ईरान अमेरिका के युद्ध से निर्मित वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक अस्थिरता की स्थिति से निपटने के लिए हमारे प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्र की जनता से अपील की है कि एक वर्ष अनावश्यक सोना नहीं खरीदें, डीजल-पेट्रोल का उपयोग कम करें और विदेशी वस्तुओं की खरीद कम करें तथा केवल जरूरी विदेश यात्रा करें।
यहाँ प्रश्न यही है कि प्रधानमंत्री ने अपने देशवासियों से ऐसी कौनसी गैर-जरूरी या अनुचित अपील कर दी है जिसके लिए पूरे देश को सर पर उठा लिया जाए।
- क्या आप जानते हैं कि हमारा देश सोने के उपभोक्ता और आयातक के तौर पर विश्व में स्विट्ज़रलैंड और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा देश है, हम अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत सोना आयात करते है। देश में लगभग 700-900 टन सोना प्रतिवर्ष आयात होता है। अर्थात मूल्यानुसार 1700 करोड़ रुपये प्रतिदिन का सोना आयात और इस सोना-आयात के लिए भुगतान केवल डॉलर में ही करना होता है।
- दुनियाभर के अर्थशास्त्री आभूषण के लिए स्वर्ण निवेश को अनुत्पादक निवेश ही मानते है क्योंकि स्वर्ण आभूषण में निवेशित पूंजी दीर्घकाल के लिए अवरुद्ध हो जाती है।
- आप यदि एक वर्ष सोना नहीं खरीदेंगे, विदेश नहीं घूमेंगे या पेट्रोल डीजल और खाद्यतेल का मितव्ययिता से उपयोग कर लेंगे तो कोई आसमान नहीं गिर जाएगा या भूचाल नहीं आ जाएगा, हाँ आपके इस सहयोग से देश को सोना, पेट्रोल-डीजल और कच्चे-तेल का आयात अवश्य कम करना होगा जिससे विदेशी मुद्रा बचेगी और रुपया मजबूत होगा फलस्वरूप देश में आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी, साथ ही डीजल पेट्रोल के कम उपयोग से पर्यावरण में भी सुधार होगा।
प्रधानमंत्रीजी ने आपसे केवल अपील ही तो की है, कोई सख्त आदेश तो नहीं कर दिया कि आज रात 12 बजे से सोना खरीदना बंद किया जाता है। कोई सख्त कानून नहीं बना दिया या आपके साथ कोई ज़ोर जबर्दस्ती नहीं की जा रही है।
अब निर्णय आपका क्योंकि यह देश जितना मेरा है उतना ही आपका भी।
🇮🇳🇮🇳जय हिन्द जय भारत🇮🇳🇮🇳
आपका
नरेश कश्यप बृजवासी
अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश
कश्यप मल्लाह निषाद एकता महासंघ
महामंत्री दिल्ली प्रदेश एवं
प्रभारी हरियाणा प्रदेश
हिंदू युवा वाहिनी
