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लखनऊ: उत्तर प्रदेश खाद्य एवं लॉजिस्टिक्स विभाग ने राशनकार्ड वितरण में सख्ती बरतते हुए अपात्र परिवारों की नई सूची जारी की है। अब ट्रैक्टर-कार मालिक, विदेश में नौकरी करने वाले, आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, 150 गज से बड़े मकान वाले, एसी-जनरेटर धारक, बड़े दुकानदार और व्यापारी राशनकार्ड के लिए अयोग्य होंगे। विभाग का कहना है कि इससे जरूरतमंदों तक सब्सिडी पहुंचेगी।

दूसरी ओर, उचित दर दुकानों (FCS) के दुकानदारों की आय बढ़ाने के लिए शासनादेश 2023/975 (4 जुलाई 2023) के तहत अतिरिक्त वस्तुओं की बिक्री को हरी झंडी दी गई है। अब राशन दुकानों पर दूध से बने उत्पाद (पैकेट), पोछा, बिस्किट, ब्रेड, गुड़, रेनकोट, घी, वॉल हगर, नमकीन, टूथ ब्रश, सूखे मेवे (पैक्ड), डिटर्जेंट पाउडर, मिठाई (पैक्ड), मच्छर रोधी अगरबत्ती, मसाले, दूध पाउडर, बर्तन धोने वाले बार, बच्चे के कपड़े (होजरी), इलेक्ट्रिक सामान, टॉर्च, राजमा, दीवार घड़ी, सोयाबीन, माचिस, कंघी, रस्सी, धूपबत्ती, प्लास्टिक पानी पाइप, प्लास्टिक बाल्टी/मग/छलनी, दर्पण, चाय पत्ती जैसी 25+ जनोपयोगी वस्तुएं बाजार मूल्य पर उपलब्ध होंगी।
“उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु आदेश 2016 के प्रस्तर 7 के अनुपालन में यह कदम PDS व्यवस्था को मजबूत करेगा।”प्रभावित परिवार NFSA पोर्टल पर स्थिति जांच सकते हैं।

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दोस्तो देवीय आपदा वर्षा और ओलावृस्टि नें किसानों की फसलों को भारी छती पहुंचाई है वागवानी को भी बड़ा नुकसान हुआ है लेकिन अभी तक प्रदेशों की सरकारों नें और केंद्र सरकार के साथ विमा कम्पनीयों नें किसानों के लिए एक शब्द भी नहीं बोला उ.प्र. कांग्रेस कमेटी नें प्रदेश के कोंग्रेसियों को निर्देश दिया है की प्रदेश के सभी जनपदों के कोंग्रेसी विशेसकर जिन जनपदों के किसान इस देवीय आपदा से प्रभावित हुए हैं उन जनपदों के कोंग्रेसी प्रभावित किसानों के घर घर जाकर मुलाकात करें और प्रशासन से मिलकर मुआवजा दिलवाएंदोस्तो केंद्र और अधिकांश प्रदेशों में BJP की सरकारें हैं और BJP के काम करने का तरीका भी सभी जानते हैं किसानों नें आंदोलन करके भी देख लिया है अब तो प्रशासन भी BJP की तरह ही कार्य करने लगा है इसलिए इस प्रकार से देवीय आपदा से बर्बाद हुई किसानों की फसल का मुआवजा सरकार से दिलवा पाएंगे मुश्किल ही नहीं असम्भव हैअगर वास्तव में किसानों का मुआवजा दिलवाना है तो कांग्रेस को किसानों के घर घर जाने के बजाए जिन पर्देशों में देवीय आपदा से किसानों को छती पहुंची है उन प्रदेशों के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस अनिश्चित कालीन प्रदर्शन साउंड सिस्टम लगा कर करे और जब तक किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल जाय तब तक जनपदों पर प्रदर्शन चलता रहेगाअब कांग्रेस को संघर्ष के रास्ते को चुनना होगादोस्तो हमनें उ.प्र. के संभल जनपद में किसानों का मुआवजा दिलबाने के लिए 10 अप्रैल को संभल मुख्यालय पर जनपद के सभी कोंग्रेसियों की एक बैठक बुलाई बैठक की अध्यक्षता के लिए जिला अध्यक्ष और मुख्य अतिथि के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष के लिए लिखा तो कई कोंग्रेसियों नें जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में आने से साफ मना कर दिया क्योंकी जिला अध्यक्ष नें उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया तो कैसे इनके साथ आ सकते हैंदोस्तो यह समस्याएं कांग्रेस में हैं लेकिन इससे पहले किसानों के लिए कांग्रेस को सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चित कालीन प्रदर्शन जब तक करना होगा जब तक किसानों को उचित मुआवजा न मिल जाए और किसानों का गेहूं सरकारी मूल्य पर न बिकेदोस्तो इस संघर्ष के बाद कांग्रेस के संगठन का फिर से चयन करने के लिए सभी को त्यारी करनी होगीइस बार कांग्रेस के पदों पर ऐसे कोंग्रेसियों को लाने की त्यारी की जाएगी जिनमें संघर्ष करने की छमता होगीअब कांग्रेस में बदलाव करने के लिए कोंग्रेसी आगे आएंगेधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस उ.प्र.8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

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