महादेव की नगरी से ‘नारी सशक्तिकरण’ का नया मंत्र: हमारी बेटियाँ हो स्वस्थ भी, सुरक्षित भी, स्वाभिमानी भी
मेले का जायजा लेने पहुंचीं जिलाधिकारी अस्मिता लाल, बागपत की बेटियों को दी स्वास्थ्य और सुरक्षा की सौगात
बागपत, 06 अगस्त 2026 — श्रावण मास में आस्था के प्रमुख केंद्र परशुरामेश्वर पुरा महादेव से आज केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि ‘मिशन शक्ति’ और बालिका सशक्तिकरण का भी सशक्त संदेश दिया गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुरा महादेव पहुंचकर किशोरियों के एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का निरीक्षण किया तथा पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराया। इसके साथ ही उन्होंने किशोरियों को ‘निरा’ पुनःप्रयोग योग्य सेनेटरी पैड और महिला सुरक्षा अलार्म डिवाइस भी वितरित किए। स्वास्थ्य, स्वच्छता, सम्मान और सुरक्षा—चारों पहलुओं को एक मंच पर जोड़ते हुए जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया कि बेटियों का सशक्तिकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि उनका स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना भी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने किशोरियों एवं उनके अभिभावकों से संवाद करते हुए कहा कि कोई भी पात्र बालिका एचपीवी टीकाकरण से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र किशोरी तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
‘मैडम, पैड महंगा होता है…’ से शुरू हुई ‘निरा’ की कहानी
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को ‘निरा’ पुनःप्रयोग योग्य, 100 प्रतिशत कॉटन एवं प्लास्टिक-रहित सेनेटरी पैड वितरित किए। उन्होंने बताया कि ‘निरा’ केवल पैड वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ा सामाजिक अभियान है। इसकी शुरुआत उस समय हुई जब एक बालिका ने उनसे संकोच के साथ कहा था—”मैडम, पैड महंगा होता है…”। इसी एक वाक्य ने प्रशासन को समाधान की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया और ‘निरा’ पहल की नींव पड़ी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक किशोरियां आर्थिक कारणों से सुरक्षित सेनेटरी पैड का उपयोग नहीं कर पातीं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं प्लास्टिकयुक्त डिस्पोजेबल पैड पर्यावरण के लिए भी बड़ी चुनौती हैं, क्योंकि इनके पूर्णतः नष्ट होने में 500 से 800 वर्ष तक का समय लग सकता है। ऐसे में पुनःप्रयोग योग्य कॉटन पैड स्वास्थ्य, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण—तीनों दृष्टियों से बेहतर विकल्प हैं।
बेटियों को मिला ‘सुरक्षा कवच’
महिला सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी ने किशोरियों को पर्सनल सेफ्टी अलार्म डिवाइस भी वितरित किए। उन्होंने बताया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत शुरू की गई यह पहल महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यदि कोई महिला या किशोरी स्वयं को असुरक्षित महसूस करती है, तो अलार्म सक्रिय करते ही लगभग दो मिनट तक 50 मीटर की दूरी तक तेज ध्वनि उत्पन्न होगी, जिससे आसपास मौजूद लोग तत्काल सहायता के लिए पहुंच सकेंगे।
एक मंच पर स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा का संदेश
पुरा महादेव में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि ‘मिशन शक्ति’ केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से भी जुड़ा हुआ है। एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से बेटियों को गंभीर बीमारी से सुरक्षा, ‘निरा’ के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता और गरिमा तथा सुरक्षा अलार्म के माध्यम से आत्मरक्षा का विश्वास प्रदान कर प्रशासन ने बालिका सशक्तिकरण का समग्र मॉडल प्रस्तुत किया।
श्रावण मेले की व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी अस्मिता लाल व पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश और जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने श्रावण मास मेले का विस्तृत निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी विभाग समन्वय के साथ निरंतर निगरानी बनाए रखें।
इस अवसर को मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह अपर जिलाधिकारी वित्त /राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय ,अपर जिलाधिकारी न्यायिक देवेंद्र कुमार पांडे ,अधिशासी अधिकारी हरिलाल पटेल ,आस्था पाठक, मनोज रस्तोगी सहित आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग बागपत