Spread the love

यकीन मानिए 2015 के आसपास मैंने वीडियो व लिखित भी पोस्ट की थी कि देश के चारों स्तंभ, न्यायपालिका कार्यपालिका विधायिका और मीडिया खत्म कर दिए गए।
लेकिन मेरी बात का कोई यकीन नहीं करता था नंबर सबका आएगा न्यायपालिका समझती थी कि आपका नंबर नहीं आएगा।

देश में सबसे पहले एक स्तंभ मीडिया खरीद फरोख्त कर खत्म किया गया।
जोड़-तोड़ की राजनीति सांसद विधायक जिम्मेदार लोगों की खरीद फरोख्त कर विधायिका को बर्बाद किया गया।
सीबीआई इलेक्शन कमीशन जैसे स्वतंत्र देश के प्रतिभावान संस्थाओं को जबरदस्ती आदेश देकर कमजोर किया गया ।
न्यायपालिका को भी पर्दे के पीछे कंट्रोल किया गया। जनता में माहौल है कि न्यायपालिका द्वारा दबाव में फैसले दिए गए।अब न्यायपालिका के प्रति जनता में आक्रोश झलकता है। एडवोकेट के द्वारा तारीख पर तारीख मिलने पर फाइलें जज की तरफ उछाल दी गई। इससे देश में एक संदेश तो चला गया है कि देश की कुछ जनता न्यायपालिका से नाराज है जनता सिर्फ चुप इसलिए है की अदालत की अवमाना ना हो जाए।

निवेदक सुभाष चंद कश्यप 9837749557 13.7.26

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×