बच्चों को भोजन के साथ अपनापन देने वाली रसोइयों का बढ़ा सम्मान, सरकार ने दी चार बड़ी सौगातें
कलेक्ट्रेट सभागार में रसोइयों को चेक देकर किया सम्मानित, मा. राज्यमंत्री केपी मलिक व मा. विधायक योगेश धामा ने बढ़ाया उत्साह
लखनऊ से मा. मुख्यमंत्री की घोषणा का लाइव प्रसारण देख कलेक्ट्रेट सभागार में गूंजी तालियां
बागपत, 23 अगस्त 2026 —- रक्षाबंधन से पहले पीएम पोषण योजना से जुड़ी रसोइयों के लिए रविवार का दिन सम्मान और खुशियों से भरा रहा। बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित रसोइया कैशलेस चिकित्सा कार्ड एवं सम्मान कार्यक्रम में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय रसोइया सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण देखा गया। मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर की रसोइयों के लिए मानदेय बढ़ाने समेत चार बड़ी सौगातों की घोषणा की तो कलेक्ट्रेट सभागार तालियों से गूंज उठा। जनपद स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मा. राज्यमंत्री श्री केपी मलिक और मा. विधायक श्री योगेश धामा ने रसोइयों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर की 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के लिए मानदेय में एक हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी, रसोइयों एवं उनके परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा तथा ड्रेस के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही रसोइयों को दस्तानों के लिए 400 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिलेगी। इससे भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखने में मदद मिलेगी। इन सुविधाओं की घोषणा के साथ ही प्रदेशभर में पीएम पोषण योजना से जुड़ी रसोइयों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का दायरा बढ़ गया है।
नई व्यवस्था के तहत रसोइयों का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये हो गया है। यानी प्रत्येक रसोइये को हर महीने एक हजार रुपये और सालभर में 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सीमित मानदेय में विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के लिए यह बढ़ोतरी घरेलू जरूरतों के बीच आर्थिक राहत देने के साथ उनके काम और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान के रूप में भी देखी जा रही है।
प्रदेश सरकार के मा. राज्यमंत्री श्री केपी मलिक ने रसोइयों को चेक देकर सम्मानित करते हुए कहा कि मा. प्रधानमंत्री का सपना स्वस्थ बच्चे और अच्छी शिक्षा है। विद्यालयों में शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने का काम करते हैं और माता-पिता संस्कार देने का काम करते हैं, लेकिन रसोइयां भी बच्चों को भोजन देकर, प्यार देकर और मां जैसा व्यवहार कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके योगदान की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि जरूरतमंद बहन-भाइयों के लिए कैशलेस सुविधा, मानदेय बढ़ाने और ड्रेस की चिंता करते हुए महत्वपूर्ण शुरुआत की गई है।
मा. राज्यमंत्री श्री केपी मलिक ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में ऐसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जाती थी। रसोइयों के लिए सामाजिक लाभ और सम्मान का भाव बढ़ा है। उन्होंने रसोइयों से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का आह्वान किया। कहा कि पेड़-पौधे बेहतर वातावरण और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा देने के साथ आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए भोजन और बच्चों की देखभाल के साथ प्रकृति की रक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए।
मा. विधायक श्री योगेश धामा ने भी रसोइयों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने सरकार की ओर से दी गई सुविधाओं को रसोइयों के योगदान का सम्मान बताते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं से उनका मनोबल और मजबूत होगा।
मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कहा कि रक्षाबंधन के ठीक पहले प्रदेशभर की 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के लिए चार नई योजनाएं घोषित करना अत्यंत प्रसन्नता का क्षण है। उन्होंने बताया कि पहले रसोइयों को एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। अब इसे बढ़ाकर पहले 1,500 और फिर 2,000 रुपये किया गया था और अब इसे 3,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने प्रदेश की सभी पीएम पोषण रसोइयों को इसके लिए बधाई दी।
रसोइयों और उनके परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बीमारी या उपचार की जरूरत पड़ने पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम होगा। वहीं दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा रसोइयों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करेगा। ड्रेस के लिए सहायता राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किए जाने से उन्हें विद्यालय में कार्य के लिए आवश्यक पोशाक की व्यवस्था में भी मदद मिलेगी।
पीएम पोषण योजना के तहत विद्यालयों में बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका केवल खाना बनाने तक सीमित नहीं है। सुबह से भोजन की तैयारी, सब्जियां काटने, खाना पकाने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने तक कई जिम्मेदारियां इनके हिस्से में आती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में लंबे समय से रसोइयां इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई हैं। बच्चों को मिलने वाला भोजन उनके स्वास्थ्य के साथ विद्यालय में नियमित उपस्थिति और पढ़ाई से जुड़ाव में भी सहायक है।
बागपत में भी पीएम पोषण योजना को जमीन पर मजबूत बनाने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनपद में 1,549 रसोइयां 63,528 बच्चों के लिए भोजन व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। इन रसोइयों के जरिए बड़ी संख्या में बच्चों को विद्यालय में नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में मानदेय वृद्धि और स्वास्थ्य व दुर्घटना सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ सीधे उन परिवारों तक पहुंचेगा, जिनकी महिलाएं और अन्य रसोइयां रोज विद्यालयों में बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी संभालती हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में मा. मुख्यमंत्री के लखनऊ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखते समय रसोइयों में खासा उत्साह रहा। घोषणा के दौरान सभागार में तालियां गूंजीं और सम्मानित होने वाली रसोइयों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। रसोइयों ने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय घरेलू जरूरतों में राहत देगा, जबकि पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा बीमारी या आकस्मिक स्थिति में परिवार के लिए बड़ा सहारा बनेगा।
रसोइया सम्मान कार्यक्रम में सुनीता, कौशल, संगीता, मधु, कुसुम, निर्मला, मनीषा, शकीला, पूनम, सविता, कोमल सैनी सहित अन्य को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल,अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी एसडीएम दिग्विजय सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सूचना विभाग, बागपत