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कालिंदी धारा पत्रिका के विशेष अंक का विमोचन, हिंदी राजभाषा कार्यान्वयन में योगदान दे रहे कार्यालय हुए सम्मानित

हिंदी को अपनाकर बागपत की बेहतर सेवा कर सकेंगे विभाग, संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य दोनों का होगा निर्वहन

डिजिटल युग में एआई एवं तकनीकी संग हिंदी हो रही सरल, खूब करें प्रयोग: सहायक निदेशक

भाषा बनेगी सेतु, हिंदी से मजबूत होगा प्रशासन और जनता के बीच संवाद

दफ्तरों में हिंदी बढ़ेगी तो लोगों तक सरलता से पहुंचेंगी योजनाएं, राजभाषा अपनाकर जन-जन की सेवा पर जोर

बागपत, 20 अप्रैल 2026। जनपद में केंद्र सरकार के कार्यालयों, संस्थानों एवं बैंक-बीमा उपक्रमों में हिंदी राजभाषा के प्रयोग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन कार्यालय गाजियाबाद के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 18वीं अर्धवार्षिक बैठक में शामिल हुए। मेरठ रोड स्थित केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में बैठक आयोजित हुई। समिति के सदस्य कार्यालयों में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, बैंकों और बीमा संस्थानों में कार्यालयीन हिंदी के प्रयोग का मूल्यांकन कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं हिंदी गान के साथ हुआ। हिंदी गान की मधुर प्रस्तुति ने माहौल को राष्ट्रभाषा प्रेम से ओतप्रोत कर दिया। अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। केनरा बैंक के मंडल प्रबंधक प्रतीक श्रीवास्तव ने स्वागत संबोधन में कहा कि जैसे संस्कृत से संस्कृति है, वैसे ही हिंदी से हिंदुस्तान है।

बैठक के दौरान बागपत जिले के अंतर्गत कार्यरत केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों, बैंकों एवं संस्थानों में पिछले छह महीनों में हिंदी के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की गई। सहायक निदेशक अजय कुमार चौधरी ने कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन में केंद्र सरकार के सभी कार्यालय रुचि लेकर कार्य करें। राजभाषा हिंदी को अधिकाधिक कार्यालयी प्रयोग में लाने से हम बागपत जनपद के निवासियों को भारत सरकार की योजनाओं से बेहतर ढंग से जोड़ सकते हैं। भाषा लोगों की सेवा करने का सशक्त माध्यम है। इसे संवैधानिक दायित्व के साथ-साथ नैतिक कर्तव्य एवं सामाजिक दृष्टि से भी देखा जाए, क्योंकि यह लोगों से जुड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय स्तर पर जारी वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर भी जोर दिया गया।

समीक्षा बैठक में सहायक निदेशक अजय कुमार चौधरी ने कहा कि सभी सदस्य कार्यालय रिपोर्ट सही ढंग से भरें, कार्यशालाओं का नियमित आयोजन हो, सभी कार्मिक हिंदी में प्रशिक्षित हों तथा पत्रिकाओं का अधिकाधिक प्रकाशन किया जाए। साथ ही उन्होंने माय भारत स्वयंसेवक अमन कुमार द्वारा समिति के कार्यों में दिए जा रहे स्वैच्छिक योगदान एवं हिंदी राजभाषा के प्रति प्रतिबद्धता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस दौरान अतिथियों ने कालिंदी धारा पत्रिका के नवीन अंक का विमोचन भी किया, जिसमें हिंदी में हो रहे रचनात्मक कार्यों और उपलब्धियों को संकलित किया गया है। इस विशेष अंक में सिनौली उत्खनन स्थल से जुड़े विभिन्न तथ्यों एवं बागपत प्रशासन के नवाचारी कार्यों का विशेष उल्लेख किया गया है।

बैठक में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष मिन्हाजुल क़मर ने बताया कि समिति को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशंसनीय श्रेणी में सम्मान मिला है, जिसमें सभी सदस्य कार्यालयों एवं समिति द्वारा किए जा रहे नवाचारी प्रयासों—जैसे हिंदी सेतु ऐप, कालिंदी धारा पत्रिका आदि—का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि अब समिति का लक्ष्य राजभाषा कीर्ति पुरस्कार है, जिसके लिए सभी मानकों को सुनिश्चित करते हुए कार्य किया जाएगा।

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सचिव अभय नाथ मिश्र ने कहा कि नराकास बागपत के प्रयासों को भारत सरकार से प्रशंसनीय श्रेणी में पुरस्कार मिला तथा कॉफी टेबल बुक में विशेष स्थान प्राप्त हुआ। भारत सरकार ने हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य किया है। समिति के उद्देश्य को मजबूती देते हुए उपसमिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित हो रही हैं। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से सुझाव आमंत्रित किए, जिससे समिति की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत एवं प्रभावशाली बन सके। वहीं समिति में जुड़े नए कार्यालयों का स्वागत किया गया।

बैठक में यह भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि वर्तमान डिजिटल युग में हिंदी का प्रयोग पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल, सुगम और प्रभावी हो गया है। विभिन्न ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म, यूनिकोड आधारित टाइपिंग टूल्स तथा अनुवाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्यालयीन कार्य हिंदी में सहजता से संपन्न किए जा सकते हैं। अधिकारियों ने सभी विभागों को प्रेरित किया कि वे अधिक से अधिक डिजिटल माध्यमों पर हिंदी का प्रयोग बढ़ाएं, जिससे न केवल कार्य की गति में सुधार होगा, बल्कि आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच भी अधिक सशक्त रूप से सुनिश्चित हो सकेगी। हिंदी के व्यापक उपयोग से प्रशासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास दोनों मजबूत होंगे।

वर्ष 2024-25 में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान हेतु शिल्ड पुरस्कार घोषित किए गए, जिसमें कार्यालय श्रेणी में चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान, बागपत को प्रथम, अधीक्षक डाकघर कार्यालय, बागपत को द्वितीय, पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, शरफाबाद को तृतीय तथा पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, चांदीनगर को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं बैंक एवं बीमा श्रेणी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बागपत शाखा को प्रथम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बागपत शाखा को द्वितीय, भारतीय स्टेट बैंक, बागपत शाखा को तृतीय तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बागपत शाखा को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का समापन संस्थान के सहायक आयुक्त डॉ. आलोक कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन में योगदान देने वाले कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सभी अधिकारियों को सिनौली उत्खनन स्थल पर आधारित विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त अश्वनी कुमार, केंद्रीय विद्यालय बावली के प्राचार्य नवल सिंह, सहायक आयुक्त विकास गुप्ता, मनोज कुमार, प्रभा रानी, वंदना सिंह, प्रियंका, नवीन कुमार, पंकज मलिक, उमेश शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग, बागपत

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प्रेस नोट, जनपद बागपत में आगामी जनगणना 2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के उद्देश्य से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार, 20 अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत जनपद में कुल 2746 प्रगणक एवं 447 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें 48 फील्ड ट्रेनरों द्वारा कुल 75 बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा।प्रशिक्षण के प्रथम दिन 20 अप्रैल को 20 बैचों में लगभग 800 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों की तीनों दिन उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जो प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जनपद में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण, जो 22 मई से 20 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा, के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कार्य की गंभीरता और जिम्मेदारियों से अवगत कराया।अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) विनीत कुमार उपाध्याय ने तहसील बागपत एवं नगर पालिका बागपत में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। उन्होंने जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए फील्ड में आने वाली संभावित कठिनाइयों और उनके समाधान के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।इस दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की प्रतिनिधि शिप्रा गुप्ता द्वारा भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना 2027 से संबंधित प्रमुख अवधारणाओं के साथ-साथ HLO ऐप के उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिससे कार्य को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से संपादित किया जा सके।इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी के.के. भड़ाना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने की अपील की है।

जो कश्यप समाज के लीडर समाजवादी पार्टी तलवे चाट रहे हैं दाढ़ी और कुर्सी बढ़ा रहे हैं देखो किस प्रकार से समाज का अपमान हो रहा है जितने भी कश्यप समाज के लीडर हैं चाहे वह सपा में हो भाजपा में हो चाहे कांग्रेस में हो वो केवल उसी पार्टी की भाषा बोलेंगे जिस पार्टी में हैं वह समाज की भाषा कभी नहीं बोलेंगे जिस दिन समाज की भाषा बोली उसी दिन पार्टी से बेदखल कर दिया जाएगा तो ऐसे समाज के लीडर समाज की हिस्सेदारी के लिए नहीं लड़ रहे हैं अपनी कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं लेकिन समाज के लोग भी जान चुके हैं समाज के लोग भी अब इन लीडरों के कुर्सी में जंग लगने का काम करेंगे और इतनी जंग लगाएंगे इतनी जंग लगाएंगे की आने वाले समय में ऐसी कुर्सियों की तरफ हो कोई देखेगा नहीं और इन लीडरों के कुर्सी की जंग लग जाएगी और कुर्सी गिर जाएगी तभी समाज आगे बढ़ेगा जय हिंद जय भारत जय भीम नमो बुद्धाय

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