02 अप्रैल गुरुवार 2026-27
नई दिल्ली: ICICI बैंक में गजब का घोटाला हुआ है. ऐसा घोटाला जिसको जानकर ठगों की होशियारी की दाद देने का मन करेगा और बैंक कर्मचारियों की बेवकूफी पर हंसने का मन करेगा. ठग बैंक की अलग-अलग ब्रांच में नकली सोना गिरवी रखकर 23 करोड़ का गोल्ड लोन ले उड़े. पूरा कांड जनवरी 2023 से लेकर अक्टूबर 2025 माने 2 साल तक चला और बैंक को खबर भी नहीं लगी. ठगों के कारनामे का पता तब चला जब बैंक ने अपने ‘Gold Loan’ पोर्टफोलियो का ऑडिट करवाया. मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है.
9 ब्रांच और 159 अकाउंट
नकली गोल्ड रखकर करोड़ों का गोल्ड लोन लेने का पता चलने के बाद बैंक की धंतोली (Dhantoli) ब्रांच के कर्मचारी धनंजय रमेश थिटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है. ऑडिट के दौरान पता चला है कि 159 अलग-अलग अकाउंट से नकली गोल्ड डिपॉजिट करके 23 करोड़ का कर्ज लिया गया. बैंक भी अब इन अकाउंट का कच्चा-चिट्ठा निकाल रहा है. गौर करने वाली बात ये है कि 21 महीने तक 159 अकाउंट और 9 ब्रांच में फर्जीवाड़ा चलता रहा और किसी को नकली गोल्ड की असली चमक में झोल नजर नहीं आया. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बैंक के कर्मचारी या अधिकारी भी इस गिरोह का हिस्सा थे, क्योंकि सोने की शुद्धता की जांच करने वाले वैल्यूअर से मंजूरी या “ग्रीन सिग्नल” के बिना इतनी बड़ी मात्रा में कर्ज प्राप्त करना असंभव होता है.
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि बैंक या वित्तीय संस्थानों से गोल्ड लोन लेने का एक पूरा प्रोसेस होता है:
गोल्ड को बैंक के रजिस्टर वैल्यूअर कि तरफ से अच्छे से जांचा-परखा जाता है. गोल्ड की कुल कीमत का कैलकुलेशन करने के बाद तय अमाउन्ट का लोन दिया जाता है. लेकिन इस केस में मामला एकदम अलग है. एक या दो नहीं बल्कि 159 अकाउंट से नकली सोना गिरवी रखा गया. जांच के बाद ही पता चलेगा कि बैंक कर्मचारियों की लापरवाही या मिलीभगत.
