Spread the love

नितिन कुमार सिंह 25/07,बागपत। कांग्रेस मुख्यालय जनपद बागपत पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जनपद बागपत कांग्रेस कमेटी द्वारा विजय मार्च निकाला गया। कार्यक्रम की अगुवानी जिला उपाध्यक अनिल तोमर के नेतृत्व में, जिला उपाध्यक्ष दीन मोहम्मद , जिला महासचिव आशु पंडित, जिला सचिव पवन कश्यप मंडल अध्यक्ष बादल कश्यप, एवं कार्यकर्तागण आदि ने की। बागपत कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुलिस की हिरासत में दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवाहन पर दिल्ली मार्च करने से पहले हाउस अरेस्ट कर लिए गए थे। ज्यादातर बागपत जनपत कांग्रेस कमेटी दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवाहन पर दिल्ली मार्च के कारण पुलिस ने हाउस अरेस्ट की हुई थी।
जिलाध्यक्ष लव कश्यप ने बताया कि 4 दिन लगातार ड्यूटी बदल बदल कर बागपत पुलिस प्रशासन द्वारा घर पर ही नजर बंद करना सरासर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं एवं लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इसकी जितनी निंदा की जय उतनी कम है। उंहोने जोर देकर कहा कि इस तरीके से आवाज दबाना घर में कैद करना तो एक तरीके से अघोषित इमरजेंसी आपातकाल जैसा प्रतीत होता।
वही बागपत कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रूबी कश्यप को भी पुलिस ने कई दिनों तक हाउस अरेस्ट रखा। जिससे नाराज होकर रूबी कश्यप अपनी 6 महीने की बच्ची को लेकर बागपत कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी बागपत से मिल कांग्रेस नेताओ की हाउस अरेस्टिंग के नाम पर परेशान करने व तानाशाही को समाप्त करने की अपील की। उन्होंने बताया की पुलिस रात्रि में भी किसी भी समय घर पहुंच हाउस अरेस्ट के नाम पर महिलाओ बच्चो को परेशान करती रहती है। जो मानवाधिकारों का भी हनन इस सरकार में हो रहा है .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में यूपी की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। दाखिल किए गए हलफनामे में बताया गया है कि मौजूदा शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सरकार ने साफ किया है कि 2020 में भर्ती हो चुके 67 हजार 867 शिक्षकों की नियुक्तियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार तैयार की गई रिवाइज्ड मेरिट लिस्ट में नए उम्मीदवार योग्य पाए जाते हैं तो उन्हें उपलब्ध खाली पदों पर नियुक्त किया जाएगा। साथ ही 8270 अभ्यर्थियों की संशोधित सूची कोर्ट में दी है। ये वह अभ्यर्थी हैं, जो अभी नौकरी में नहीं हैं। सरकार ने कोर्ट में साफ किया कि पिछली सूची में 4926 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। ऐसे में इन्हें भी संशोधित मेरिट सूची में शामिल किया जाए।

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×