समाज का दलाल जबतक ना होगा हलाल (वोट से)तबतक समाज ना होगा माला माल समाज का माल खा जाता है दलाल हो जाता है मालामाल समाज हो जाता है कंगाल इस बात का ध्यान रखना होगा अन्यथा 5 साल तक रोना होगा
यूपी में एक ठग आफ निषाद है!
बिहार में भी एक ठग आफ मल्लाह है
इन दोनों को लांच करने वाला भाजपा है इनका इतिहास जान लिजिये
जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप
दोनो महामंत्र सामाजिक एकता का कमाल का महामंत्र सवित हुआ है
दो महामंत्र के जनक साहब आनन्द निषाद जी हैं
जिन्होंने समाज को राजनैतिक व्यवस्था में भागीदारी के लिए जनजागृति अभियान युद्धस्तर पर चलाने का प्रतिज्ञा करके यूपी के गांव गांव में घूम घूम कर पुरब से पश्चिम तक उत्तर से दक्षिण तक अकेले कंधे पर 25 किलो का चमड़े का झोला टांग कर गाँव गांव में जाकर जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप की बुलन्द आवाज को पहचानने वाली बात कहते थे पहले लोग उनको पागल समझते थे लेकिन
“”””एक रात गांव में अपनी बात “””‘”का अभियान युद्धस्तर पर चलाए
लोगों को अच्छा लगा उनके जागृति अभियान को समझा उनके MISSION (लक्ष्य) (Vision)दृष्टिकोण को समझा सामाजिक एकता का महामंत्र का आगाज हो गया
जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप
ये दोनों महामंत्र से ब्राह्मणवाद की जड़े हिलने लगा
ये दौड़ था 2002 से 2011 व 12 तक
सत्ताधारी दल जोड़ तोड़ में माहिर भाजपा की जड़े हिल गई थी
साहब आनन्द निषाद जी बसपा के संस्थापक सदस्य में अब्बल थे
सम्पूर्ण देश में 85 बनाम 15 प्रतिशत की की लड़ाई की आगाज के जनक साहब आनंद निषाद जी थे
डा अंबेडकर जी भी संविधान में कही नहीं लिख पाए थे 85 बनाम 15 प्रतिशत की लड़ाई है
6 दिसंबर 78 को साहब आनन्द निषाद जी व काशीराम जी तथा दिनाभाना,रासु गवाई, जोगेंद्र सिंह झल्ली, बीके खापर्डे, जोगेंद्र कवाड़े, सात लोगों ने बाम सेफ की स्थापन मुलामुठा ज्योतिबा राव फुले जी के गांव में स्थापना किए थे लेकिन कार्यकर्ताओं के अनुरोध पर बाम सेफ 1980 में स्टॉप करके 16 जनवरी 1980 को साहब आनन्द निषाद जी ने अपने जन्म दिन 16 जनवरी 80 को स्लोगन (नारा) दिए ब्राह्मण ठाकुर बनिया छोड़ बाकी सब है DS 4 का आवाज बुलंद किए DS 4 का अर्थ दलित शोषित संघर्ष समाज समिति रखा गया था जो गैर राजनैतिक संगठन था इसी संगठन के माध्यम से 80 में 400 सीटों पर DS 4 ने चुनाव लड़ा था 14 अप्रैल 84 को 85 बनाम 15 प्रतिशत की गैर राजनैतिक सामाजिक व्यवस्था को लेकर बहुजन हिताय बहुजन सुखाय के सिद्धांत पर बहुजन समाज पार्टी की स्थापना काशीराम जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष और साहब आनन्द निषाद जी राष्ट्रीय महासचिव बन कर पार्टी का रजिस्ट्रेशन करवा कर चुनाव मैदान में आया गया 89 के लोक सभा चुनाव हुआ था बसपा का खाता नहीं खुल सका काशीराम जी पांच चुनाव लड़ कर हताश हो चुके थे 91 में मुलायम सिंह यादव CM थे साहब आनन्द निषाद जी का विचारधारा के माध्यम से मुलायम सिंह जी से समझौता तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का सहमति हुआ था जिसमें शर्त साहब आनन्द निषाद जी ने रखे थे की 3 तीन सीट में काशीराम जी को इटावा आपके गृह जनपद से चुनाव लड़वाए और सहमति हुआ काशीराम जी को पहली बार इटावा से लोक सभा में जाने का मौका मुलायम सिंह यादव ने दिए थे!
अगर साहब आनन्द निषाद जी नहीं होते तो बसपा का समझौता मुलायम सिंह यादव जी से नहीं होता और बसपा काशीराम व मायावती तीनो का आता पता नहीं होता 93 में साहब आनन्द निषाद जी ने मुलायम सिंह यादव जी से गठबंधन करवाए थे बसपा 125 सीटों पर लड़ा था मुलायम सिंह यादव जी ने इतना मेहनत किए थे उस वक्त की एक ही झटके में बसपा 67 सीट जीत कर क्षेत्रीय दल की मान्यता मिल गया था साहब आनन्द निषाद जी ने मुलायम सिंह यादव और काशीराम को हाथ मिलवाते हुए नारा दिए थे “””” मिले मुलायम काशीराम हवा में उड़ गया जय श्री राम “””””और सपा बसपा गठबंधन की सरकार बन गई थी लेकिन धोखा काशीराम ने मुलायम सिंह यादव को मायावती के चक्कर में दिया था 1 जून 95 को RSS व भाजपा के इशारे पर समर्थन वापस ले लिया और सपा बसपा गठबंधन की सरकार गिरा कर भाजपा के समर्थन से सरकार बना लिया मायावती 3 माह की CM बन गई थी जिस महापुरुष मुलायम सिंह यादव जी ने काशीराम मायावती दोनों को लोक सभा में भेजा बसपा को स्थापित किया उसी के साथ दगाबाजी धोखा दे कर सरकार गिरा कर मुलायम सिंह के कंधे पर चढ़ कर इतनी ऊंचाइयों पर चढ़ गई आज उसी धोखा के परिणाम से बसपा विलुप्त हो गई काशीराम को उसके कुकर्मों का परिणाम ऐसा दी मायावती ने की बसपा आज नजर तक नहीं आ रही है
बसपा को स्थापित करने में 1978 से लगातार 2002 तक साहब आनन्द निषाद जी ने काशीराम को साथ दिए जिसका रुतबा बुलन्द इतना हुआ की देश में नाम हो गया लेकिन झूठ की बुनियाद पर राजनीति नहीं होता है वही हाल आज बसपा मायावती दोनों की हुई है पार्टी वही चुनाव चिन्ह वही नेता वही लेकिन बसपा की ऐसी अंत हो गई है की कोई एक विधायक तक नहीं है क्यों उसका कारण ही है धोखा झूठ फरेब से राजनीति करना जिसके कारण आज मायवती बसपा दोनों का नमो निशान मिट गई है
साहब आनन्द निषाद जी को अपने समाज का कर्त्तव्य बोध हुआ जब कोई जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप का कोई नाम तक नही जानता था उस वक्त साहब आनन्द निषाद जी ने गांव गांव में जा कर निषाद कश्यप बिंद समाज के महापुरुषों के संघर्ष बलिदानी को समाज को अवगत करवाए हैं उसके बाद सामाजिक चेतना जागृत हुआ है
झंझट लाल और ठग आफ मल्लाह दोनों ने अपनी स्वार्थ देखा संजय निषाद ने तो ऐसा कोई सगा नहीं जिसे संजय निषाद ने ठगा नहीं ठीक उसी तरह से ठग आफ मल्लाह ने समाज को बेचने का सौदा समझ कर सौदेबाज़ी भाजपा से कर रहा है समाज में कैडर नहीं पैदा किया समाज को पेड वर्कर बना कर समाज को बेच कर करोड़ों कमाया है और कमा रहा है भाजपा का ढाल बन कर भाजपा को फायदा पहुंचा कर शोषण करवा रहा है भाजपा के द्वारा दोनों ने समाज का अधिकार आरक्षण पर चर्चा नहीं करता है सिर्फ अपनी आरक्षण भाजपा से लेकर करोड़पति बन गया समाज में बहुत रोष होता गया 2020 में इसने ठग आफ मल्लाह ने चुनाव लड़ा लेकिन समाज ने इसे विधायक बनाने नहीं दिया फिर भी भाजपा ने इसे अपने कोटे से MLC दो साल के लिए बना कर मछली मंत्री बना दिया इसके समय में मत्स्य पालन को समाज की पुस्तैनी धंधा को भाभनो राजपूतों ने समाज से मंत्री को रिश्वत देकर मछली का धंधा छीन लिया गया लगभग 42 मत्स्य पालन सोसाइटी मंत्रियों की हत्या करवाया खुद मालामाल हो गया समाज कंगाल हो गया मछली का रोजगार धंधा छीन लिया गया उसके बाद में समाज एकजुट हो कर 22 में इसके खिलाफ में प्रदर्शन किया अंत में नीतीश कुमार ने इसे मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया उस वक्त जब ये अपने कुकर्मों से पैदल हो गया तो यूपी विधानसभा चुनाव में बोलने आया था की मैं समाज का आरक्षण के लिए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन उस वक्त इसने ब्राह्मणों भूमिहारों राजपूतों से मिल कर समाज का धंधा छीन लिया था इसलिए इसे मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था CM नीतीश कुमार ने उस दौर में आरक्षण की कभी चर्चा तक नही किया था अब संजय निषाद के बारे में कुछ बोलना नहीं है उसके कुकर्मों को यूपी की सम्पूर्ण जनता जानता है साहब आनंद निषाद जी समाज को राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अलीगढ़ आगरा अंबेडकर नगर गोरखपुर तमाम जगहों पर आंदोलन किए 2008 में अलीगढ़ में धारागढी पंचायत में जमीन भूमिहीनों के लिए आंदोलन चलाए 37 दोनों तक आमरण अनशन किए जिन्दगी मौत से झूझते हुए साहब आनन्द निषाद जी ने अलीगढ़ DM को नाको दम कर दिए उस भूमिहीनो को जमुना नदी उस पाड़ हरियाणा में जाकर जाटों से उसके कब्जे वाले जमीन पर 37 दिनों तक आमरण अनशन करके 5हजार ऐकड़ जमीन में से उस वक्त 1हजार एकड़ जमीन भूमिहीनों को दिलवाए थे समाज की एक जवान की हत्या हुआ था उस वक्त भी अकेले तत्कालीन डीएम से गिरवान तक पकड़ कर झूमा झटकी किए और अपराधियों को जेल भिजवाये थे 2011 में मायावती की सरकार में शीलू निषाद बलात्कार कांड पुरषोत्तम द्विवेदी मायावती की चहेता आबकारी मंत्री जो सुशील चंद मिश्रा के फुफेरा भाई के कुकर्मों के विरोध में साहब आनन्द निषाद जी ने बांदा DM SP और मंत्री के खिलाफ DM के विरोध में आंदोलन चलाया मायावती को मालूम हो गया SP DM ने साहब आनन्द निषाद जी को पिटवा कर बांदा जेल भेज दिया था उस वक्त साहब आनंद निषाद जी ने निर्भीक हो कर जेल के अंदर ही आमरण अनशन 11दिन तक किए थे तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल जी 12 दिसंबर को जेल में मिलने के लिए आए उनसे सिर्फ इतना ही मांग किए थे की CBI जांच करवा दे अंत में गृह मंत्री ने जांच करवा दिए थे अंत में शीलू निषाद को न्याय मिला तत्कालीन DM SP बांदा को गिरफ्तारी हुआ साथ में SHO तत्कालीन आबकारी मंत्री पुरुषोत्तम द्विवेदी को मायावती ने मजबूर होकर बर्खास्त कर के जेल भेजा गया शीलू निषाद को न्याय मिली थी साहब जेल से 23 दिन में बाइज्जत बरी हुए थे साहब आनंद निषाद जी ने जेल से रिहा होकर मायावती को CM आवास में जाकर बोल कर आए थे की 2012 का सत्ता का सूरज देखने नहीं दूंगा 2012 में मायावती को साहब आनंद निषाद जी के अदम्य साहस से सरकार चली गई थी साथ में भाजपा की भी लुटिया डूब गई थी लेकिन मायावती की टूल किट नहीं गई आज साहब आनन्द निषाद जी फिर उठ कर खड़ा हुए है समाज को जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप के महामंत्र से ओत प्रोत हो चुका है समाज इस दोनों के धोखे में नहीं आ रहा है कुछ लोग जो ठग आफ मल्लाह के बारे मे नहीं जानते हैं वह गुमराह हो कर ठग आफ मल्लाह के साथ ढोल बजा रहे हैं लेकिन सोचो ये समाज का भागीदारी और भविष्य खा रहा है आज बांदा जेल में तत्कालीन DM SP SHO आजीवन उम्र कैद की सजा भुगत रहे हैं उस वक्त धर्मराज निषाद नरेंद्र कश्यप जय प्रकाश निषाद मंत्री था लेकिन किसी ने शीलू निषाद को न्याय नहीं दिलवा सका था क्यों? स्वार्थ में लिप्त समाज का नेता अपना घर भरना चाहते है लेकिन साहब आनंद निषाद जी अपनी घर फूंक कर राजनीत करते हैं आज समाज में बहुत नेता पैदा सिर्फ जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप के आवाज से पैदा हो रहा है इस बार साहब आनन्द निषाद जी भारतीय जन जागृति पार्टी BJJP के द्वारा INDIA गठबंधन से सम्मान जनक सीट ले कर समाज को पहले भागीदार बना कर अधिकार देंगे आइये निषाद राज वंशजों को उद्धार करें इस दोनों धोखेबाजों को समाज ने नकार दिया है विहार में ठग आफ मल्लाह ने RJD कांग्रेस गठबंधन को हरवाने के लिए अमित शाह से 8 अक्टूबर 25 को शाम को ताज होटलपटना में क्यों मिलने गया था पूछता हैं समाज गठबंधन से गद्दारी कौन क्यों किया दोनों ठग आफ मल्लाह और ठग आफ निषाद जब भि किसी बड़े नेताओं से मिलने जाता है तो दोनों सामाजिक दलाल अकेले क्यों मिलने जाता हैं पूछता हैं समाज क्या अपने पर्टी में इनको एक भी विश्वासी पदाधिकारी नहीं है जिसे साथ ले जा सकता हैं क्योंकि इनको अपने लोगों पर विश्वास नहीं है जो भी भाई इनके साथ है अपना समय बर्बाद कर रहे हैं इसे बिहार के सामाजिक लोगों ने समझ और जान लिया है इसलिए शुन्य पर आउट करके घर में बैठने का आदेश दिया है ये दोनों सौदागर है जानो छानो फिर मानो ये सामाजिक दलाल हैं इसी दोनों ने समाज को गुमराह करके भाजपा को समर्थन दे कर भाजपा को मजबूत किया है ये सामाजिक गद्दार है ये भाजपा का एजेंट है जय निषादराज साहब आनन्द निषाद जी के ब्लॉग से सुरेश निषाद के कलम से आइए हमलोग निषादराज वंशजों की कल्याण के लिए संघर्ष करके सबसे बड़ा राक्षस भाजपा को यूपी से नेस्तनाबूद करे ठग आफ मल्लाह ने तो पिछले माह में अमित शाह से मिलकर क्यों आया है यूपी में क्योंकि यहां भी बिहार जैसे भाजपा विरोधी वोट जो सामाजिक लोगों का वोट है संजय विरोधी वोट है उसे सपा कांग्रेस BJJ P के गठबंधन इंडिया गठबंधन में ना चला जाय उस वोट को रोकने के लिए यूपी आया है ठग आफ मल्लाह को अमित शाह ने लाया है इसके भाई संतोष साहनी इसके गृह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था उसे 393 वोट मिला है इसके गांव का बूथ का वोट भाजपा को मील गया है इसके इशारे पर भाजपा के सुजान सिंह जीत 4 हजार से जीता है चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए शादी इंडिया गठबंधन से सुहागरात भाजपा से मनाने वाले को यूपी की सामाजिक लोग करारा जवाब देगा जय निषाद राज जय महर्षि कश्यप जय फूलन देवी जय सम्राट अशोक जय भारत सुरेश निषाद के कलम से