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👉आप यकीन मानिए कि हरदीप पुरी वो तोता है, जिसके भीतर मोदी के कई घिनौने राज कैद हैं। जिस दिन हरदीप पुरी की कायदे से जांच हो गई, मोदी नंगा हो जाएगा।

यही एकमात्र वजह है कि आज पूरी सरकार अपनी दलाल मीडिया के साथ मिलकर हरदीप पुरी को बचाने में लग गई है।

👉🏿मैं फिर कह रहा हूं कि हरदीप पुरी मोदी का बहुत खास आदमी है। मोदी जब भी अमेरिका गए, इस रिटायर और एनजीओ चलाने वाले अधिकारी से जरूर प्राइवेट मीटिंग किए। और दो साल बाद उसे बिना सांसदी जीते डायरेक्ट कैबिनेट मंत्री बना दिया। वर्ना रिटायर अधिकारियों को पूछता कौन है ?

👉और तो और हरदीप कोई इतना ज्ञानी और काबिल अधिकारी भी नहीं था, जिसने अपनी नौकरी के दौरान कोई बड़ा तीर मारा हो। मगर एक से बढ़कर एक टैलेंटेड अधिकारियों को इग्नोर करते हुए जब मोदी ने हरदीप पुरी को अपने नवरत्नों में शामिल किया, तभी समझ आ गया कि ये आदमी मोदी के लिए बहुत इंपार्टेंट है।

➡️ये आदमी कूद-कूद कर मीडिया में इंटरव्यू दे रहा है, मगर ये सही-सही नहीं बता रहा है कि मासूम बच्चियों के इंटरनेशनल दलाल से क्यों मिलने गया था?

👉जबकि ये आदमी इस बात को खुद कबूल रहा है कि ये वह उस बदनाम सीरियल रेपिस्ट कम फाइनेंसर से आठ साल में तीन या चार बार” मिला, जिसे पीडोफिलिया (बच्चियों का यौन शोषण) के आरोप में दोषी ठहराया गया था। और ये बात पुरी को पता थी।

इसके बाद भी पुरी बोल रहा है कि, ‘एप्सटीन से मैं सिर्फ़ “काम के लिए” मिला था।’

अरे भाई, वही तो जानना है कि उस कुख्यात दरिंदे से तुम्हारा कौन सा काम पड़ गया भाई ?

👉मेल से तो ये भी साफ हो गया है कि जेफरी से पुरी ने कई बार मिलने का टाइम मांगा। जेफरी ने एक-दो बार मना भी किया, मगर पुरी बार-बार उससे मीटिंग का रिक्वेस्ट करता रहा।

👉इस बात के जवाब में पुरी कहता है कि वो जेफरी से डिजिटल इंडिया की चर्चा करना चाहता था। अब ये सवाल उठता है कि आखिर एपस्टीन कोई साइंटिस्ट, टेक्नोक्रेट या राष्ट्रपति था, जो उससे ये अपने देश की योजनाओं पर चर्चा करना चाहता था

👉पुरी ने अपनी सफाई में कहा, “मुझे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।” “मेरी बातचीत प्रोफेशनल थी और इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज़्म से जुड़ी थी। IPI में मेरे बॉस, मिस्टर तेर्जे लार्सन, एपस्टीन को जानते थे, और मैं एपस्टीन से सिर्फ़ UN से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने वाले एक डेलीगेशन के हिस्से के तौर पर मिला था।

👉🏿अब सोचिये अगर पुरी सही भी बोल रहा है तो क्या “UN से जुड़े मसलों पर” भारत के रिप्रजेंटेटिव के तौर पर उस आदमी से वार्ता हो रही थी, जो डिप्लोमेटिक सर्किल का घोषित भड़वा था। समझा जा सकता है, ये देश कौन लोग चला रहे हैं ?

क्या बच्चियों के साथ हैवानियत करने वाले भेड़ियों, भड़वों के सहयोग से देश की डिप्लोमेसी में मदद ली जा रही थी ?

भाई, क्या मोदी जी ने देश को विश्वगुरू बनाने का ठेका बच्चियों को सप्लाई करने वाले भड़वों के भरोसे ले रखा था….या पुरी झूठ बोल कर अपने बॉस मोदी जी को बचाना चाहता है ?

👉लेकिन ये बात तो कंफर्म हो गया कि मोदी के नवरत्नों में जो लोग भी शामिल हैं, वे लोग मोदी की तरह ही हैं। इसीलिए उसके कोर टीम में एक से बढ़कर एक हवसी, हैवान, दलाल और भड़वे हैं……..

देश से बहुत बड़ी गलती हो गई, इन बेऔलाद भड़वों को मंत्री-प्रधानमंत्री बनाकर……*

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दोस्तो देवीय आपदा वर्षा और ओलावृस्टि नें किसानों की फसलों को भारी छती पहुंचाई है वागवानी को भी बड़ा नुकसान हुआ है लेकिन अभी तक प्रदेशों की सरकारों नें और केंद्र सरकार के साथ विमा कम्पनीयों नें किसानों के लिए एक शब्द भी नहीं बोला उ.प्र. कांग्रेस कमेटी नें प्रदेश के कोंग्रेसियों को निर्देश दिया है की प्रदेश के सभी जनपदों के कोंग्रेसी विशेसकर जिन जनपदों के किसान इस देवीय आपदा से प्रभावित हुए हैं उन जनपदों के कोंग्रेसी प्रभावित किसानों के घर घर जाकर मुलाकात करें और प्रशासन से मिलकर मुआवजा दिलवाएंदोस्तो केंद्र और अधिकांश प्रदेशों में BJP की सरकारें हैं और BJP के काम करने का तरीका भी सभी जानते हैं किसानों नें आंदोलन करके भी देख लिया है अब तो प्रशासन भी BJP की तरह ही कार्य करने लगा है इसलिए इस प्रकार से देवीय आपदा से बर्बाद हुई किसानों की फसल का मुआवजा सरकार से दिलवा पाएंगे मुश्किल ही नहीं असम्भव हैअगर वास्तव में किसानों का मुआवजा दिलवाना है तो कांग्रेस को किसानों के घर घर जाने के बजाए जिन पर्देशों में देवीय आपदा से किसानों को छती पहुंची है उन प्रदेशों के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस अनिश्चित कालीन प्रदर्शन साउंड सिस्टम लगा कर करे और जब तक किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल जाय तब तक जनपदों पर प्रदर्शन चलता रहेगाअब कांग्रेस को संघर्ष के रास्ते को चुनना होगादोस्तो हमनें उ.प्र. के संभल जनपद में किसानों का मुआवजा दिलबाने के लिए 10 अप्रैल को संभल मुख्यालय पर जनपद के सभी कोंग्रेसियों की एक बैठक बुलाई बैठक की अध्यक्षता के लिए जिला अध्यक्ष और मुख्य अतिथि के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष के लिए लिखा तो कई कोंग्रेसियों नें जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में आने से साफ मना कर दिया क्योंकी जिला अध्यक्ष नें उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया तो कैसे इनके साथ आ सकते हैंदोस्तो यह समस्याएं कांग्रेस में हैं लेकिन इससे पहले किसानों के लिए कांग्रेस को सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चित कालीन प्रदर्शन जब तक करना होगा जब तक किसानों को उचित मुआवजा न मिल जाए और किसानों का गेहूं सरकारी मूल्य पर न बिकेदोस्तो इस संघर्ष के बाद कांग्रेस के संगठन का फिर से चयन करने के लिए सभी को त्यारी करनी होगीइस बार कांग्रेस के पदों पर ऐसे कोंग्रेसियों को लाने की त्यारी की जाएगी जिनमें संघर्ष करने की छमता होगीअब कांग्रेस में बदलाव करने के लिए कोंग्रेसी आगे आएंगेधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस उ.प्र.8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

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