क्षेत्र के युवाओं और पहलवानों को बेहतर खेल सुविधाएं देने के उद्देश्य से स्व. चौधरी अजित सिंह जी द्वारा निर्मित कुश्ती स्टेडियम पिछले 4 वर्षों से अत्यंत जर्जर और बदहाल स्थिति में है। करीब 4 साल पहले आए भीषण आंधी-तूफान में स्टेडियम की छत उड़ गई थी, जिसके बाद से आज तक इसकी मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। छत न होने के कारण बारिश का पानी सीधे स्टेडियम परिसर में भर जाता है, जिससे अभ्यास करने आने वाले युवा खिलाड़ियों को भारी असुविधा और निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर समाजसेवी मोहित चौहान निवासी रमाला ने पहल करते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी जी के राजनीतिक सलाहकार बीरपाल मलिक जी से संपर्क किया और उन्हें स्टेडियम के जलभराव एवं जर्जर स्थिति का वीडियो तथा संपूर्ण विवरण भेजा।
मोहित चौहान ने बताया कि पिछले 4 सालों में कई क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को इस बदहाली से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही मिले। एक तरफ जहाँ केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी जी युवाओं को खेलकूद और फिटनेस की ओर प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर इस महत्वपूर्ण स्टेडियम की उपेक्षा के कारण खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस गंभीर जनसमस्या का संज्ञान अब तक केंद्रीय मंत्री जी तक नहीं पहुँच सका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीरपाल मलिक जी ने त्वरित संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि वे इस मामले को जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी जी के समक्ष रखेंगे और स्टेडियम की नई छत का निर्माण तथा अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कराकर समस्या का स्थाई समाधान कराएंगे।