समाज को शायद पता होगा की 17 तारीख यानी कल अध्यक्ष VIP पार्टी अर्थात विकासशील इंसान पार्टी श्री मुकेश साहनी ने गाजियाबाद में एक सभा पश्चिम उत्तर प्रदेश के कश्यप समाज के लिए अपनी पार्टी विस्तार के लिए आयोजित कराई थी, ने क्या सवाल रखे और क्या उनकी आगे की रणनीति है वह हमने वही जवाब समाज की तरफ से देने के लिए श्री मुकेश साहनी से किए इनका जवाब उन्होंने इस प्रकार दिया।

मैंने वही जैनुवन सवाल श्री मुकेश साहनी से किये। जिसमें समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी मिले।
- सवाल हमारे द्वारा…..
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आपके अलावा और भी समाज की 10 से 15 पार्टियां है तो उनके रहते हुए हम आपसे ही क्यों जुड़े?
मुकेश साहनी जी द्वारा जवाब…..
पार्टी तो 14000 हजार में रजिस्टर्ड हो जाती है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्षों की इतनी औकात नहीं है कि वह पार्टी चला सके बिना गाड़ी संसाधन के पार्टी नहीं चलती जो कि सब मेरे पास है।
- सवाल…….
आप महागठबंधन से हो आपको कितने टिकट समाज के लिए मिल रहे हैं और पश्चिम में कितने टिकट आप समाज को देंगे?
जवाब मुकेश साहनी जी द्वारा…..
हमें कितने टिकट मिलेंगे और कितने हम पश्चिम में देंगे यह अभी हम आपको नहीं बता सकते पहले आप पार्टी को मजबूत करो उसके बाद उसी हिसाब से हिस्सेदारी दी जाएगी।
मेरा लक्ष्य है 2027 के विधानसभा चुनाव में तो कुछ नहीं कर पाऊंगा लेकिन 2032 विधानसभा के चुनाव में यहां आपको अच्छी तरीके से खड़ा कर दूंगा।
फिर भी अगर गठबंधन से एक सीट मिलती है तो मैं पश्चिम में अपने मान सम्मान के लिए एक सीट पर जरूर कश्यप समाज को 2027 में चुनाव लड़ाऊंगा।
पश्चिम उत्तर प्रदेश के युवाओं को देखते हुए मैंने वहां पर एक ऑब्जरवेशन किया है। सहारनपुर से 60 से 70 व्यक्ति थे, बागपत से 20 से 30 समाज के लोग गए हुए थे, मुजफ्फरनगर से एक दो ही था, शामली से भी एक दो ही था, गाजियाबाद के भी 10 से 15 व्यक्ति थे, बुलंदशहर के 10 से 15 थे, बिजनौर से चार से पांच व्यक्ति थे। बाकी इटावा, मैनपुरी, आगरा, अलीगढ़ के समाज के व्यक्ति थे। मुरादाबाद बरेली के भी थे। कोई लगभग ढाई सौ से 300 व्यक्ति सभा मैं उपस्थित थे।
वहां पर एक ऑब्जरवेशन निकल कर आता है जो समाज में सहारनपुर मंडल और मेरठ मंडल की राजनीतिक पार्टियां समाज की हैं। यह रजिस्टर्ड है या नहीं है और वह कह रही है कि समाज उनके साथ जुड़े लेकिन कम से कम इन मंडलों के 100 व्यक्ति वहां पर मौजूद थे वह समाज के व्यक्ति इन समाज की पार्टियों के साथ क्यों नहीं जुड़ना चाहते। क्यों इनमें से वीआईपी के साथ जाना चाहते हैं। मुझे ऐसा महसूस हुआ वह वीआईपी पार्टी के साथ इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि समाज के जो छुट-पुट राजनीतिक पार्टियों के नेता है समाज को सिक्योरिटी देने में असमर्थ है तथा श्री मुकेश साहनी उनको संसाधन देने की बात कर ही चुके हैं।
जो समाज के लोग मेरठ और सहारनपुर मंडल में राजनीतिक पार्टी चलाने की बनाने की रजिस्ट्रेशन करने की घोषणा कर चुके हैं और वह कह रहे हैं हमारी पार्टी में आओ समाज के लोगों को, तो वह क्या समाज को विश्वास दिला देंगे कि वह सही है क्योंकि वह भी निषाद पार्टी के साथ साथ कांग्रेस तथा भाजपा, 10 से 14 सामाजिक संगठन बनाकर के मैनपॉवर और पैसा चंदा सब निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद को दे चुके हैं। जिसने परिवारवादी राजनीति करी है केवल अपने परिवार को लाभ दिया।
अब तक भी समाज उस दोर से उठ नहीं पाया और ठगा गया है
✍️AKS
