बाल संरक्षण कानूनों के तहत तेज हुई पहचान की प्रक्रिया, डिजिटल अभियान हुआ शुरू
बागपत, 01 अप्रैल 2026। एक अज्ञात मूक-बधिर बालक की पहचान कर उसके परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अभियान शुरू किया है। इस संवेदनशील मामले में अधिकारियों ने मीडिया, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक यह बालक हरियाणा के इस्माइलाबाद क्षेत्र में एक टैक्सी स्टैंड के पास अकेला पाया गया था। प्रारंभिक स्तर पर आसपास के क्षेत्रों में पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। बालक के बोल और सुन न पाने के कारण उसकी पहचान करना और भी कठिन हो गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे प्राथमिकता में शामिल किया है। इसके तहत विभिन्न राज्यों में समन्वय बनाकर बच्चे के परिजनों की तलाश का दायरा बढ़ाया गया है। बागपत प्रशासन भी इसी कड़ी में सक्रिय हुआ है और स्थानीय स्तर पर सूचना प्रसार तेज किया गया है।
इस समय बालक को कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा स्थित बाल देखरेख संस्थान में सुरक्षित रखा गया है। बच्चा सामान्य रूप से स्वस्थ है, लेकिन संवाद करने में असमर्थता के कारण उसकी पहचान के प्रयास सीमित हो रहे हैं।
बागपत में इस अभियान की निगरानी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागपत द्वारा की जा रही है। प्राधिकरण की सचिव अंकिता सिंह के निर्देश पर बालक की तस्वीर सार्वजनिक की गई है, ताकि लोग उसे पहचान सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को इस बालक के बारे में कोई भी जानकारी हो, तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करे। सूचना देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागपत या सूचना विभाग बागपत से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 15100 और 1800 4190 234 तथा सूचना विभाग सीयूजी नंबर 9453005427 भी जारी किए गए हैं।
सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी झिझक के आगे आएं और मानवीय आधार पर इस प्रयास में सहयोग करें।
सोशल मीडिया को इस अभियान का अहम माध्यम मानते हुए प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे बालक की फोटो और जानकारी को अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर साझा करें। डिजिटल माध्यमों के जरिए यह सूचना दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच सकती है, जिससे परिजनों तक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी। वहीं विभिन्न संबंधित विभागीय कार्यालयों में भी फोटो को चस्पा किया जा रहा है।
इस संयुक्त प्रयास से जल्द ही बालक की पहचान संभव हो सकेगी और वह अपने परिवार तक पहुंच पाएगा। फिलहाल यह अभियान एक मानवीय पहल के रूप में संचालित है जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी अहम है।
सूचना विभाग बागपत