प्रतिकार करना है आर पार करना है निषाद राज सभ्यत व सम्मान के लिए हदें पार करना है ये इतिहास लाखों लोगों की बलिदानी का फल आज कुछ कुछ समाज को मिल रहा है न्याय के लिए लड़ते रहना है जय निषादराज रूपी मुक्ति के महामंत्र के बुलन्द आवाज से सत्ता की चाभी लेना है सत्ता पर कब्जा करना है You gain the power and kepcher the systemजिस समाज का राजा होता है उसका बाजा बजता है वहीं समाज ताजा होता है बंकी समाज वासा हो जाता है! साहब आनंद निषाद जी के विचारधारा है सुरेश निषाद के कलम से

×