पहले हैं- बेदीराम। ये ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा से इस वक्त गाजीपुर की जखानिया सीट से विधायक हैं। दूसरे हैं- विपुल दुबे, ये संजय निषाद की निषाद पार्टी से इस वक्त भदोही की ज्ञानपुर सीट से विधायक हैं।
2006 में रेलवे ग्रुप-D का पेपर लीक हो गया था, परीक्षा रद्द करना पड़ा था। इसमें इन दोनों माननीयों को आरोपी बनाया गया था।
बेदीराम पर तो रेलवे भर्ती पेपर लीक से जुड़े 5 मामले हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के 2 व पुलिस भर्ती एग्जाम का 1 मामला दर्ज है। विपुल दुबे पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज है। अब दोनों ही कहते हैं कि हमारे ऊपर दर्ज मामला झूठा है।

सवाल यही है कि जब पेपर लीक के आरोपी विधायक बनेंगे, तब दूसरे आरोपियों में डर कैसे आएगा, वह तो उत्साहित होंगे कि ऐसा करके विधायक बना जा सकता है।