790 महिलाओं के हाथों तैयार होंगे तिरंगे, हर गांव में सेल्फी प्वाइंट, तिरंगा महोत्सव और बाइक रैली
जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में सीडीओ ने बैठक कर विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां
बागपत 06 अगस्त 2026 — दो लाख तिरंगों से तिरंगामय होने जा रहे बागपत में इस बार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान का व्यापक उत्सव बनेगा। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में आज मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कार्यालय कक्ष में बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिए।
15 अगस्त तक तीन चरणों में चलने वाले अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में तिरंगा एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित आकर्षक पेंटिंग, सैनिकों व पुलिसकर्मियों के लिए विद्यार्थियों द्वारा आभार पत्र लेखन, शहीद स्मारकों की विशेष साफ-सफाई व सजावट, तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ओडीओपी एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी, तिरंगा मेला, सेल्फी प्वाइंट, सामान्य ज्ञान, चित्रकला व रंगोली प्रतियोगिताएं, प्रभात फेरियां, तिरंगा बाइक रैली, शहीद परिवारों एवं पूर्व सैनिकों का सम्मान तथा ध्वज संहिता के प्रति व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा पंचायत सचिवालयों, अमृत सरोवरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों, निराश्रित एवं दिव्यांग आश्रमों तथा बाल सुधार गृहों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने के लिए माय भारत, उड़ान यूथ क्लब, एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, युवा एवं महिला मंगल दल तथा अन्य स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जनपद में एक लाख तिरंगे फहराने का लक्ष्य रखा गया है, जिनका निर्माण 92 स्वयं सहायता समूहों की 790 महिलाएं कर रही हैं। सीडीओ ने निर्देश दिए कि पंचायत विभाग टोकन व्यवस्था के माध्यम से इन तिरंगों की खरीद सुनिश्चित करे तथा अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
पहला चरण (6 से 8 अगस्त) पूरी तरह माहौल निर्माण पर केंद्रित रहेगा। स्कूलों और कॉलेजों की दीवारों तथा बोर्डों पर तिरंगा और भारतीय संस्कृति पर आधारित आकर्षक चित्रकारी कराई जाएगी। हर घर तिरंगा प्रदर्शनी लगाई जाएगी, रंगोली प्रतियोगिताएं होंगी, विद्यार्थी सैनिकों और पुलिसकर्मियों के लिए आभार पत्र लिखेंगे। बाजारों में तिरंगा सजावट होगी, स्वयं सहायता समूहों के तिरंगों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा तथा शहीद स्मारकों, प्रतिमाओं और तोरण द्वारों की विशेष साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट कराई जाएगी।
दूसरे चरण (9 से 12 अगस्त) में पूरा जिला ‘तिरंगा महोत्सव’ मनाएगा। इसमें बृहद तिरंगा मेला, भव्य तिरंगा म्यूजिकल कॉन्सर्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्वतंत्रता आंदोलन आधारित प्रतियोगिताएं, स्थानीय कलाकारों के कार्यक्रम, ओडीओपी एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। प्रमुख स्थानों पर तिरंगा सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे और नागरिकों को हर घर तिरंगा पोर्टल पर सेल्फी अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सूचना विभाग सोशल मीडिया, प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा तथा नागरिकों को ध्वज संहिता की जानकारी भी दी जाएगी।
तीसरे चरण (13 से 15 अगस्त) में हर घर, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अमृत सरोवरों पर ध्वजारोहण होगा। स्कूलों में प्रभात फेरी, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खो-खो, कबड्डी और रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों और दिव्यांग आश्रमों में विशेष कार्यक्रम होंगे। शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों का सम्मान, शहीद स्मारकों पर पुलिस एवं होमगार्ड बैंड द्वारा देशभक्ति धुनें, तथा पुलिस, एनसीसी, एनएसएस, सिविल डिफेंस और खेल विभाग के सहयोग से तिरंगा बाइक रैली भी निकाली जाएगी। वहीं 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभाजन की त्रासदी को स्मरण कर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया जाएगा।
बैठक में सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध पालन करे। उन्होंने निर्देश दिए कि तिरंगा थीम की पेंटिंग में भारतीय संस्कृति की झलक अवश्य दिखाई दे, शहीद स्थलों को सम्मानजनक स्वरूप दिया जाए, अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने और ध्वज संहिता के नियमों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल घरों पर तिरंगा लगाना नहीं, बल्कि हर नागरिक के मन में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता की भावना को और मजबूत करना है।
सूचना विभाग बागपत