नाराज मात्र होने से क्या होगा
मुँह पर ताले बंद करने से क्या होगा
मालिक, मालिक करने से क्या होगा
भगवान भगवान करने से क्या होगा
नाराज़गी की चिन्गारी को ज्वाला बना दो
अहिंसा में शक्ति है सड़क पर आकर दिखा दो
अधिकार के साथ कर्त्तव्य का पालन होगा
यह जज्बा दिखा दो!!
यह जज्बा दिखा दो!!
एमके साहनी
लालासागर में जहाज उड़ा दिए जाए
तब भी हम नाराज मात्र होतें हैं!
जनगणना में खेल हो जाए
तब भी नाराज होते हैं!
परिसीमन में क्षेत्र बँट जाए
तब भी नाराज होते हैं!
वोटरलिस्ट से नाम कट जाए
तब भी नाराज होते हैं!
ओबीसी कोटा लूट ली जाती है
तब भी नाराज होते हैं!
ईबीसी कोटा की लूट होती है
तब भी नाराज होते हैं!
दिन-प्रतिदिन स्कूल की कमी
तब भी नाराज होते हैं!
उच्चतर – तकनीकी शिक्षा से मरहूम
तब भी नाराज होते हैं!
एमपी-एमएलए बन जाने के बाद भी
समाज का विकास नहीं होता है
तब भी नाराज होते हैं!
जीते हुए एमएलए दलबदल करते हैं
तब भी नाराज होते हैं!
मानव तस्करी , नशाखोरी
तब भी नाराज होते हैं!
नाराज मात्र होने से क्या होगा
मुँह पर ताले बंद करने से क्या होगा
मालिक, मालिक करने से क्या होगा
भगवान भगवान करने से क्या होगा
नाराज़गी की चिन्गारी को ज्वाला बना दो
अहिंसा में शक्ति है सड़क पर आकर दिखा दो
अधिकार के साथ कर्त्तव्य का पालन होगा
यह जज्बा दिखा दो!!
यह जज्बा दिखा दो!!
एमके साहनी