बागपत के पेंशनरों को बड़ी राहत, अब घर बैठे जमा होगा जीवित प्रमाण पत्र, कोषागार में भी बना हेल्प डेस्क
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने दी जानकारी: पोस्ट ऑफिस, जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे और मोबाइल से भी कर सकेंगे आवेदन
बागपत। जनपद के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें जीवित प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए कोषागार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पेंशनर घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए भारत सरकार की जीवन प्रमाण पोर्टल और मोबाइल एप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पेंशनरों की सुविधा को देखते हुए बागपत कोषागार कार्यालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है, जहां से उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि कोषागार बागपत से पेंशन प्राप्त करने वाले सभी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा के बारे में जागरूक किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक पेंशनर इसका लाभ उठा सकें।
पेंशनर अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा करने के लिए https://www.jeevanpramaan.gov.in वेबसाइट पर जाकर अथवा जीवन प्रमाण एप पर लॉगिन करके ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए घर के नजदीकी पोस्ट ऑफिस, जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे अथवा अपने मोबाइल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पेंशनरों को कोषागार कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनर को अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करने के बाद पेंशनर का नाम, पेंशन का प्रकार यानी सर्विस या फैमिली पेंशन, स्वीकृति प्राधिकारी, भुगतान एजेंसी, कोषागार का नाम, पीपीओ नंबर, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड जैसी आवश्यक जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से जीवित प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार कार्यालय में भी हेल्प डेस्क संचालित की गई है। इसके माध्यम से पेंशनरों को ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने में सहायता मिलेगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस व्यवस्था की प्रतिदिन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पेंशनरों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए सहायक कोषाधिकारी बागपत को प्रतिदिन निगरानी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं साहिल अंसारी एवं विवेक कुमार नैन को कोषागार में प्रतिदिन डीएलसी हेल्प डेस्क संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा जिन पेंशनरों के जीवित प्रमाण पत्र की वैधता नवंबर और दिसंबर माह में समाप्त हो रही है, उन्हें समय रहते अपना प्रमाण पत्र जमा कराने की सलाह दी गई है, जिससे पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। कोषागार प्रशासन का उद्देश्य डिजिटल सुविधा के माध्यम से पेंशनरों की परेशानी कम करना और उन्हें घर के नजदीक ही जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने पेंशनरों से अपील की है कि वे इस ऑनलाइन व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अंतिम समय का इंतजार किए बिना अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कर दें।