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इस बात को लेकर वरिष्ठ पत्रकार एवं, ‘ सत्य ‘ चैनल के मालिक आशुतोष का कहना है कि ममता बनर्जी को देश के अंदर के मसले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में नहीं ले जाना चाहिए क्योंकि इससे देश की छवि खराब होगी ।

आशुतोष जी मेरे अच्छे मित्र रहे हैं, जब उनको आम आदमी पार्टी ने दिल्ली का अध्यक्ष बनाया तो अरविंद केजरीवाल जी ने उनसे कहा कि अवस्थी जी के साथ बैठकर संगठन की संपूर्ण रूपरेखा तैयार करें । तब आशुतोष जी के नोएडा स्थित अपार्टमेंट के स्टडी रूम में हम दोनों ने लगभग 3 घंटे में संगठन की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की थी ।

लेकिन आज मुझे आशुतोष जी के बयान को लेकर आश्चर्य हुआ । दो दिनों से सम्पूर्ण विदेशी खासकर अमेरिकी मीडिया में बंगाल के चुनाव में 27 लाख मतदाताओं के नाम काटने खासकर नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, एक हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र जैसे विख्यात लोगों के नाम काटने को लेकर भारत के चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के बारे में खबरें छप रही हैं। ऐसे में अगर इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने में क्या दिक्कत है ?

जब हमारा सुप्रीम कोर्ट 27 लाख लोगों के नाम मृत्यु होने के कारण काटने के खिलाफ कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट गए और अपने जीवित होने के प्रमाण दिखाए तो माननीय जस्टिस महोदय ने जो जवाब दिया वह घोर निंदनीय है । मुख्य न्यायाधीश तक ने कहा कि कोई बात नहीं, ” अगली बार चुनाव में आपका नाम आ जाएगा ” ।

ऐसे न्यायाधीशों के खिलाफ और कहां आवाज उठाई जा सकती है ? महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी ने तो जब से पद ग्रहण किया है, मौन व्रत धारण किया हुआ है । जब देश का प्रथम नागरिक तक मूक दर्शक बन जाए खासकर तब जब देश की अंतरराष्ट्रीय पहलवान बेटियों को जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस के Male सिपाहियों, इंस्पेक्टर आदि ने उनके शारीरिक अंगों पर हाथ रखकर सड़क पर घसीटा, मारा , महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी के मुंह में लगा ताला बंद का बंद ही रहा ।

ऐसी स्थिति में मेरा मानना है कि न केवल ICJ बल्कि UNO तक में लगातार गत एक दशक से केंद्र सरकार की goon गिरी अर्थात निरंकुशता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ही इन दोनों संस्थाओं को गठित किया गया है ।

ढाई लाख केंद्रीय बलों एवं बंगाल राज्य की पुलिस, केंद्र की सारी खुफिया एजेंसी की उपस्थिति के बावजूद भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार शुभेंदु अधिकारी के PA की तथा दो TMC के कार्यकर्ताओं की 24 घंटे में हत्या हो जाती है, शुभेंदु के PA की हत्या के लिए भाजपा ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी को फंसाने के कुचक्र रच रही है । साथ ही शुभेंदु अधिकारी & उसके लोग यह भी कह रहे हैं कि उसके PA को मारने वाले बांग्लादेश से आए शूटर थे ।

अगर देश के गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल में लगभग एक महीने से डेरा डाले रहने के बावजूद अगर बंगला देश के शूटर बंगाल में आए तो मोदी जी ने अभी तक गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त कर उनके खिलाफ जांच क्यों नहीं बिठाई ?

हरीश अवस्थी ।

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