बागपत ::- जिले के तीन सचिवों को अफसरों का नंबर ब्लॉक करने, फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, डुप्लीकेट मतदाता की जांच के कार्य में सहयोग नहीं करने पर हटा दिया गया। इन तीनों को हटाते हुए ब्लॉक व डीपीआरओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही सात सचिवों के गांव बदल दिए हैं। जिले में इस समय फैमिली आईडी बनाने, फार्मर रजिस्ट्री व डुप्लीकेट मतदाता की जांच का कार्य चल रहा है। यह कार्य शत-प्रतिशत नहीं होने के कारण सीएम डैश बोर्ड पर रैंकिंग खराब हो रही थी। कई बार पत्र जारी करने के बाद भी कार्य करने में सहयोग नहीं कर रहे थे। अफसरों के फोन करने पर भी लापरवाही बरती जा रही थी और व्हाट्सएप पर कोई पत्र न भेज सकें, इसलिए उनके नंबर तक ब्लॉक कर दिए गए। इससे अफसरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। अफसरों की शिकायत के बाद पांची से निशांत कुमार को डीडीओ कार्यालय, बावली से प्रिंस जैन व निवाड़ा से सूरज कुमार को डीपीआरओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। डीपीआरओ रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि तीनों सचिवों को लापरवाही बरतने पर कार्यालयों से संबद्ध कर दिया गया है।
इनके गांव बदले गए
जिले में सात सचिवों के गांवों में बदलाव किया गया है। इनमें लोयन व चौबली में अंकुश अरविंद को हटाकर कुबेर खोखर, महावतपुर व रुस्तमपुर में विकास सहरावत को हटाकर जोनी चौधरी, गुराना व बड़ावद में विकास सहरावत को हटाकर अंकुश अरविंद को जिम्मेदारी सौंपी गई। हिसावदा व गौसपुर में कुबेर खोखर की जगह अनिल कुमार वर्मा और लुहारा, रामनगर व खिंदौड़ा में रविंद्र कुमार को हटाकर उपदेश कुमार और बिजवाड़ा से विनोद कुमार को हटाकर विकास सहरावत, मीतली व गौरीपुर हबीबपुर से सुनील बंसल को हटाकर मनीष कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है।