आज भी मुंबई के लोग मुंम्बादेवी को ही पुजते है ,
- मुंबई का नाम और मुंबा देवी:
- यह सच है कि “मुंबई” नाम मुंबा देवी से जुड़ा हुआ है। मुंबा देवी को कोलिय समुदाय (मूल निवासियों) की देवी माना जाता है, जो मछुआरों का एक प्रमुख समुदाय है। मुंबई में उनका प्राचीन मंदिर आज भी स्थित है और यह शहर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
- मुंबा देवी को मछुआरों और समुद्र से जुड़े लोगों की संरक्षक देवी माना जाता है।
- कोलिय वंश और बुद्ध का संबंध:
- महामाया देवी, जो गौतम बुद्ध की माता थीं, का संबंध प्राचीन कोलिय वंश से बताया जाता है। कोली वंश प्राचीन भारत के उन समुदायों में से था, जो गंगा के मैदानी क्षेत्रों में निवास करते थे।
- हालांकि, कोली वंश और मुंबई के कोली समुदाय के बीच सीधा संबंध स्थापित करना ऐतिहासिक रूप से भी कठिन नही है,क्योंकि सम्राट अशोक ने कोई स्थान नही छोडा है
- मुंबा देवी और महामाया देवी के समानता का दावा
- यह कहना कि मुंबा देवी और गौतम बुद्ध की माता महामाया एक ही हैं, ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से प्रमाणित है। मुंबा देवी का उल्लेख मुख्य रूप से मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्र में मिलता है,जबकि महामाया देवी का संबंध कपिलवस्तु ही नही सम्पूर्ण अखंड भारत के जीवन से है।
-लेकिन इसे ऐतिहासिक तथ्यों के रूप में स्वीकार करने के लिए अधिक प्रमाणों की आवश्यकता नही है।
- मुंबई का नामकरण:
- “मुंबई” नाम का उद्भव मराठी शब्द “मुंबा” (मुंबा देवी) और “आई” (मां) से हुआ है, जिसका अर्थ है “मुंबा मां”।
- यह नाम स्थानीय कोली समुदाय की संस्कृति और मान्यताओं से प्रेरित है और इसका बौद्ध धर्म या महामाया देवी से कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं होता।
निष्कर्ष:
हमारी बात सांस्कृतिक दृष्टिकोण से ही नही अपितु,इसे ऐतिहासिक तथ्यों के रूप में स्वीकार करने योग्य है ।
जय भीम साथियों नमो बुद्धाय 🙏