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नए यूपी में नवाचार से बदलाव का केंद्र बना बागपत, जिलाधिकारी की प्रतिबद्धता से स्वच्छ, डिजिटल, व्यवस्थित बना मेला

आस्था संग जिम्मेदारी का भाव: पर्यावरण अनुकूल ढंग से आयोजित हुआ मेला बना अन्य जनपदों के लिए मॉडल

भक्ति, स्वच्छता और तकनीक का त्रिवेणी संगम: सीएम योगी और बागपत प्रशासन की प्रशंसा करते नजर आए श्रद्धालु

भक्ति भी, प्रकृति भी और तकनीक भी: बागपत प्रशासन ने पुरा महादेव मेले को बनाया स्वच्छ और डिजिटल उत्तर प्रदेश का मॉडल

कपड़े का थैला और पौधा पाकर मुस्कुराए श्रद्धालु, प्रशासन का जताया आभार, बोले—यह मेला सच में अलग है

हर जरूरत का रखा गया ध्यान: पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और मेडिकल कैंप से सुसज्जित रहा मेला परिसर

स्वयंसेवकों ने संभाली स्वच्छता की कमान, डिजिटल सेल्फी अभियान में इंटरनेट मीडिया पर छाया जीरो वेस्ट महोत्सव

बागपत, 15 फरवरी 2026। फाल्गुन मास की पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर जनपद बागपत स्थित ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में रविवार को सायं 4:02 बजे विधिवत झंडपूजन और सायं 5:02 बजे भव्य झंडारोहण के साथ प्रसिद्ध पुरा महादेव मेला आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया। झंडारोहण के तुरंत बाद भगवान शिव का मुख्य जलाभिषेक प्रारंभ हुआ और पूरा मंदिर परिसर संस्कृत मंत्रों के दिव्य उच्चारण, घंटों की अनुगूंज और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष से शिवमय हो उठा। मंदिर परिसर में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन क्षण के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य महसूस किया। जैसे ही मंदिर पर ध्वज लहराया, श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह और भक्ति की लहर उमड़ पड़ी।

इस बार पुरा महादेव मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार के विजन का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है। “जीरो वेस्ट महोत्सव” के रूप में आयोजित यह मेला न केवल आस्था का केंद्र बना, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का प्रेरक मॉडल भी बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया गया इंटीग्रेटेड जीरो वेस्ट मॉडल मेले के हर कोने में साकार रूप में दिखाई दिया।

झंडारोहण के साथ शिवमय हुआ पूरा क्षेत्र, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
रविवार की शाम जैसे ही मंदिर परिसर में झंडपूजन प्रारंभ हुआ, श्रद्धालुओं की भीड़ और अधिक बढ़ने लगी। सायं 5:02 बजे झंडारोहण के साथ ही आधिकारिक रूप से मेले की शुरुआत हुई और भगवान शिव के जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हुआ। मंदिर परिसर में गूंजते संस्कृत मंत्रों और शंखध्वनि ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और पूजन सामग्री लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में आस्था का ऐसा विराट स्वरूप दिखाई दिया, जिसने इस ऐतिहासिक धाम की महत्ता को और अधिक सशक्त रूप से प्रमाणित किया।

‘जीरो वेस्ट महोत्सव’ के रूप में नई पहचान बना रहा पुरा महादेव मेला
इस वर्ष पुरा महादेव मेला एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना है। पहली बार इस मेले को “जीरो वेस्ट महोत्सव” के रूप में आयोजित किया गया है। जिला प्रशासन ने मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लेते हुए व्यापक और अभिनव व्यवस्थाएं लागू की हैं।

मेले में श्रद्धालुओं को भोजन के लिए प्लास्टिक के स्थान पर इको-फ्रेंडली पत्तलों का उपयोग कराया जा रहा है। दुकानों पर भी प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े के थैले उपलब्ध कराए गए हैं। प्रवेश द्वार पर ही श्रद्धालुओं से प्लास्टिक बोतल और पॉलीथिन त्यागने की अपील की जा रही है। इसके लिए विशेष डस्टबिन लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालु प्लास्टिक सामग्री डालकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।

श्रद्धालुओं को प्लास्टिक छोड़कर कपड़े का थैला दिया जा रहा है, जिसे पाकर लोग बेहद प्रसन्न नजर आए। कई श्रद्धालु कहते दिखाई दिए, “डीएम मैम ने बहुत ही सुंदर और उपयोगी उपहार दिया है। यह थैला न केवल आकर्षक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है।”

कैदियों द्वारा बनाए गए कपड़े के थैलों का वितरण, मिला ‘बियोंड द वॉल’ का संदेश
जीरो वेस्ट महोत्सव के अंतर्गत एक और प्रेरणादायक पहल की गई। जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों द्वारा तैयार किए गए “बियोंड द वॉल” संदेश लिखे कपड़े के थैलों का हजारों श्रद्धालुओं में वितरण किया गया। इन थैलों का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि हर व्यक्ति परिवर्तन का वाहक बन सकता है।

श्रद्धालुओं ने इन थैलों को उत्साहपूर्वक स्वीकार किया और प्लास्टिक के स्थान पर इन्हें उपयोग में लाने का संकल्प लिया। इस पहल ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और पुनर्वास की भावना को भी मजबूत किया।

श्रद्धालुओं को पौधों का वितरण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
मेले में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को पौधे भी वितरित किए गए। श्रद्धालुओं को पौधे देकर उन्हें पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। श्रद्धालुओं ने पौधे प्राप्त कर प्रशासन का आभार जताया और इन्हें अपने घरों में लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का संकल्प लिया।

वेस्ट टू वेल्थ का बना मॉडल, पूजन सामग्री का होगा पुनः उपयोग
जीरो वेस्ट महोत्सव की अवधारणा को साकार करने के लिए मंदिर परिसर में विशेष स्वयंसेवकों की टीम तैनात की गई है। ये स्वयंसेवक शिवलिंग पर अर्पित जल, फूल और अन्य पूजन सामग्री को अलग-अलग एकत्र कर रहे हैं।

अर्पित जल और खाद्य पदार्थों को पशुओं के लिए उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि फूलों को सुखाकर उनसे धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने की योजना बनाई गई है। यह पहल “वेस्ट टू वेल्थ” की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

स्वच्छता के प्रति जागरूक दिखे श्रद्धालु, आकर्षक डस्टबिन बने प्रेरणा का केंद्र
मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में आकर्षक और रंगीन डस्टबिन लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं ने इन डस्टबिन का उपयोग करते हुए कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थान पर डाला, जिससे पूरा परिसर स्वच्छ और सुंदर नजर आया।

डिजिटल उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करता ‘कांवड़ यात्रा एप’ बना श्रद्धालुओं का भरोसेमंद साथी
आस्था और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम को साकार करते हुए जिला प्रशासन द्वारा लॉन्च किया गया “कांवड़ यात्रा एप” श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित हुआ। इस अभिनव डिजिटल पहल के माध्यम से श्रद्धालु ने अपने मोबाइल फोन पर मात्र एक क्लिक में मेला क्षेत्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। मेडिकल कैंप, पेयजल केंद्र, मोबाइल टॉयलेट, पार्किंग स्थल, कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी एप के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हुई। इससे श्रद्धालुओं को न केवल सुविधा मिल रही है, बल्कि उनका समय भी बच रहा है और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा।

हजारों श्रद्धालुओं ने इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाते हुए एप का उपयोग किया और प्रशासन की इस अभिनव पहल की सराहना की।

डिजिटल सेल्फी अभियान से जुड़ा जन-जन, सोशल मीडिया पर छाया ‘जीरो वेस्ट महोत्सव’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में डिजिटल जनभागीदारी को बढ़ावा देने की जो अभिनव परंपरा विकसित हुई है, उसी क्रम में सूचना विभाग द्वारा पुरा महादेव मेले में डिजिटल सेल्फी अभियान शुरू किया गया, जिसने श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर नई पहचान बनाई।

बड़ी संख्या में जिलेभर से श्रद्धालुओं ने सूचना विभाग को अपने फोटो भेजकर आकर्षक पोस्टर पाया और अपनी सेल्फी को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए #ZeroWasteMahotsav हैशटैग का व्यापक रूप से उपयोग किया, जिससे यह मेला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है।

सोशल मीडिया पर सैकड़ों पोस्ट, फोटो और वीडियो साझा किए गए, जिससे पुरा महादेव मेला न केवल आस्था का केंद्र बना, बल्कि डिजिटल उत्तर प्रदेश के सशक्त और आधुनिक स्वरूप का भी प्रतीक बन गया।

मेले में महिलाओं की सुविधा के लिए आंचल स्तनपान कक्ष स्थापित किया गया है। इस सुविधा का महिलाओं ने स्वागत किया और इसे प्रशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया। वहीं नगर विकास विभाग द्वारा मोबाइल टॉयलेट और पेयजल की व्यापक व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया। बिजली की व्यवस्था भी निर्बाध रूप से संचालित रही।

शाम होते ही पुरा महादेव मंदिर तिरंगा रोशनी से जगमगा उठा। मंदिर का यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस भव्य दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करता आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों को स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य बनाने की जो परंपरा स्थापित हुई है, उसका जीवंत उदाहरण पुरा महादेव मेला बन गया है।
जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं—स्वच्छता, सुरक्षा, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण—को धरातल पर उतारते हुए इस मेले को एक मॉडल आयोजन बना दिया है।

पुरा महादेव की पावन भूमि से उठ रही यह आस्था की धारा यह संदेश दे रही है कि उत्तर प्रदेश आज आस्था, स्वच्छता और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है—जहां भक्ति भी है, प्रकृति भी है, और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी भी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण चौहान, मेला मजिस्ट्रेट अमरचंद वर्मा, एसडीएम भावना सिंह, डिप्टी कलेक्टर मनीष यादव एवं ज्योति शर्मा, तहसीलदार अभिषेक कुमार सिंह, ईओ केके भड़ाना , सहित विभिन्न विभागों के मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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