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शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर, विभागों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट

हर विभाग समन्वय से करे काम: शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन समेत विभिन्न विभागों की समीक्षा

समीक्षा में तय हुए प्राथमिक बिंदु—गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर फोकस

नवाचारों से उपलब्धियों के नई शिखर की ओर आगे बढ़ रहा बागपत, समिति ने की प्रशंसा

बागपत 26 अप्रैल 2026 – उत्तर प्रदेश विधान सभा की प्राक्कलन समिति 2025-26 की उपसमिति की समीक्षा बैठक आज कलेक्ट्रेट सभागार, बागपत में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यों की प्रगति, वित्तीय उपयोग, गुणवत्ता, जनहित से जुड़े पहलुओं तथा फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष श्री मुकेश चौधरी ने की, जबकि सदस्यों में श्री लक्ष्मीराज सिंह, डॉ. मंजू सिवाच, श्री शाहिद मंजूर शामिल रहे। विधानसभा से समीक्षा अधिकारी श्री उपेंद्र नाथ मिश्र तथा प्रतिवेदक श्री अनुराग श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने विभागों की प्रगति एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति से समिति को अवगत कराया, जबकि पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने कानून-व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर समिति के समक्ष आवश्यक जानकारी प्रस्तुत की।

स्वयं सहायता समूहों एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित समीक्षा में समूहों की वर्तमान गतिविधियों, उत्पाद निर्माण, बैंक लिंकेज, ऋण वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विपणन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। यह पाया गया कि कई समूह उत्पादन तो कर रहे हैं, लेकिन उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार की आवश्यकता है। इस पर समिति ने निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र में दुकानों/स्टॉल के माध्यम से उन्हें बिक्री का अवसर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही समूहों को स्थानीय मेलों, हाट बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जोड़ने के सुझाव दिए गए। प्रशासन को निर्देशित किया गया कि महिला समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मूल्य निर्धारण पर भी ध्यान दिया जाए ताकि वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में टिक सकें।

आबकारी विभाग की समीक्षा में राजस्व संग्रह, लाइसेंसिंग प्रक्रिया, निरीक्षण व्यवस्था, डिजिटल निगरानी प्रणाली और फील्ड स्तर पर प्रवर्तन कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में यह भी देखा गया कि निर्धारित दरों का अनुपालन, उपभोक्ताओं को सही मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध कराना तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम प्रशासनिक प्राथमिकता में शामिल है। जीएसटी विभाग के संदर्भ में व्यापारिक प्रतिष्ठानों की निगरानी, ई-वे बिल प्रणाली, कर पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कर प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए नियमित जांच, डेटा विश्लेषण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि राजस्व में वृद्धि और अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा विभाग के अंतर्गत बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा दोनों की अलग-अलग समीक्षा की गई। बेसिक शिक्षा में विद्यालयों के कायाकल्प, भवनों की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, छात्र उपस्थिति और मिड-डे मील की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने निर्देश दिया कि स्कूलों में भौतिक सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षण गुणवत्ता, शिक्षक उपस्थिति और बच्चों के सीखने के स्तर पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत ‘अलंकार योजना’ के तहत स्कूलों के आधुनिकीकरण, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और आईसीटी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। साथ ही बोर्ड परीक्षा परिणाम, शिक्षकों के रिक्त पद और विद्यालयों के निरीक्षण की प्रक्रिया को भी समीक्षा में शामिल किया गया।

परिवहन विभाग की समीक्षा में सड़क सुरक्षा, वाहन फिटनेस, परमिट प्रणाली, ओवरलोडिंग नियंत्रण, टैक्स वसूली और प्रवर्तन कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। जिले में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने, दुर्घटनाओं में कमी लाने और सड़कों के संरक्षण के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाने पर बल दिया गया। समिति ने निर्देश दिया कि ओवरलोड वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और परिवहन नियमों के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ाई जाए। साथ ही सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की उपलब्धता, स्कूल वाहनों की सुरक्षा और सड़क संकेतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यशीलता, डॉक्टरों और स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की आपूर्ति तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, मरीजों को पोषण सहायता, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव की स्थिति और टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। समिति ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित किया जाए, रिक्त पदों को भरने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

सिंचाई विभाग एवं जल निगम की समीक्षा में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की सफाई, जल वितरण प्रणाली, नलकूपों की कार्यशीलता और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। कई स्थानों पर नलकूपों के खराब होने और पाइपलाइन से संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए गए। जल निगम को निर्देशित किया गया कि पाइपलाइन मरम्मत, जलापूर्ति की नियमितता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, विशेष रूप से गर्मी के मौसम में जल संकट से बचाव के लिए अग्रिम तैयारी की जाए। अधूरे परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में सड़क निर्माण, मरम्मत कार्य, पुल-पुलियों के निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और परियोजनाओं की समयसीमा पर चर्चा की गई। समिति ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री, तकनीकी मानकों और ठेकेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, विशेष रूप से श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई तथा कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने हेतु अवश्यक दिशा निर्देश दिये।

बैठक में ऊर्जा, राजस्व, खाद्य एवं रसद, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण तथा अन्य विभागों की भी संक्षिप्त समीक्षा की गई, जिसमें योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों तक पहुंच, वित्तीय उपयोग और निगरानी तंत्र पर चर्चा हुई। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था एवं पुलिस प्रशासन से जुड़े बिंदुओं पर भी संक्षिप्त रूप से विचार-विमर्श किया गया। इसमें जनसुरक्षा, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, थानों की कार्यप्रणाली तथा संवेदनशील स्थलों की निगरानी व्यवस्था जैसे विषयों का संदर्भ लिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पुलिस-जन संवाद को प्रभावी बनाए रखते हुए क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही सीसीटीवी निगरानी, बीट प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को सक्रिय बनाए रखने पर बल दिया गया।

कृषि एवं किसान कल्याण से संबंधित पहलुओं पर भी चर्चा की गई, जिसमें फसल उत्पादन, सिंचाई व्यवस्था के अतिरिक्त बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता, फसल बीमा योजना, तथा कृषि यंत्रीकरण जैसे बिंदु शामिल रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों को योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा मंडियों में व्यवस्थाएं सुचारु रखी जाएं। साथ ही कृषि लागत को कम करने और आय वृद्धि से जुड़े कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने को कहा गया।

रोजगार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में संचालित योजनाओं की स्थिति का भी उल्लेख किया गया। इसमें युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वरोजगार योजनाएं, जिला उद्योग केंद्र की गतिविधियां तथा लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन जैसे बिंदु शामिल रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और प्रशिक्षण के साथ रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाए।

शहरी विकास एवं नगर निकायों से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया। इसमें साफ-सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवर व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का रखरखाव तथा नगर क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नगर क्षेत्र में नियमित सफाई, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया। इसमें वायु एवं जल प्रदूषण की स्थिति, प्लास्टिक उपयोग नियंत्रण, वृक्षारोपण अभियान तथा स्वच्छता से जुड़े प्रयासों पर विचार किया गया। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जाएं, ताकि स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण बनाए रखा जा सके।

डिजिटल प्रशासन एवं ई-गवर्नेंस के अंतर्गत विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता, जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली, डिजिटल भुगतान प्रणाली तथा शिकायत निवारण पोर्टल की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नागरिकों को अधिकतम सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं और शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।

सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी उल्लेख किया गया, जिसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, छात्रवृत्ति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) तथा आवास योजनाओं से संबंधित बिंदु शामिल रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो, इसके लिए नियमित सत्यापन किया जाए।

आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन तैयारियों के संबंध में भी चर्चा की गई, विशेष रूप से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

वित्तीय प्रबंधन एवं बजट उपयोग से जुड़े पहलुओं का भी संदर्भ लिया गया, जिसमें विभागवार बजट आवंटन, व्यय की स्थिति तथा संसाधनों के उपयोग की दक्षता पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए और वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए।

इसके अतिरिक्त जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनता से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा फील्ड स्तर पर निरीक्षण के माध्यम से समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान किया जाए, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

अंत में समिति ने निर्देश दिया कि बैठक में उठाए गए बिंदुओं के अनुसार विभाग आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें और प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करते रहें, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और जनहित के कार्यों में निरंतरता बनी रहे।

बैठक के दौरान प्राक्कलन समिति द्वारा जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में जनपद में किए जा रहे नवाचारों एवं प्रशासनिक सुधारों की सराहना की गई। समिति ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से प्रशासनिक कार्यकुशलता में वृद्धि हुई है तथा विभिन्न क्षेत्रों में जनपद बागपत नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। साथ ही समिति ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के समन्वित नेतृत्व की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप इसी प्रकार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रखा जाए, जिससे जनहित से जुड़े कार्यों में निरंतर प्रगति बनी रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, अधिशासी अधिकारी के के भड़ाना सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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