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केशरी दर्पण (Keshari Darpan)

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वन्यजीवों की एक लाख से ज्यादा प्रजातियों का हो रहा कारोबार

By Keshari Darpan
November 1, 2026 2 Min Read
0
  • यह पहले लगाए गए अनुमानों का दोगुने से भी ज्यादा
  • मेलबर्न विश्वविद्यालय का शोध, जानवरों के साथ पौधे भी इसका हिस्सा

1,07,356 वन्यजीवों और पौधों प्रजातियों का हो रहा कारोबार
50,000 प्रजातियां शामिल थीं पिछले अनुमान में
4,000 से ज्यादा तितलियों की प्रजातियों का व्यापार होता है
2,000 प्रजातियों की मकड़ियां बेची जाती हैं
3.7 करोड़ समुद्री घोड़े हर साल पकड़े जाते हैं

नई दिल्ली। दुनियाभर में वन्यजीवों और पौधों की कम से कम 1,07,356 प्रजातियों का कारोबार हो रहा है। इससे पहले अनुमान लगाया गया था कि इनकी संख्या 50 हजार हो सकती है। एक नए वैश्विक अध्ययन में सामने आया कि यह संख्या अनुमान के दोगुने से भी ज्यादा है।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्याल की शोधकर्ता और अध्ययन की प्रमुख लेखिका एलिस ह्यूजेस के मुताबिक, जब वन्यजीव व्यापार की बात होती है तो आमतौर पर दिमाग में हाथियों, बाघों और पैंगोलिन की तस्करी आती है। इसका दायरा इससे कहीं बड़ा है। इसमें लकड़ी, समुद्री भोजन, औषधीय पौधे, पालतू जानवर, सजावटी मछलियां और कवक तक शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर का कारोबार कानूनी रूप से होता है।

अवैध कारोबार कुल व्यापार का छोटा हिस्सा
अध्ययन के मुताबिक, वन्यजीवों का ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय कारोबार कानूनी है। अवैध तरीके से हासिल किए गए वन्यजीवों की जब्ती कुल कानूनी और अवैध व्यापार की मात्रा का महज 0.01 फीसदी है। वहीं, कीमत के लिहाज से देखें तो अवैध तस्करी का हिस्सा कुल कारोबार के 10 फीसदी से ज्यादा नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अवैध कारोबार का हिस्सा भले ही छोटा हो, लेकिन इससे संकटग्रस्त प्रजातियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा है।

पौधे और छोटे जीव भी शामिल
वन्यजीव व्यापार में पौधों की प्रजातियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। जानवरों में सबसे ज्यादा तितलियों और मकड़ी का कारोबार होता है। दुनियाभर में तितलियों की 4,000 से ज्यादा और मकड़ी जैसे जीवों की करीब 2,000 प्रजातियों का व्यापार किया जाता है। विकासशील देशों से पकड़कर इन्हें अमीर देशों के बाजारों में बेचा जाता है।

पक्षियों की 65 फीसदी प्रजातियां कारोबार का हिस्सा
दुनिया में पक्षियों की लगभग 65 फीसदी ज्ञात प्रजातियां किसी न किसी रूप में व्यापार का हिस्सा हैं। इनकी मांग मांस, पंख और घर में पालने के लिए होती है। कई पक्षियों को उनकी मधुर आवाज या इंसानों की तरह बोलने की क्षमता के कारण खरीदा जाता है। इनमें कई प्रजातियों के तोते और छोटी चिड़ियां शामिल हैं।

हर साल पकड़े जाते हैं 3.7 करोड़ समुद्री घोड़े
मछलियों की 5,454 प्रजातियां अंतरराष्ट्रीय कारोबार का हिस्सा हैं। अनुमान के मुताबिक, हर साल करीब 3.7 करोड़ समुद्री घोड़ों यानी सी-हॉर्स को पकड़ा और बेचा जाता है। इनमें से लगभग 95 फीसदी उन देशों से आते हैं जहां ऐसे व्यापार पर नजर रखने वाली संस्था साइट्स ने इनके व्यापार पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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