उत्तर प्रदेश राज्य के बागपत जनपद के बड़ौत शहर के,
(बड़ी खुशी की बात है) थाना बड़ौत में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा शाहमल जी की प्रतिमा को बताया जाता है कि चोरी-चोरी स्वजातीय पुलिस ने स्थापित करवाया और उसमें बड़े अधिकारियों का प्रतिमा शिलालेख पर नाम अंकित कराया जबकि 32 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जो बाबा जी के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे जिन्हें बिजरोल के एक बरगद के पेड़ पर फांसी देकर अंग्रेजों ने शहीद कर दिया था उनकी प्रतिमा स्थापित नहीं करवाई गई जबकि वह सभी अन्य जातियों से थे उसमें परम पूजनीय बाबा दीवाना कश्यप जी भी शहीद होने वाले में से एक थे। ऐसा क्षेत्र के लोग मानते हैं जो बिजरोल गांव के ही बताए जाते हैं और सबसे खास स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पुजारी बाबा दीवाना कश्यप जी थे। उन 32 स्वतंत्रता संग्रामसेनानी की प्रतिमा बड़ौत थाने में बाबा जी के साथ ना लगने से क्षेत्र में नाराजगी है।

बताया जाता है कि कोई विरोध ना कर सके चुपचाप फाउंडेशन बनाया गया और चुपचाप बिना किसी को सूचना दिए प्रेस विज्ञप्ति जारी किए प्रतिमा स्थापित करा दी गई जिससे किसी को पता ना चल सके कोई विरोध ना कर सके।
अब काफी लोग अपने-अपने समाज की महापुरुषों की स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा को भी बड़ौत थाने में स्थापित करने के लिए मांग करने लगे हैं।
हम कश्यप समाज के लोग भी चाहते हैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा दीवाना कश्यप जी की प्रतिमा भी बाबा शाहमल जी के साथ लगाई जाए जिससे सर्व समाज में एक अच्छा संदेश जा सके।
निवेदक सुभाष चंद कश्यप 983774 9557