-जिले के उद्यमियों को नया उद्योग लगाने और कारोबार को बढ़ाने का मिलेगा मौका
-18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग कर सकेंगे आवेदन, योजना के लिए शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं
बागपत। जिले के प्रसिद्ध घेवर और बालूशाही कारोबार को विस्तार देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा अवसर दिया है। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) वित्तपोषण सहायता योजना के तहत इस कारोबार से जुड़े उद्यमी नई इकाई स्थापित करने या मौजूदा कारोबार को बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। परियोजना के आधार पर अधिकतम 33 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। योजना से पारंपरिक कारोबार में मशीनरी लगाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और पैकेजिंग को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
योजना का लाभ लेने के लिए किसी विशेष शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं है। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग आवेदन कर सकते हैं। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य को योजना का लाभ केवल एक बार मिलेगा। साथ ही आवेदक अथवा परिवार के किसी सदस्य ने पहले किसी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो।
ओडीओसी योजना के तहत नए प्रतिष्ठान की स्थापना के साथ पहले से चल रही घेवर-बालूशाही इकाई का विस्तार भी किया जा सकेगा। परियोजना लागत के अनुसार वित्तीय सहायता और सब्सिडी मिलने से कारोबारियों के लिए पूंजी जुटाना आसान होगा। इससे बागपत के पारंपरिक उत्पाद को आधुनिक उत्पादन और बेहतर बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी। जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से योजना संचालित की जा रही है और पात्र उद्यमी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह का कहना है कि योजना में अंशदान की शर्त भी आसान रखी गई है। सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं लगाना होगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला और दिव्यांगजन लाभार्थियों के लिए अंशदान केवल पांच प्रतिशत निर्धारित किया गया है। घेवर और बालूशाही कारोबारियों को पूंजी की कमी दूर कर कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने का अवसर मिलेगा।
परियोजना लागत के अनुसार मिलेगी 33 लाख तक सब्सिडी
योजना में परियोजना की लागत के अनुसार अलग-अलग स्तर पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। व्यक्तिगत स्तर पर 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये, जबकि 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसी तरह 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर लागत का 20 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10 लाख रुपये और 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना पर लागत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। जिले में वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए अधिकतम 33 लाख की सब्सिडी देने का लक्ष्य रखा गया है।