बागपत 21 फरवरी 2026
आज विकासखंड खेकड़ा के ग्राम बडागांव में सरसों की फसल में लगे माहू (Aphid) के प्रभावी नियंत्रण एवं समेकित कीट प्रबंधन (IPM) के तहत एक कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कृषि अधिकारी श्री बाल गोविंद यादव जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को बताया कि सरसों की फसल में माहू एक प्रमुख कीट है, जो पौधों की कोमल पत्तियों, तनों एवं फूलों का रस चूसकर उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि माहू के प्रकोप से फसल पीली पड़ने लगती है, फूल एवं फलियाँ प्रभावित होती हैं तथा दाना भराव में कमी आती है, जिससे उपज घट जाती है।
उन्होंने किसानों को निम्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए–
खेतों का नियमित निरीक्षण करें, विशेषकर फूल आने की अवस्था में।
पीली चिपचिपी ट्रैप (Yellow Sticky Trap) का प्रयोग कर प्रारंभिक अवस्था में कीट की निगरानी करें।
संतुलित उर्वरक प्रयोग करें, नत्रजन (यूरिया) का अत्यधिक प्रयोग न करें।
जैविक उपायों जैसे नीम तेल 0.5% (5 मिली प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें।
अधिक प्रकोप की स्थिति में कृषि विशेषज्ञ की सलाह अनुसार अनुशंसित कीटनाशी का छिड़काव करें।
कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर शिवम कुमार ने किसानों को माहू की पहचान, उसके जीवन चक्र तथा समय पर नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक अवस्था में नियंत्रण करने से उत्पादन हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी महेश कुमार खोखर भी उपस्थित रहे एवं किसानों को विभागीय योजनाओं, फसल सुरक्षा उपायों तथा नियमित खेत निरीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कृषि विभाग से संपर्क करें।
कृषकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
अंत में जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि कृषि विभाग किसानों की हर समस्या के समाधान हेतु तत्पर है तथा समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
सूचना विभाग बागपत