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बागपत में युवा उद्यमिता को मिली नई उड़ान युवाओं के सपने हो रहे साकार

बागपत, 20 अप्रैल 2026
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना आज युवाओं के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने पैरों पर खड़े होने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में प्रेरित कर रही है। जनपद बागपत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल के मार्गदर्शन में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।
योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने की मानसिकता से बाहर निकालकर उन्हें उद्यमिता की ओर अग्रसर करना है। इसके अंतर्गत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को बिना ब्याज के ₹5 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपना सूक्ष्म उद्योग स्थापित कर सकें। यह ऋण न केवल आर्थिक रूप से सहायक है, बल्कि इसमें किसी प्रकार की कोलेटरल (गारंटी) की बाध्यता भी नहीं है, जिससे सामान्य पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए भी उद्यम स्थापित करना आसान हो गया है।
इसी योजना के तहत जनपद बागपत के ग्राम बुडसैनी निवासी शोमीन खान की सफलता की कहानी आज अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले शोमीन खान ने अपनी मेहनत, लगन और सरकारी योजना के सहयोग से अपने जीवन की दिशा बदल दी।
शोमीन खान ने बीएससी और बीएमएलटी की शिक्षा प्राप्त की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे, जहां उन्हें लगभग ₹15,000 प्रति माह वेतन मिलता था। हालांकि वे अपने कार्य से संतुष्ट थे, लेकिन उनके भीतर हमेशा से कुछ बड़ा करने और स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की इच्छा थी। सीमित आय और संसाधनों के अभाव के कारण उनका यह सपना साकार नहीं हो पा रहा था।
इसी बीच उन्हें विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों के जरिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। योजना के बारे में जानने के बाद उनके मन में आशा की एक नई किरण जगी। उन्होंने बिना समय गंवाए जिला उद्योग केंद्र, बागपत में संपर्क किया, जहां उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जिला उद्योग केंद्र में तैनात सीएम युवा फैलो ने उन्हें आवेदन प्रक्रिया से लेकर बैंकिंग औपचारिकताओं तक हर स्तर पर मार्गदर्शन दिया। उन्हें बताया गया कि यह योजना पूर्णतः ब्याज मुक्त है और इसके तहत मिलने वाला ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाता है। यह जानकारी उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुई और उन्होंने अपने उद्यम की दिशा में पहला कदम बढ़ाने का निर्णय लिया।
अपनी शैक्षिक योग्यता और रुचि को ध्यान में रखते हुए शोमीन खान ने पैथोलॉजी लैब स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली और बैंक द्वारा उन्हें ऋण प्रदान किया गया।
लगातार प्रयासों और प्रशासनिक सहयोग के फलस्वरूप सितंबर 2025 में अमीनगर सराय, बागपत में उनका उद्यम ‘मेट्रो पैथोलॉजी लैब’ स्थापित हो गया। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ कार्य प्रारंभ किया, लेकिन उनकी मेहनत और सेवा की गुणवत्ता ने जल्द ही उन्हें पहचान दिला दी। धीरे-धीरे उनके लैब में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी और उनका व्यवसाय गति पकड़ने लगा।
आज शोमीन खान की मेट्रो पैथोलॉजी लैब क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है। उन्होंने न केवल अपने लिए एक स्थायी आजीविका का साधन तैयार किया, बल्कि एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार प्रदान किया है। इस प्रकार वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि समाज में रोजगार सृजन कर एक सकारात्मक योगदान भी दे रहे हैं।
आर्थिक दृष्टि से भी उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। जहां पहले उनकी मासिक आय लगभग ₹15,000 थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग ₹40,000 प्रति माह हो गई है। इस आय वृद्धि ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है।
शोमीन खान बताते हैं कि यदि उन्हें इस योजना का सहयोग न मिला होता, तो शायद वे आज भी सीमित आय पर निर्भर रहते। वे कहते हैं, “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने मेरे सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है। बिना ब्याज ऋण मिलने से मुझ पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और मैं पूरी निश्चिंतता के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सका। आज मैं खुद रोजगार देने वाला बन गया हूँ, जो मेरे लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने युवाओं को नई दिशा दी है। यह योजना उन युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जो कुछ करने का जज्बा रखते हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर लगातार सक्रिय हैं। वे समय-समय पर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की प्रगति की समीक्षा करती हैं और निर्देश देती हैं कि अधिक से अधिक युवाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जाए। उनका मानना है कि जब युवा आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव होगा।
जनपद बागपत में इस योजना के तहत अब तक लगभग 2000 युवा लाभान्वित हो चुके हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपने-अपने व्यवसाय स्थापित कर चुके हैं। इनमें डेयरी, कृषि आधारित उद्योग, सर्विस सेक्टर, रिटेल व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्र शामिल हैं। इन उद्यमों के माध्यम से न केवल युवाओं को आत्मनिर्भरता मिली है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का व्यापक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। पहले जहां युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करते थे, वहीं अब वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ही व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि सामाजिक संरचना भी सुदृढ़ हो रही है।
योजना के अंतर्गत समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को भविष्य में ₹10 लाख तक का अतिरिक्त ऋण भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। इसके अलावा ₹7.5 लाख तक के ऋण पर ब्याज अनुदान की सुविधा भी दी जाती है, जो युवाओं के लिए और अधिक सहायक साबित हो रही है।
शोमीन खान की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि यदि युवाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिले, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो अपने जीवन में कुछ नया और बड़ा करना चाहते हैं।
आज जब देश आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, ऐसे में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना जैसी पहलें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को भी बढ़ावा देती है।
अंततः कहा जा सकता है कि शोमीन खान की यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस परिवर्तन की कहानी है, जो सरकार की योजनाओं और युवाओं के संकल्प के मिलन से संभव हुआ है। यह कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब अवसर और प्रयास एक साथ मिलते हैं, तो सफलता निश्चित होती है।

सूचना विभाग बागपत

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प्रेस नोट, जनपद बागपत में आगामी जनगणना 2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के उद्देश्य से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार, 20 अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत जनपद में कुल 2746 प्रगणक एवं 447 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें 48 फील्ड ट्रेनरों द्वारा कुल 75 बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा।प्रशिक्षण के प्रथम दिन 20 अप्रैल को 20 बैचों में लगभग 800 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों की तीनों दिन उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जो प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जनपद में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण, जो 22 मई से 20 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा, के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कार्य की गंभीरता और जिम्मेदारियों से अवगत कराया।अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) विनीत कुमार उपाध्याय ने तहसील बागपत एवं नगर पालिका बागपत में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। उन्होंने जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए फील्ड में आने वाली संभावित कठिनाइयों और उनके समाधान के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।इस दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की प्रतिनिधि शिप्रा गुप्ता द्वारा भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना 2027 से संबंधित प्रमुख अवधारणाओं के साथ-साथ HLO ऐप के उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिससे कार्य को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से संपादित किया जा सके।इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी के.के. भड़ाना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने की अपील की है।

जो कश्यप समाज के लीडर समाजवादी पार्टी तलवे चाट रहे हैं दाढ़ी और कुर्सी बढ़ा रहे हैं देखो किस प्रकार से समाज का अपमान हो रहा है जितने भी कश्यप समाज के लीडर हैं चाहे वह सपा में हो भाजपा में हो चाहे कांग्रेस में हो वो केवल उसी पार्टी की भाषा बोलेंगे जिस पार्टी में हैं वह समाज की भाषा कभी नहीं बोलेंगे जिस दिन समाज की भाषा बोली उसी दिन पार्टी से बेदखल कर दिया जाएगा तो ऐसे समाज के लीडर समाज की हिस्सेदारी के लिए नहीं लड़ रहे हैं अपनी कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं लेकिन समाज के लोग भी जान चुके हैं समाज के लोग भी अब इन लीडरों के कुर्सी में जंग लगने का काम करेंगे और इतनी जंग लगाएंगे इतनी जंग लगाएंगे की आने वाले समय में ऐसी कुर्सियों की तरफ हो कोई देखेगा नहीं और इन लीडरों के कुर्सी की जंग लग जाएगी और कुर्सी गिर जाएगी तभी समाज आगे बढ़ेगा जय हिंद जय भारत जय भीम नमो बुद्धाय

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