महिला डॉक्टर ऑन बाइक, ‘आंचल’ स्तनपान कक्ष और 20 ई-रिक्शा देंगे सहारा; ‘निरा’ पैड और एसएचजी प्रदर्शनी से स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वावलंबन को बढ़ावा
बागपत 09 अगस्त 2026 — कंधे पर कांवड़, हाथ में गंगाजल और जुबां पर हर-हर महादेव… श्रावण की इस आस्था यात्रा में इस बार नारी सम्मान का संदेश भी साथ चलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्र श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव में बागपत प्रशासन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति के विजन को मेला व्यवस्थाओं से जोड़ते हुए महिलाओं के लिए कई अभिनव इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में ‘भक्ति भी, प्रकृति भी’ के जीरो वेस्ट संकल्प में अब ‘नारी सम्मान भी’ का नया आयाम जुड़ा है। पिंक शिविर, कबाड़ बस से बना ‘द पिंक रिट्रीट’, बाइक पर महिला डॉक्टर, ‘आंचल’ स्तनपान कक्ष, निःशुल्क ई-रिक्शा, SOS अलार्म, पुनःप्रयोग योग्य ‘निरा’ पैड और स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी—इन पहलों के जरिए सुरक्षा, सुविधा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वावलंबन को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।
पिंक शिविरों में महिला श्रद्धालुओं को मिलेगा सुकून
लंबी कांवड़ यात्रा और दर्शन के बाद महिला श्रद्धालुओं को आराम देने के लिए मंदिर क्षेत्र में विशेष पिंक शिविर तैयार किए गए हैं। यहां बेड, पंखे और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। भीड़भाड़ वाले मेला क्षेत्र में महिलाओं को अलग और सुविधाजनक विश्राम स्थल मिलने से उन्हें यात्रा के दौरान राहत मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य यही है कि विशाल धार्मिक आयोजन में महिला श्रद्धालुओं की जरूरतों को भी उतनी ही प्राथमिकता मिले, जितनी अन्य व्यवस्थाओं को।
कबाड़ बस बनी ‘द पिंक रिट्रीट’, वेस्ट से बेस्ट की पहल
अनुपयोगी पड़ी बस को कबाड़ मानकर हटाने के बजाय उसका कायाकल्प कर ‘द पिंक रिट्रीट’ बनाया गया है। इस पिंक बस में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि जीरो वेस्ट महोत्सव की सोच यहां केवल कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि पुराने संसाधन को नई उपयोगिता देने तक पहुंच रही है। जो बस कभी बेकार खड़ी थी, वही अब महिला श्रद्धालुओं की सुविधा का केंद्र बनेगी।
भीड़ में जरूरत पड़ते ही बाइक पर पहुंचेगी महिला डॉक्टर
बड़े मेला क्षेत्र में चिकित्सा सहायता को जरूरतमंद तक तेजी से पहुंचाने के लिए ‘वूमेन डॉक्टर्स ऑन बाइक’ सेवा तैयार की गई है। भीड़ वाले हिस्सों में किसी महिला श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या प्राथमिक चिकित्सा की जरूरत होने पर महिला चिकित्सक बाइक से मौके तक पहुंच सकेंगी। इससे समय पर उपचार मिल सकेगा और महिला मरीजों को महिला चिकित्सक से सहज संवाद का भरोसा भी मिलेगा। यानी बड़ी भीड़ के बीच चिकित्सा सहायता के लिए दूरी नहीं, तेजी मायने रखेगी।
‘आंचल’ में मां को निजता, शिशु को सुकून
बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ‘आंचल’ स्तनपान कक्ष तैयार किया गया है। यहां मां अपने शिशु को भीड़ से अलग स्वच्छ, सुरक्षित और निजी वातावरण में स्तनपान करा सकेगी। धार्मिक आयोजन में मातृत्व की इस जरूरत को अलग स्थान देकर यह संदेश दिया गया है कि महिला सम्मान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि मां की गरिमा और शिशु की जरूरत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
20 ई-रिक्शा आसान करेंगे श्रद्धालुओं की राह
बालैनी मार्ग से मेला क्षेत्र तक आने-जाने के लिए 20 निःशुल्क ई-रिक्शाओं की व्यवस्था की गई है। इनका विशेष लाभ महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिन्हें लंबी दूरी पैदल तय करने में परेशानी हो सकती है। इलेक्ट्रिक वाहनों से यात्रा सुगम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा। आस्था की राह आसान होगी तो जीरो वेस्ट महोत्सव का हरित संदेश भी आगे बढ़ेगा।
महिलाओं के हाथ में होगा सुरक्षा का अपना ‘कवच’
महिलाओं और किशोरियों को पर्सनल सेफ्टी SOS अलार्म वितरित किए जा रहे हैं। असहज या खतरे की स्थिति में अलार्म सक्रिय कर आसपास मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सकेगा। हाल ही में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किशोरियों को ऐसे सुरक्षा अलार्म वितरित कर महिला सुरक्षा का संदेश दिया था। अब पुरा महादेव में इस पहल को मेला व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। संदेश साफ है—सुरक्षा व्यवस्था के साथ महिला के हाथ में जरूरत पड़ने पर मदद बुलाने का अपना साधन भी हो।
‘निरा’ से स्वच्छता के साथ पर्यावरण का संदेश
महिला स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने वाली ‘निरा’ पुनःप्रयोग योग्य सेनेटरी पैड की पहल भी पुरा महादेव में आगे बढ़ाई जा रही है। हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा किशोरियों को कॉटन एवं प्लास्टिक-रहित पुनःप्रयोग योग्य पैड वितरित किए गए। इससे मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य के साथ आर्थिक बचत तथा प्लास्टिक कचरा कम करने का संदेश दिया जा रहा है। महिला स्वच्छता की जरूरत को पर्यावरण की जिम्मेदारी से जोड़ना ही इस पहल की खासियत है।
पुरा महादेव में दिखेगा ग्रामीण महिलाओं के हुनर का दम
महिला सशक्तिकरण को सुविधा से आगे आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। ग्रामीण महिलाओं के हाथों से तैयार उत्पादों को श्रद्धालुओं के बीच मंच मिलने से उनके हुनर को पहचान और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस तरह पुरा महादेव में महिलाएं केवल श्रद्धालु के रूप में नहीं, बल्कि उद्यमी और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भागीदार के रूप में भी दिखाई देंगी।
मिशन शक्ति और जीरो वेस्ट विजन का संगम
पुरा महादेव में तैयार की जा रही ये व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति और जीरो वेस्ट की सोच को एक साथ आगे बढ़ाती हैं। सुरक्षा के लिए SOS अलार्म, स्वास्थ्य के लिए महिला डॉक्टर, मातृत्व के लिए ‘आंचल’, विश्राम के लिए पिंक शिविर, पिंक टॉयलेट के लिए ‘द पिंक रिट्रीट’, सुगम आवागमन के लिए ई-रिक्शा, स्वच्छता और पर्यावरण के लिए ‘निरा’ तथा आर्थिक स्वावलंबन के लिए स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी—यानी नारी सम्मान को किसी एक कार्यक्रम में नहीं, बल्कि पूरे मेला प्रबंधन का हिस्सा बनाने की कोशिश है।
इस बार पुरा महादेव में कांवड़ियों के कदम शिवधाम की ओर बढ़ेंगे तो उनके साथ एक संदेश भी आगे जाएगा—आस्था की राह ऐसी हो जिसमें प्रकृति सुरक्षित रहे और व्यवस्था ऐसी हो जिसमें महिला सुरक्षित, सहज और सम्मानित महसूस करे। मां को अपने शिशु के लिए निजता मिले, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु आसानी से पहुंच सकें, बेटियों को स्वास्थ्य और सुरक्षा का भरोसा मिले और ग्रामीण महिलाओं के हुनर को मंच मिले—यही इस बार के आयोजन की खास पहचान होगी।
‘भक्ति भी, प्रकृति भी’ के साथ ‘नारी सम्मान भी’—पुरा महादेव से बागपत इस बार आस्था के साथ संवेदना और जिम्मेदार व्यवस्था का संदेश देने की तैयारी में है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग, बागपत