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पक्का घाट पर तीन दिवसीय महोत्सव में यमुना नदी को बचाने का संदेश पाएगा बागपत, तैयारियां शुरू

आस्था के साथ जिम्मेदारी का संकल्प निभाकर सीएम योगी के विजन को साकार कर रहा बागपत

आस्था की रोशनी में जागेगी जिम्मेदारी, अपनी यमुना पर गर्व करेगा बागपत, नदी संरक्षण के लिए प्रेरणा पाएंगे लोग

बागपत 09 अप्रैल 2026– उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धार्मिक आयोजनों को स्वच्छता, सुरक्षा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ जोड़ने की जो नई संस्कृति विकसित हुई है, उसका प्रभाव बागपत में भी दिखाई दे रहा है। बागपत जिला प्रशासन द्वारा यमुना पक्का घाट पर 19, 20 और 21 अप्रैल को आयोजित किए जाने वाले तीन दिवसीय ‘यमुना महा आरती’ महोत्सव के लिए मिशन मोड में तैयारियां की जा रही है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आज यजमान पक्का घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि यह कार्यक्रम श्रद्धा के साथ-साथ संवेदनशीलता को भी जागृत करे—ताकि लोग केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रहें, बल्कि नदियों के संरक्षण को अपना व्यक्तिगत दायित्व समझें।

यमुना नदी भारतीय सभ्यता की प्राचीनतम जीवनरेखाओं में से एक रही है। पौराणिक ग्रंथों में इसे सूर्यपुत्री और यमराज की बहन के रूप में वर्णित किया गया है, जिसके कारण ‘भाई दूज’ जैसे पर्वों में इसका विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर ब्रज संस्कृति तक, यमुना नदी आस्था और प्रेम की प्रतीक रही है। ऐतिहासिक रूप से भी यमुना के किनारे अनेक सभ्यताओं का विकास हुआ।

बागपत क्षेत्र, जो महाभारत कालीन भू-भाग से जुड़ा माना जाता है, यमुना के साथ अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को आज भी जीवित रखे हुए है। ऐसे में यमुना महा आरती का आयोजन इस विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास भी है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि यमुना महा आरती को “जन-जागरूकता महोत्सव” के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान यमुना नदी के महत्व, उसकी वर्तमान स्थिति, प्रदूषण के कारणों और संरक्षण के उपायों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं यह कार्यक्रम पुरा महादेव महाशिवरात्रि मेले के जीरो वेस्ट महोत्सव से भी प्रेरित है जिसे भक्ति भी, प्रकृति भी थीम पर आयोजित कर बागपत प्रशासन ने इतिहास रचा था।

वेस्ट प्लास्टिक से तैयार ‘नन्ही कली देसी डॉल’ जैसे नवाचार इस आयोजन का आकर्षण होंगे, जो यह संदेश देंगे कि अपशिष्ट को भी सृजनात्मकता के माध्यम से उपयोगी बनाया जा सकता है। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के दौरान केवल आरती और पूजन ही नहीं, बल्कि श्रमदान, घाट सफाई अभियान और जल संरक्षण से जुड़े गतिविधियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। श्रद्धालुओं को प्रेरित किया जाएगा कि वे यमुना किनारे स्वच्छता बनाए रखने, कूड़ा न फैलाने और जल संरक्षण के प्रति संकल्प लें।

“संकल्प से सिद्धि” की भावना के साथ यह आयोजन लोगों को यह अहसास कराएगा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति यह ठान ले कि वह नदी में कचरा नहीं डालेगा, तो यमुना को स्वच्छ बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।

यमुना महा आरती को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे सांस्कृतिक उत्सव का रूप भी दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन, लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जो यमुना की महिमा और भारतीय संस्कृति की समृद्धि को दर्शाएंगी।

इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि लोगों में अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति गर्व की भावना भी विकसित होगी। कार्यक्रम में विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे यह आयोजन वास्तव में “जन जन का उत्सव” बन सके।

आयोजन की सफलता के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

घाट की सजावट, प्रकाश व्यवस्था और सांस्कृतिक मंचों की तैयारियां इस तरह की जा रही हैं कि आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य और अनुशासित वातावरण का अनुभव हो। यह जहां एक ओर यह लोगों की आस्था को सशक्त करेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा। यह पहल यह सिद्ध करने का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन केवल परंपरा निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का भी सशक्त साधन हो सकते हैं।

इस अवसर पर एसडीएम अमर चंद वर्मा, मनीष यादव, ईओ केके भड़ाना सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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