पटना। भारतीय जवान किसान पार्टी (BJKP) बिहार ने राज्य में जमीन का दाखिल-खारिज कराने वालों से 200 रुपये जबरन वसूली के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
BJKP के प्रदेश अध्यक्ष पेटी ऑफिसर अशोक कुमार सिंह (से.नि.) ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा:
“दाखिल-खारिज कराने में नए जमीन मालिकों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ती है, यह सर्वविदित है। चक्कर, दलाल, तारीख और चढ़ावा – इसके बाद भी विभाग अब 200 रुपये का नया टैक्स थोप रहा है।”
उन्होंने कहा:
“राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का वर्तमान समय में राजस्व की कमी का रोना शोभा नहीं देता। दाखिल-खारिज के नाम पर अब तक पर्दे के पीछे लेन-देन होता रहा है। उसके अलावा अब विभाग द्वारा 200 रुपये की जबरन वसूली का यह नया फंडा निकाला गया है। यह न्यायसंगत नहीं है। इससे राजस्व का बोझ सीधे आम जनता पर पड़ेगा।”
BJKP का सुझाव:
श्री अशोक कुमार सिंह ने पूछा: “यदि राजस्व की कमी है तो क्यों न जनप्रतिनिधियों की बढ़ती सुविधाओं में कटौती कर घटते राजस्व की पूर्ति की जाए? सांसद-विधायकों की पेंशन, गाड़ी, बंगले, विदेश यात्रा पर लगाम लगाएं। गरीब किसान और मध्यम वर्ग की जमीन पर टैक्स क्यों?”
BJKP की मांग:
- दाखिल-खारिज पर 200 रुपये का शुल्क आदेश तुरंत वापस लिया जाए।
- दाखिल-खारिज प्रक्रिया को 15 दिन में पूर्ण करने की समय-सीमा तय हो और ऑनलाइन ट्रैकिंग अनिवार्य हो।
- दलाल प्रथा खत्म कर
एक खिड़की प्रणालीलागू की जाए।
*श्री सिंह ने पुर्नविचार करने का अनुरोध किया है।
“यदि सरकार ने यह जनविरोधी फैसला वापस नहीं लिया तो BJKP के साथ मिलकर जनता पूरे बिहार में जनविरोधी आंदोलन छेडेगी ।