नितिन कुमार सिंह, बागपत। कई बार पुलिस भी धोखा खा जाती है। नतीजा भरी नुकसान हो जाता है। कई मामलो में जान तक भी चली जाती है। इस प्रकार के प्रकरणो का जिम्मेदार कौन? राखी कश्यप के मामले में भी पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। जब पुलिस ने कोतवाली लाकर राखी कश्यप से पूछताछ की तो उससे पहले ही वो अपने प्रेमी आउटसोर्सिंग डूडा कर्मचारी विक्रांत सिंह की हत्या कर चुकी थी। जिसकी पुष्टि शायद नहीं की जा सकती कि वास्तव में राखी कश्यप ने ही हत्या की या अन्य किसी और ने और नाम मृतक राखी कश्यप के लगा दिया।
पुलिस ने जब राखी कश्यप को गिरफ्तार किया पुलिस उसकी जुबान नहीं खुलवा पाई। पुलिस ने उसे छोड़ दिया। उसने फोन करके विक्रांत को गोली लगने की भी सूचना पुलिस को दे दी थी, जिसे पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद राखी की भी हत्या हो गई। लोगो को कहना है कि कही पुलिस ने जानबूझकर राखी को मरने के लिए तो नहीं छोड़ा था।
प्रयागराज की गोविंद कॉलोनी निवासी विक्रांत सिंह बागपत में डूडा में आउटसोर्सिंग कंपनी के तहत तैनात था। वह 15 अप्रैल की शाम करीब साढ़े सात बजे काम करने के बाद कार्यालय से घर के लिए गया था। 16 अप्रैल की सुबह कार्यालय नहीं आया।
इंतजार करने पर स्टाफ ने कॉल की तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। 23 अप्रैल को उसकी पत्नी प्राची व अन्य लोग एसपी से मिले। प्राची ने बताया था वह विक्रांत सिंह और बेटी के साथ वर्तमान में गर्ग एंक्लेव निकट महिला थाना चमरावल रोड बागपत में रहती है।
वह सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग नोएडा में नौकरी करती है। उसके पति गत 16 अप्रैल की सुबह अपने कार्यालय गए थे। वह भी अपने ऑफिस में गई हुई थी। उस दिन सुबह 9.30 बजे पति से फोन पर बात हुई थी। वह प्रयागराज चली गई थी। इसके बाद से पति घर नहीं लौटे। उनके दोनों मोबाइल स्विच ऑफ हैं।
पता चला है कि उनके पति, राखी कश्यप के संपर्क में थे। आरोप है कि पति पर महिला मानसिक दबाव बना रही थी और मांग पूरी न होने पर पुलिस से झूठी शिकायत करने की धमकी दे रही थी। शक है कि उनके पति उस महिला की वजह से लापता हुए हैं।
वहीं, एसपी सूरज कुमार राय ने पुलिस टीम गठित की थी। पुलिस ने उसी रात कोतवाली लाकर राखी कश्यप से पूछताछ की थी। उसने पुलिस को जानकारी दी थी कि उसकी शादी 25 अप्रैल को विक्रांत से होनी है। इस वजह से परिवार से तंग होकर विक्रांत कहीं गया होगा।
पुलिस ने उसकी बात पर विश्वास करते हुए उसे छोड़ दिया था, जबकि वह अपने दो साथियों सुधारस चौहान व कपिल चौहान के साथ मिलकर विक्रांत की हत्या कर चुकी थी। जिसकी पुष्टि के लिए गहन जिसकी जाँच जरुरी है।
क्या पोल खुलने के डर से सुधारस व कपिल ने मिलकर 25 अप्रैल को सहारनपुर में फार्म हाउस पर ले जाकर राखी कश्यप की हत्या कर दी? पुलिस घटना को गंभीरता से लेती तो राखी की जान बच जाती और विक्रांत की हत्या का पहले ही राजफाश हो जाता।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राखी कश्यप ने 16 अप्रैल की रात पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल करके सूचना दी थी कि उसके पति (विक्रांत) ने खुद को गोली मार दी है। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। बाद में बोल दिया था घरेलू विवाद में गलती से कॉल कर दी थी। वहीं परिवार व अन्य लोगो का कहना है कि राखी कश्यप और विक्रांत डूडा कर्मी की मौत की सीबीआई जाँच हो तो केस का सही खुलासा हो सकता है।
डूडा कर्मचारी विक्रांत सिंह के लापता होने की सूचना एक सप्ताह बाद मिली थी। 17 अप्रैल को विक्रांत का शव सहारनपुर में मिलने की सूचना प्राप्त हुई। इस संबंध में सहारनपुर पुलिस अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई कर रही है। इस मामले में बागपत पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है। सूरज कुमार राय, एसपी बागपत,
