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दिनांक 16-06-25 एम्स, नई दिल्ली, में अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग विभाग है, जिसे *नेशनल सेंटर फॉर एजिंग, एम्स, (National Centre for Ageing, AIIMS) कहा जाता है, जो H678+G57, Block D2, Ansari Nagar East, New Delhi, Delhi 110049, (behind South Extension part 2 market) में स्थित है। जो कि लगभग South Extension Metro station से लगभग 1km दूर है। नेशनल सेंटर फॉर एजिंग, एम्स दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग ब्लॉक है।

अपना आधार कार्ड लेकर वहाँ जाएँ और पंजीकरण करवाएँ। MD डॉक्टर आपकी जानकारी लेंगे और जाँच/दवाएँ लिखेंगे।

यदि आपको किसी सर्जरी जैसे विशेष उपचार की आवश्यकता है: आँखों की जाँच: यूरोलॉजी समस्या, तो आपको उसी परिसर में अलग-अलग बिल्डिंग में रेफर किया जाएगा। सभी टेस्ट और दवाइयां निःशुल्क दी जाती हैं।

पंजीकरण के लिए 6 काउंटर हैं और परामर्श के लिए 10 एमडी डॉक्टर आवंटित हैं। यदि आप वहां जाते हैं तो अधिकतम 2/3 घंटे में आपका इलाज हो जाता है।

वरिष्ठ नागरिकों को इस बेहतरीन सुविधा का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। कृपया इस जानकारी को व्यापक रूप से साझा करने पर विचार करें.

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— विषय: OBC एवं सभी जातियों की जाति-आधारित गिनती कराने की मांग को लेकर सांसदों को (ई-मेल) भेजा ज्ञापन.. गाजीपुर, 04 अगस्त 2026 देश में सामाजिक न्याय और समुचित विकास सुनिश्चित करने के लिए आज राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, भारत विद्यार्थी मोर्चा एवं राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के अध्यक्षों ने अलग अलग अपने मोर्चा के माध्यम से 75 गाजीपुर लोकसभा सांसद मा. अफजाल अंसारी जी एवं उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद मा. डॉ संगीता बालवंत जी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई है कि संसद के चल रहे वर्षाकालीन सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 में OBC एवं सभी जातियों की जाति-आधारित गिनती का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि “जब तक सही-सही गिनती नहीं होगी, तब तक न तो सही योजना बनेगी, न सही बजट मिलेगा और न ही सामाजिक न्याय हो पाएगा।” देश की आबादी का बड़ा हिस्सा OBC, अन्य पिछड़ा वर्ग से है, लेकिन आज भी उनके वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है। मुख्य मांगें: 1.⁠ ⁠तुरंत जाति-आधारित गणना कराकर उसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं 2.⁠ ⁠OBC आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनसंख्या के अनुपात में सुनिश्चित किया जाए 3.⁠ ⁠संसद में विशेष चर्चा कराकर केंद्र सरकार से समयबद्ध कार्यक्रम घोषित कराया जाए प्रतिनिधियों ने कहा कि जाति-आधारित गिनती सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और न्याय की बुनियाद है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचेंगी। दोनों सांसदों से अपेक्षा की गई कि वे संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाकर पूर्वांचल और पूरे देश के अन्य पिछड़ा वर्ग की आवाज बनें। ज्ञापन देने वाले

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