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तालाबों से लेकर सफाई, सड़कों, योग, पर्यावरण और युवाओं तक हर मुद्दे पर विकास कार्यों की हुई समीक्षा

बड़ौत की गंदगी पर जताई नाराजगी, बोले- खुद बॉडी कैमरा लगाकर भ्रमण पर निकलें ईओ

बागपत प्रशासन के कूल रूफिंग मॉडल को सराहा, सभी स्कूलों, थानों एवं सरकारी भवनों पर लागू होगा मॉडल

बागपत, 03 जून 2026—कलेक्ट्रेट सभागार में आज विकास एवं कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक में आयुष विभाग उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव एवं शासन से नामित जनपद नोडल अधिकारी श्री रंजन कुमार पूरे समय सख्त और जनहित केंद्रित अंदाज में नजर आए। दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दूसरे दिन आयोजित इस मैराथन समीक्षा बैठक में उन्होंने एक-एक विभाग की प्रगति, योजनाओं की स्थिति और जमीनी असर पर विस्तार से चर्चा की। कई विभागों की कड़ी समीक्षा हुई तो कई अच्छे कार्यों की खुलकर सराहना भी की गई। बैठक के दौरान नोडल अधिकारी का सबसे बड़ा फोकस यही रहा कि योजनाएं आम लोगों के जीवन में बदलाव लाये।

बैठक की शुरुआत में ही प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा जनता को बेहतर सुविधा, स्वच्छ वातावरण और मजबूत विकास व्यवस्था देने की है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी फाइलों और बैठकों से बाहर निकलकर फील्ड में जाएं और अपने विभागों की योजनाओं का पूर्ण आकलन कर सुधार करे।

सबसे अधिक जोर तालाबों के संरक्षण, साफ-सफाई और जल संरक्षण पर दिया गया। प्रमुख सचिव ने कहा कि तालाब को गांव और शहर के आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने लखनऊ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि तालाबों के आसपास बैठने की व्यवस्था, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण विकसित किया जाए ताकि लोग वहां समय बिताना पसंद करें। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले तालाबों की सफाई और जलभराव क्षमता बढ़ाने पर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि वाटर रिचार्ज को मजबूती मिले और भूजल स्तर सुधरे।

बड़ौत नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर प्रमुख सचिव का रुख काफी सख्त नजर आया। क्षेत्र में गंदगी और अव्यवस्था की शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अधिकारी को सीधे निर्देश दिए कि वह स्वयं बॉडी कैमरा लगाकर क्षेत्र का भ्रमण करें और सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर देखें। उन्होंने नगर क्षेत्र की टूटी और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की और जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान बी और सी श्रेणी में आने वाले विभागों को भी कड़ी चेतावनी दी गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि जनपद की रैंकिंग और विभागीय प्रदर्शन सीधे प्रशासनिक गंभीरता को दर्शाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण कर विभागों को ए श्रेणी में लाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। वहीं परिवहन विभाग के ए श्रेणी में होने पर संतोष जताया गया। जिला खनन अधिकारी के कार्यों की भी उन्होंने खुलकर प्रशंसा की और कहा कि पारदर्शिता एवं सक्रियता का यह मॉडल अन्य विभागों को भी अपनाना चाहिए।

भीषण गर्मी को देखते हुए बैठक में ‘कूल रूफ’ मॉडल पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने इस पहल को जनहित में बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि कम खर्च में लोगों को गर्मी से राहत देने का यह प्रभावी तरीका है। उन्होंने निर्देश दिए कि एक से तीन हजार रुपये की लागत से सभी सरकारी भवनों, थानों और बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कूल रूफ व्यवस्था लागू की जाए। इसके लिए अनुरक्षण बजट का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे नवाचार भी आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और जिलाधिकारी के नवाचारों की प्रशंसा की।

बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने वृक्षारोपण अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाए। आज उत्तर प्रदेश में संचालित एक पेड़ मां के नाम अभियान देश विशेष में चर्चा का केंद्र बन रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अच्छी और छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए जाएं ताकि उनका दीर्घकालिक लाभ मिले। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर दो लड़कों और दो लड़कियों का चयन कर उन्हें आयुष, औषधीय पौधों, तालाब संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को ‘आयुष एम्बेसडर’ के रूप में तैयार किया जाए ताकि गांव स्तर पर स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े।

प्रमुख सचिव ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का स्वास्थ्य तेजी से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में ‘मिशन लाइफ’ और योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योग केवल आयोजन तक सीमित न रहे बल्कि इसे जन आंदोलन बनाया जाए। गांवों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित योग गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने जनपद की प्रगति की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जनपद को वार्षिक रूप से 1300 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष मई माह तक 135 लक्ष्य पूरे किए जा चुके हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने संतोष जताया लेकिन साथ ही कहा कि योजनाओं की जानकारी अभी भी कई पात्र युवाओं तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव-गांव और कस्बों तक पहुंचकर युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं के लिए प्रेरित किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही बैंकों की भूमिका पर जोर देते हुए सख्त निर्देश दिए कि कोई भी आवेदन बिना कारण निरस्त न हो और आवेदक को चेकलिस्ट के साथ पूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जाए।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि 12 जून को हरि कैसल में कार्यक्रम आयोजित होगा। 144 जोड़ों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 135 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और लाभार्थियों को सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं।

बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। प्रमुख सचिव ने गन्ना विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों का भुगतान समय से सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी किसानों की आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित करती है। साथ ही जन शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों पर समाधान की भावना से कार्य किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि विभागों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों और सफलता की कहानियों का प्रचार-प्रसार जरूर होना चाहिए। जब लोगों को सकारात्मक उदाहरण दिखाई देते हैं तो समाज में विश्वास और प्रेरणा दोनों बढ़ते हैं।

बैठक में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 05 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने बताया कि ‘सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान’ थीम पर विभिन्न विभाग कार्ययोजना के अनुसार अभियान चलाएंगे। इस दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।

बैठक के अंत में प्रमुख सचिव ने ‘बागपत ब्लूम’ के उत्पादों का अवलोकन किया। स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता देखकर उन्होंने उनकी सराहना की और कहा कि ऐसे उत्पादों को ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर बड़े बाजार तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद यदि डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे तो महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और जनपद की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ,अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार चौहान ,अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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