देश की अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी, ओलंपियन विनेश फोगाट ने अब बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि वह पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं। सोशल मीडिया संदेश में विनेश ने कहा कि मौजूदा हालात और 2026 एशियन गेम्स से पहले उनकी वापसी रोकने की कोशिशों के कारण उन्हें अपनी पहचान उजागर करनी पड़ी। गोंडा में ट्रायल कराने के फैसले पर भी सवाल और निष्पक्ष प्रतियोगिता पर संदेह जताया।
एक बार फिर भारतीय कुश्ती जगत में बड़ा विवाद सामने आया है। ओलंपियन विनेश फोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं। विनेश ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस मामले की पीड़िता बताया है। एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कुछ परिस्थितियों के कारण अब उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी।
विनेश फोगाट ने कहा कि वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है। क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। अब कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं। मैं केस लंबित रहने तक कुछ नहीं बोलना चाहती थी। मैं खुद उन छह पीड़िताओं में से एक हूं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और हमारी गवाही अभी भी चल रही है।
ऐसी परिस्थितियों में किसी महिला खिलाड़ी के लिए खेलना बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, ‘एक महिला के लिए ऐसी स्थिति में मुकाबला करना बहुत कठिन है, और हर खिलाड़ी जिसने ऐसी स्थिति झेली है, वह इसे समझ सकती है।’
सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि आप सब को नमस्कार। जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।’
उन्होंने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में ‘सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट’ होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।
करीब एक महीना पहले रेस्लिंग फेडरेशन द्वारा एक कंपटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर आयोजित करवाया जा रहा है। वो गोंडा यूपी है। जहां बृजभूषण का घर है। उनका अपना निजी कॉलेज है और यह प्रतियोगिता वहीं कराई जा रही है। वहां हर मेहनती खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बहुत कम संभव है, लगभग नामुमकिन है।’
भले ही बृजभूषण आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन महासंघ पर अब भी उनका प्रभाव बना हुआ है। किस मैच में कौन रेफरी होगा, किसे कितने अंक दिए जाएंगे, यह सब बृजभूषण और उनके लोग नियंत्रित करेंगे। और सरकार व खेल मंत्रालय मूक दर्शक बने हुए हैं। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। मानो की बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकल कर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता।
ऐसे माहौल में पूरी क्षमता से खेल पाना आसान नहीं होगा। आप सोच सकते हैं, उनके इलाके में जाना, उनके कॉलेज में जाना, जहां हर व्यक्ति उनसे जुड़ा हो… वहां जाकर ऐसी स्थिति में खेलना बेहद कठिन है। उसके बाद भी क्या मैं वहां जाकर अपना 100 प्रतिशत दे पाऊंगी, मुझे नहीं लगता। अगर प्रतियोगिता के दौरान मेरे साथ, मेरी टीम के साथ या मेरे समर्थकों के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदार भारत सरकार होगी।’ साथ ही उन्होंने मीडिया और खेल जगत से अपील की कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वे प्रतियोगिता स्थल पर मौजूद रहें।
साल 2023 में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हुए हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन में विनेश फोगाट प्रमुख चेहरों में शामिल थीं। उस समय देशभर में इस मुद्दे ने बड़ा राजनीतिक और खेल विवाद खड़ा किया था। विनेश के साथ दिग्गज पहलवान और ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक भी थे। इसके अलावा कई अन्य पहलवान भी साथ आए थे।
उस समय विनेश, बजरंग और साक्षी ने बृजभूषण पर महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था कि बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं।’ विनेश ने यह भी कहा था कि बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे, जो नियमों के खिलाफ है। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा था।
तब अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों पर बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था कि किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है, तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा।’ बृजभूषण ने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा को बताया था। अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे हैं।
अब एक बार फिर विनेश फोगाट के इस खुलासे के बाद भारतीय खेल मंत्रालय और कुश्ती प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। खिलाड़ियों की सुरक्षा, निष्पक्ष चयन प्रक्रिया और महासंघ की विश्वसनीयता जैसे सवाल फिर चर्चा में हैं। एशियन गेम्स 2026 की तैयारी के बीच विनेश के खुलासे ने खेल जगत में हलचल मचा दी है। अब देखना है कि अब कौन कौन क्या प्रतिक्रियाएं देते हैं।
