Spread the love केंद्रीय महासचिव. Post navigation ए सरकार देश की सुरक्छा की ही विरोधी है। सेना सम्बन्धित इनका सभी प्रयास हाथी के दिखाउ दांत है। मजबूत सेना तभी होगी,जब सैनिक का मोराल आला दरजे का होगा। इस सरकार का रक्छा मंत्री पर भी प्रश्न चिन्ह है।क्योकि रक्छा मंत्री सरेआम झूठ बोलते है।देश के ए पहले रक्छा मंत्री है,जिनके कार्य काल मे सना/ सैनिको की कोई परवाह नहीं है।ए उद्योगपति नवरत्नो के लिए गार्ड समझ कर सैनिको को तैयार कर रही है।इस सत्तालोलूप प्रधान मंत्री को सत्ता से बाहर करने के लिए पहले अपनी संख्याबल जोड़ना होगा।जैसे ही देश के प्रत्येक ज़िलें से १०० पूर्व सैनिक/वीर नारिया संगठित हो जाएगी,सैनिको के प्रति रंगा बिल्ला के होश ठिकाने आ जाएगी ।एक मात्र श्री राहुल गांधी जी यैसे नेता है ,जो सैनिको के सभी कठिनाइयों के सम्बन्ध मे सरकार के कान खींच रहे है,लेकिन सरकार जानती है कि हम फ़ौजी दवाई,राशन,कैंटीन मे कुछ रुपये बचाने के लिए पुरा दिन दे सकते है लेकिंन अपन हक़, मान सन्मान, अपने परिवार के हित की रक्छा के लिए समय नहीं दे सकते है।केवल व्हाट्सपप्स चला लेने से कुछ नही होगा।संख्या बल के साथ संगठित होकर सत्याग्रह लोकतात्रिय तरीके से करने पर जनमानस इस सरकार की चक्का जाम कर देगी।हमारी अपील है कि हम पूर्व सैनिक पुनः अंधभक्ति छोड़कर श्री राहुल जी की हाथो को मजबूत पुर्व् सैनिक /वीर नारी करे।आप सभी अपने ग्रुप की संख्या बल की सूचना यदि देंगे तो मै माननीय श्री राहुल गान्धी जी की एक इन सभी बिन्दुओं पर आप सभी की बैठक कराने के लिए तैयार है। अंबेडकरवाद और मनुवाद के अंतर को समझना है तो मनुस्मृति, रामचरितमानस और संविधान और बाबा साहेब की ‘जातिभेद का उच्छेद’ पढ़ना होगा!