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ऑपरेशन कायाकल्प के 19 पैरामीटर 100% लागू करना अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कारवाई

मिड-डे-मील की गुणवत्ता और पोषण मानक की जांच करेगी खाद्य विभाग की टीमें

हर बच्चे का है अधिकार, रोटी खेल पढ़ाई प्यार – अधिकारियों को कड़े निर्देश, कोई ढील नहीं बर्दाश्त

दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष कार्यशालाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के आदेश

बागपत, दिनांक 26 सितम्बर 2025 – जिलाधिकारी असमिता लाल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में निपुण भारत मिशन, कायाकल्प योजना, मिड-डे-मील जैसी सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के कियान्वयन की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। साथ ही, जनपद स्तरीय टॉस्क फोर्स और जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति के माध्यम से मासिक प्रगति का आंकलन और कार्यों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में हर बच्चे को मूलभूत सुविधाएं जैसे बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, वाटर कूलर आदि अवश्य उपलब्ध हों। जिन विद्यालयों में वाटर कूलर की कमी है, उनकी सूची तत्काल प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि मिशन शक्ति का परिचय बच्चों और अभिभावकों तक पूरी तरह पहुंचाए जाए। साथ ही, मिड-डे-मील की गुणवत्ता और पोषण मानक के अनुरूप हो, इसका निरंतर निरीक्षण खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा किया जाएगा। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि हर बच्चे का अधिकार – रोटी, पढ़ाई, खेल और प्यार – सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की सख्त जिम्मेदारी है, और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सभी विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत निर्धारित मानक पूर्ण करने और प्रेरणा पोर्टल के 19 पैरामीटर को 100% लागू करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दिव्यांग, श्रवण बाधित और अन्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। इनके नवाचारी विचारों, आर्ट क्राफ्ट और अन्य रचनात्मक उत्पादों को जनपद स्तर पर विशेष प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाए। स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर के माध्यम से कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि ये बच्चे अपने कौशल और प्रतिभा को और उभार सकें। शिक्षक और स्टाफ को बच्चों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता और समर्पण दिखाने के लिए निर्देशित किया गया।

नगर क्षेत्र के स्कूलों में कायाकल्प कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के संबंध में नगर निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों को प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार, पोषण और आत्मविश्वास मिले। इसके अलावा, मीना मंच गतिविधियों के संचालन और सभी बच्चों के स्कूल ड्रेस में आने की अनिवार्यता पर भी सख्त ध्यान देने को कहा गया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, बागपत अधिशासी अधिकारी के के भड़ाना सहित समस्त ईओ अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग, बागपत

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