बड़ौत::- दीपावली पर पटाखों से शहर में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर छपरौली चुंगी के पास खाली प्लाॅट में खड़ी दो कारों व एक टेंपो में आग लग गई। इसके अलावा कोतवाली में नीलामी के लिए खड़ी दो बाइकें भी जल गईं। आग लगने पर वहां आए अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शहर की छपरौली चुंगी पर कार मैकेनिक बिल्लू की दुकान है और उसकी दुकान के बाहर खाली प्लाॅट में मरम्मत के लिए आईं दो कारें, एक टेंपो समेत कई वाहन खड़े हुए थे। बताया कि सोमवार रात करीब एक बजे दोनों कार और टेंपो में आग लग गई। तीनोंं वाहनों में आग की लपटें उठने पर आसपास रहने वाले सचिन, विनोद, प्रवीण समेत अन्य लोग वहां आ गए और उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लोगों ने आसपास खड़े वाहनों को हटवाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया और पुलिस को आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिसकर्मी और अग्निशमन विभाग के कर्मी वहां पहुंचे। अग्निशमन के कर्मियों ने कई घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उधर, आग लगने से तीनों वाहन पूरी तरह जल गए। इनके अलावा कोतवाली में नीलामी के लिए खड़ी दो बाइकों में भी आग लग गई। इसकी सूचना पर आए अग्निशमन कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान दूसरे वाहनों को हटाकर दूसरे स्थान पर खड़ा किया गया। दोनों स्थानों पर पटाखों से आग लगना माना जा रहा है। इस मामले में जांच अधिकारी मनोज कुमार चहल ने बताया कि दोनों घटनाओं की जांच कराई जा रही है।
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— विषय: OBC एवं सभी जातियों की जाति-आधारित गिनती कराने की मांग को लेकर सांसदों को (ई-मेल) भेजा ज्ञापन.. गाजीपुर, 04 अगस्त 2026 देश में सामाजिक न्याय और समुचित विकास सुनिश्चित करने के लिए आज राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, भारत विद्यार्थी मोर्चा एवं राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के अध्यक्षों ने अलग अलग अपने मोर्चा के माध्यम से 75 गाजीपुर लोकसभा सांसद मा. अफजाल अंसारी जी एवं उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद मा. डॉ संगीता बालवंत जी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई है कि संसद के चल रहे वर्षाकालीन सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 में OBC एवं सभी जातियों की जाति-आधारित गिनती का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि “जब तक सही-सही गिनती नहीं होगी, तब तक न तो सही योजना बनेगी, न सही बजट मिलेगा और न ही सामाजिक न्याय हो पाएगा।” देश की आबादी का बड़ा हिस्सा OBC, अन्य पिछड़ा वर्ग से है, लेकिन आज भी उनके वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है। मुख्य मांगें: 1. तुरंत जाति-आधारित गणना कराकर उसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं 2. OBC आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनसंख्या के अनुपात में सुनिश्चित किया जाए 3. संसद में विशेष चर्चा कराकर केंद्र सरकार से समयबद्ध कार्यक्रम घोषित कराया जाए प्रतिनिधियों ने कहा कि जाति-आधारित गिनती सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और न्याय की बुनियाद है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचेंगी। दोनों सांसदों से अपेक्षा की गई कि वे संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाकर पूर्वांचल और पूरे देश के अन्य पिछड़ा वर्ग की आवाज बनें। ज्ञापन देने वाले
Aug 4, 2026
subhashchand4